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कक्षा 12 गणित
अध्याय 11: त्रि-विमीय ज्यामिति — समाधान
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अवलोकन
त्रि-विमीय ज्यामिति के NCERT समाधान (अध्याय 11, NCERT कक्षा 12 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप त्रि-विमीय ज्यामिति की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
हल किए गए
इन समाधानों में क्या है
- त्रि-विमीय अंतरिक्ष में दिशा निर्धारण — अध्याय एक रेखा की दिशा को दिक्-कोसाइनों द्वारा दर्शाता है — अक्षों के साथ बने कोणों के कोसाइन — और आनुपातिक दिक्-अनुपातों द्वारा, जो सम्बंध l² + m² + n² = 1 से आबद्ध हैं, जिससे त्रि-विमा में दिशा सुसंगत रहती है।
- त्रि-विमा में रेखाओं के समीकरण — सदिश बीजगणित की सहायता से रेखाएँ सदिश रूप (r = a + λb) और समतुल्य कार्तीय रूप दोनों में लिखी जाती हैं, जिससे त्रि-विमीय ज्यामिति सरल और सुंदर बन जाती है। इनसे दो रेखाओं के बीच का कोण सीधे उनके दिक्-सदिशों के बिंदु गुणनफल से प्राप्त होता है।
- विषमतलीय रेखाओं के बीच दूरी — अध्याय विषमतलीय रेखाओं की परिभाषा करता है — न समांतर, न प्रतिच्छेदी — और उनके बीच की दूरी का कठिन प्रश्न हल करता है: उभयनिष्ठ लंब के अनुदिश उनके दिक्-सदिशों के सरेख गुणनफल से लघुतम दूरी मापी जाती है।
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