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कक्षा 4 गणित

अध्याय 3: हमारे चारों ओर पैटर्न (प्रतिरूप)

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अवलोकन

सारांश

कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 3, "हमारे चारों ओर पैटर्न (प्रतिरूप)", समूह बनाकर गिनती, खेल-मुद्राओं (सिक्कों) में पैटर्न पहचानना तथा युग्मन विधि से सम और विषम संख्याओं को समझना सिखाता है। गुंडप्पा के नारियल के वृक्षों, मुनिअम्मा की थालियों और शर्ली-शिव के सिक्कों के माध्यम से विद्यार्थी 1 से 100 तक की संख्याओं में सम-विषम का अन्वेषण करते हैं।

  • समूह बनाकर गिनतीगुंडप्पा के पास नारियल के लंबे-लंबे वृक्षों का खेत है जिसे शीर्ष दृश्य में दिखाया गया है। मुनिअम्मा ट्रे में नारियल के लड्डू और दूध के पेड़े समान व्यवस्था में सजाती हैं। विद्यार्थी इन्हें अलग-अलग विधियों से गिनते हैं और अपनी विधि कक्षा में साझा करते हैं — इससे सरल एक-एक गिनती से आगे समूहन की रणनीतियाँ बनती हैं।
  • खेल-मुद्राओं में पैटर्नशर्ली और शिव 1, 2, 5 और 10 रुपये की खेल-मुद्राओं को रोचक पैटर्न में व्यवस्थित करते हैं। विद्यार्थी प्रत्येक व्यवस्था की धनराशि ज्ञात करते हैं और ₹36, ₹125 तथा ₹183 दर्शाने के लिए स्वयं सिक्कों की व्यवस्था बनाते हैं। इससे पैटर्न पहचान सीधे स्थानीय मान से जुड़ती है।
  • युग्मन विधि से सम और विषम संख्याएँशिव अपने सिक्कों को युग्मों में व्यवस्थित करता है — उसकी संख्याएँ (2, 4, 6, …) सम संख्याएँ कहलाती हैं। शर्ली की व्यवस्था में हमेशा एक सिक्का बिना जोड़ रह जाता है — उसकी संख्याएँ (1, 3, 5, …) विषम संख्याएँ कहलाती हैं। विद्यार्थी 1 से 100 तक की संख्याओं को सम-विषम में वर्गीकृत करते हैं और देखते हैं कि किसी विषम संख्या से ठीक पहले और बाद में आने वाली संख्याएँ सम होती हैं।
  • बड़ी संख्याओं में सम-विषम और पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ-संख्या पैटर्नयुग्मन का विचार 30, 46, 78, 67, 300, 154, 415 और 99 जैसी दो-तीन अंकीय संख्याओं पर लागू किया जाता है। शर्ली अपनी गणित की पाठ्यपुस्तक में पृष्ठ-संख्याओं में सम-विषम का एकान्तरी क्रम देखती है। 2 के पहाड़े में सभी गुणनफल सम हैं — यह भी विद्यार्थी जाँचते हैं।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01गुंडप्पा के नारियल के वृक्षों और मुनिअम्मा की लड्डू-पेड़े की थालियों से समूह बनाकर गिनती का अभ्यास
  2. 021, 2, 5 और 10 रुपये की खेल-मुद्राओं से ₹36, ₹125 और ₹183 दर्शाने के पैटर्न
  3. 03युग्मन विधि: जिस संख्या में सभी वस्तुएँ जोड़े बनाएँ वह सम, एक बचे तो विषम
  4. 041 से 100 तक की संख्याओं में सम और विषम की पहचान — क्रेयॉन रंग से गोला और बॉक्स गतिविधि
  5. 05किसी भी विषम संख्या से ठीक पहले और बाद की संख्याएँ सदैव सम होती हैं
  6. 06किसी भी सम संख्या से ठीक पहले और बाद की संख्याएँ विषम होती हैं — जाँचिए और चर्चा कीजिए
  7. 072 के पहाड़े में सभी गुणनफल सम हैं — विद्यार्थी इसे स्वयं खोजते हैं
  8. 08सम और विषम संख्याएँ एकान्तरी क्रम में आती हैं — यही पैटर्न पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ-संख्याओं में दिखता है
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

कक्षा 4 गणित मेला का अध्याय 3 किस विषय पर है?

