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समाधान

अवलोकन

सांतत्य तथा अवकलनीयता के NCERT समाधान (अध्याय 5, NCERT कक्षा 12 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप सांतत्य तथा अवकलनीयता की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।

हल किए गए

इन समाधानों में क्या है

  • सांतत्य बनाम अवकलनीयता — अध्याय स्पष्ट करता है कि फलन में कोई विराम न होने (सांतत्य) और सुपरिभाषित स्पर्शी होने (अवकलनीयता) का क्या अर्थ है, फिर दर्शाता है कि दोनों संबंधित तो हैं लेकिन एक-दूसरे के समतुल्य नहीं — प्रत्येक अवकलनीय फलन सतत है, किंतु |x|, x = 0 पर सतत होने के बावजूद अवकलनीय नहीं है।
  • कठिन फलनों का अवकलन — कक्षा 11 के नियमों पर निर्मित करते हुए अध्याय श्रृंखला नियम से संयुक्त फलनों का अवकलन और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय, चरघातांकी तथा लघुगणकीय फलनों के अवकलज का विस्तार करता है, जिससे बहुत विस्तृत श्रेणी के व्यंजनों का अवकलन संभव होता है।
  • विशेष अवकलन-तकनीकें — जटिल रूपों के लिए अध्याय समर्पित विधियाँ प्रस्तुत करता है — [u(x)]^v(x) जैसे घात-स्तूप व्यंजनों के लिए लघुगणकीय अवकलन; जब x और y किसी प्राचल पर निर्भर हों तो प्राचलिक अवकलन; और द्वितीय कोटि के अवकलज जो मापते हैं कि परिवर्तन की दर स्वयं कितनी तेज़ी से बदल रही है।
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