हमारे आस-पास की आकृतियाँ
कक्षा 4 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 1, "हमारे आस-पास की आकृतियाँ", त्रि-आयामी (3डी) आकृतियों — प्रिज्म, पिरामिड, घन, घनाभ — के फलकों, किनारों और कोनों का अन्वेषण करता है तथा कोणों (समकोण, न्यूनकोण, अधिककोण) और वृत्त (त्रिज्या, व्यास) का परिचय देता है। दीक्षा की दिल्ली-यात्रा में इंडिया गेट, कुतुब मीनार और अक्षरधाम जैसे स्मारकों से जुड़ी गतिविधियाँ, जाल (नेट) को मोड़कर आकृतियाँ बनाना और F + V − E का सम्बन्ध इस अध्याय की विशेषताएँ हैं।
- 1दीक्षा की दिल्ली-यात्रा — इंडिया गेट, कुतुब मीनार, सफदरजंग मकबरा, अक्षरधाम, जंतर-मंतर और संसद भवन — 3डी आकृतियों के अन्वेषण का आधार है
- 2कुतुब मीनार एक विश्व-प्रसिद्ध धरोहर स्थल है; इसमें 5 मंजिलें और 379 सीढ़ियाँ हैं
- 3पुस्तक के अंत में दिए गए जालों को मोड़कर प्रिज्म और पिरामिड बनाए जाते हैं
- 4F + V − E का मान प्रत्येक 3डी आकृति के लिए परिकलित करने पर एक सम्बन्ध दिखता है
- 5पासे (dice) की विपरीत फलकों का योग 7 होता है — 1 के विपरीत 6, 2 के विपरीत 5, 3 के विपरीत 4