यह अध्याय गिनती और संख्याओं में पैटर्न पहचानने पर है। विद्यार्थी वस्तुओं को समूह में गिनते हैं, सिक्कों के पैटर्न बनाते हैं और युग्मन विधि से सम तथा विषम संख्याओं की पहचान करते हैं।

02

सम और विषम संख्याएँ किस प्रकार परिचित कराई जाती हैं?

शिव सिक्कों को युग्मों में व्यवस्थित करता है — उसके योग (2, 4, 6, …) सम संख्याएँ हैं। शर्ली की व्यवस्था में हमेशा एक सिक्का बिना जोड़ रहता है — उसके योग (1, 3, 5, …) विषम संख्याएँ हैं।

03

युग्मन विधि क्या है?

वस्तुओं को जोड़े-जोड़े बनाकर देखिए। यदि सभी जोड़े बन जाएँ तो संख्या सम है; यदि एक वस्तु बिना जोड़ रह जाए तो संख्या विषम है।

04

इस अध्याय में गुंडप्पा, मुनिअम्मा, शर्ली और शिव कौन हैं?

गुंडप्पा के पास नारियल के वृक्षों का खेत है — विद्यार्थी उनके वृक्ष और नारियल गिनते हैं। मुनिअम्मा प्लेटें-कप बनाती हैं और लड्डू-पेड़े थालियों में सजाती हैं। शर्ली और शिव दो बच्चे हैं जो सिक्कों को अलग-अलग पैटर्न में रखकर सम-विषम संख्याएँ खोजते हैं।

05

क्या 2 के पहाड़े में सभी गुणनफल सम होते हैं?

हाँ। अध्याय में विद्यार्थी 2 के पहाड़े की जाँच करते हैं और पाते हैं कि प्रत्येक परिणाम को पूर्ण जोड़ों में व्यवस्थित किया जा सकता है — अर्थात सभी सम हैं।

06

किसी विषम संख्या से ठीक पहले और बाद में क्या होता है?

शर्ली देखती है कि किसी भी विषम संख्या से ठीक पहले और ठीक बाद आने वाली संख्याएँ सदैव सम होती हैं। इसी प्रकार किसी भी सम संख्या से पहले और बाद की संख्याएँ विषम होती हैं — विद्यार्थी इसे जाँचते हैं।

07

अध्याय 3 में खेल-मुद्राओं से कौन-सी धनराशियाँ दर्शाई जाती हैं?

1, 2, 5 और 10 रुपये की खेल-मुद्राओं का उपयोग करके ₹36, ₹125 और ₹183 दर्शाए जाते हैं। फिर सहपाठियों से पूछा जाता है कि यह कितनी धनराशि है।

08

154 या 300 जैसी बड़ी संख्या सम है या विषम — कैसे जानें?

अध्याय में युग्मन का विचार बड़ी संख्याओं पर भी लागू होता है। व्यावहारिक रूप से अंतिम अंक 0, 2, 4, 6, 8 हो तो सम; 1, 3, 5, 7, 9 हो तो विषम। विद्यार्थी इसे युग्मन अवधारणा से सत्यापित करते हैं।

09

सम और विषम संख्याओं का एकान्तरी क्रम क्या है?

वे विषम, सम, विषम, सम के क्रम में आती हैं। शर्ली अपनी गणित की पाठ्यपुस्तक के पृष्ठों में यही एकान्तरी पैटर्न देखती है — बाएँ और दाएँ के पृष्ठ हमेशा एक सम, एक विषम होते हैं।

10

क्रेयॉन रंग गतिविधि क्या है?

1 से 100 तक की संख्याओं वाले चार्ट में प्रत्येक विषम संख्या पर गोला और प्रत्येक सम संख्या के चारों ओर बॉक्स बनाया जाता है। इससे युग्मन पैटर्न स्पष्ट रूप से दिखता है और संख्याओं को शीघ्रता से वर्गीकृत करने का अभ्यास होता है।

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