सारांश
कक्षा 5 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 13, "जानवरों की छलाँग", गुणनखंड, गुणज, उभयनिष्ठ गुणनखंड और उभयनिष्ठ गुणज की अवधारणाएँ संख्या-रेखा पर जानवरों की छलाँग और व्यूह-रचना के माध्यम से समझाता है।
- गुणनखंड और गुणज — किसी संख्या को पूर्णतः विभाजित करने वाली संख्याएँ उसके गुणनखंड कहलाती हैं। व्यूह (आयताकार पंक्तियाँ) बनाकर गुणनखंड खोजे जाते हैं — जैसे 12 के व्यूह 1×12, 2×6 और 3×4 बनते हैं, इसलिए 12 के सभी गुणनखंड 1, 2, 3, 4, 6 और 12 हैं। दो या अधिक गुणनखंडों के गुणनफल से एक गुणज प्राप्त होता है।
- संख्या-रेखा पर उभयनिष्ठ गुणज — खरगोश 4-4 की छलाँग और मेंढक 3-3 की छलाँग लगाता है — दोनों पहली बार संख्या 12 पर मिलते हैं, इसलिए 12 संख्याओं 3 व 4 का सबसे छोटा उभयनिष्ठ गुणज है। इसी प्रकार मकड़ी (3 की छलाँग) और टिड्डा (6 की छलाँग) के उभयनिष्ठ गुणज 6, 12, 18, ... हैं।
- उभयनिष्ठ गुणनखंड — जो संख्या दो या अधिक संख्याओं को पूर्णतः विभाजित करे, वह उनका उभयनिष्ठ गुणनखंड होता है। मोगली की पगडंडी की गतिविधि में विद्यार्थी यह पता करते हैं कि कौन-सी छलाँग लगाने पर मोगली शेरखान के घर (25) को टालते हुए बालू (30) तक पहुँच सकता है।
- अभाज्य संख्याएँ — जिन संख्याओं का व्यूह केवल एक पंक्ति में बनता है — जैसे 13 (1×13) और 37 (1×37) — उनके गुणनखंड केवल 1 और वह संख्या स्वयं होती है। ऐसी संख्याएँ अभाज्य संख्याएँ कहलाती हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 0112 के सभी गुणनखंड 1, 2, 3, 4, 6 और 12 हैं — व्यूह 1×12, 2×6 और 3×4 से प्राप्त
- 02प्रत्येक संख्या सदैव स्वयं की गुणज होती है; 1 और स्वयं संख्या सदैव गुणनखंड होते हैं
- 03खरगोश (4 की छलाँग) और मेंढक (3 की छलाँग) पहली बार 12 पर मिलते हैं — 3 और 4 का पहला उभयनिष्ठ गुणज 12 है
- 04मकड़ी (3) और टिड्डा (6) के उभयनिष्ठ गुणज 6 और 12 हैं; बड़ी संख्या के गुणज सदा उभयनिष्ठ गुणज होते हैं
- 054 के गुणज 4, 8, 12, 16, ... और 6 के गुणज 6, 12, 18, ... में 12 व 24 उभयनिष्ठ गुणज हैं
- 06शेरखान प्रत्येक तीसरे और बघीरा प्रत्येक पाँचवें दिन शिकार करते हैं — वे 15वें दिन एक साथ जाएँगे (3 और 5 का पहला उभयनिष्ठ गुणज)
- 0713 और 37 जैसी संख्याएँ अभाज्य हैं क्योंकि इनके केवल दो गुणनखंड — 1 और स्वयं — होते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 5 गणित मेला का अध्याय 13 'जानवरों की छलाँग' किस बारे में है?
यह अध्याय गुणनखंड, गुणज, उभयनिष्ठ गुणनखंड और उभयनिष्ठ गुणज की अवधारणाएँ सिखाता है। संख्या-रेखा पर जानवरों की छलाँग और व्यूह-रचना की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी यह समझते हैं कि कौन-सी संख्याएँ मिलकर किसी बड़ी संख्या को बनाती हैं।
02गुणनखंड किसे कहते हैं?
किसी संख्या को पूर्णतः विभाजित करने वाली प्रत्येक संख्या उसका गुणनखंड होती है। उदाहरण के लिए, 12 के गुणनखंड 1, 2, 3, 4, 6 और 12 हैं क्योंकि ये सभी 12 को पूरा-पूरा विभाजित करते हैं।
03गुणज किसे कहते हैं?
दो या अधिक गुणनखंडों के गुणनफल से गुणज प्राप्त होता है। जैसे 12, संख्याओं 1, 2, 3, 4, 6 और 12 का गुणज है। कोई भी संख्या सदैव स्वयं की गुणज होती है।
04खरगोश और मेंढक की गतिविधि उभयनिष्ठ गुणज कैसे समझाती है?
खरगोश प्रत्येक बार 4 की और मेंढक प्रत्येक बार 3 की छलाँग लगाता है, दोनों 0 से प्रारंभ करते हैं। जिन संख्याओं पर दोनों पहुँचते हैं वे 3 और 4 के उभयनिष्ठ गुणज हैं। पहला उभयनिष्ठ गुणज 12 है।
0512 के गुणनखंड क्या हैं?
12 के गुणनखंड 1, 2, 3, 4, 6 और 12 हैं। इन्हें व्यूह बनाकर पहचाना जाता है — 1×12, 2×6 और 3×4 तीनों व्यूह 12 देते हैं।
063 और 6 के उभयनिष्ठ गुणज क्या हैं?
अध्याय में मकड़ी (3 की छलाँग) और टिड्डा (6 की छलाँग) दिखाते हैं कि 3 और 6 के उभयनिष्ठ गुणज 6, 12, 18, ... हैं। बड़ी संख्या (6) के सभी गुणज दोनों संख्याओं के उभयनिष्ठ गुणज होते हैं।
07अभाज्य संख्या किसे कहते हैं? अध्याय में कौन-से उदाहरण दिए गए हैं?
जिस संख्या का व्यूह केवल एक पंक्ति में बनता हो और जिसके केवल दो गुणनखंड (1 और वह संख्या स्वयं) हों, वह अभाज्य संख्या कहलाती है। अध्याय में 13 और 37 इसके उदाहरण हैं।
08छुपी हुई संख्याओं वाला बक्सा क्या सिखाता है?
बक्से से बाहर आई संख्याएँ 28, 36, 48 और 72 हैं। इनके उभयनिष्ठ गुणनखंड 1, 2 और 4 हैं। यह गतिविधि उभयनिष्ठ गुणनखंड खोजना और गुणनखंड-गुणज के संबंध को समझना सिखाती है।
09शेरखान और बघीरा किस दिन एक साथ शिकार के लिए जाएँगे?
शेरखान हर तीसरे दिन और बघीरा हर पाँचवें दिन शिकार करता है। 3 और 5 का सबसे छोटा उभयनिष्ठ गुणज 15 है, इसलिए वे 15वें, 30वें, 45वें, ... दिन एक साथ जाएँगे।
10किसी संख्या को 2, 5 और 10 से विभाज्यता कैसे जाँचें?
अध्याय में 90, 22, 38, 30, 75 आदि संख्याओं को छाँटकर पहचाना जाता है — केवल 2 से, केवल 5 से, केवल 10 से, या तीनों से विभाज्य संख्याएँ। इससे गुणनखंड और विभाज्यता का सीधा संबंध स्पष्ट होता है।
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