अध्याय 5: हमारे आस-पास के परिवर्तन: भौतिक एवं रासायनिक
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कक्षा 7 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 5, "हमारे आस-पास के परिवर्तन: भौतिक एवं रासायनिक", भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों में अंतर करना सिखाता है, दहन की अग्नि-त्रिकोण अवधारणा, जंग लगना, प्रत्यावर्ती एवं अप्रत्यावर्ती परिवर्तन, तथा प्राकृतिक प्रक्रियाओं जैसे अपक्षय और अपरदन को समझाता है।
- भौतिक और रासायनिक परिवर्तन की पहचान — भौतिक परिवर्तन में केवल आकार, आमाप या अवस्था बदलती है और कोई नया पदार्थ नहीं बनता — जैसे कागज मोड़ना या बर्फ पिघलना। रासायनिक परिवर्तन में एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं — जैसे चूने के पानी में हवा फूँकने पर वह दूधिया हो जाता है।
- दहन और अग्नि-त्रिकोण — दहन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर ऊष्मा एवं प्रकाश उत्पन्न करता है। इसके लिए तीन चीजें आवश्यक हैं — दहनशील पदार्थ (ईंधन), ऑक्सीजन, और प्रज्वलन तापमान तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त ऊष्मा।
- प्रत्यावर्ती और अप्रत्यावर्ती परिवर्तन — परिवर्तनों को उलटा जा सकता है या नहीं, इस आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है — बर्फ को फिर जमाया जा सकता है किंतु पॉपकॉर्न से मक्का वापस नहीं बनाया जा सकता। साथ ही परिवर्तन वांछनीय (जैसे खाना पकाना) या अवांछनीय (जैसे लोहे पर जंग लगना) भी हो सकते हैं।
- अपक्षय और अपरदन — धीमे प्राकृतिक परिवर्तन — अपक्षय उन भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों का सम्मिलित नाम है जो चट्टानों को टुकड़ों में तोड़कर अंततः मिट्टी बनाते हैं, जबकि अपरदन वह भौतिक प्रक्रिया है जिसमें वायु और बहता जल चट्टान व मिट्टी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01भौतिक परिवर्तन में केवल पदार्थ के भौतिक गुण (आकार, आमाप, अवस्था) बदलते हैं; कोई नया पदार्थ नहीं बनता। उदाहरण: कागज मोड़ना, गुब्बारा फुलाना, बर्फ पिघलना।
- 02रासायनिक परिवर्तन में एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं। उदाहरण: चूने के पानी में साँस छोड़ने पर वह दूधिया हो जाता है; सिरके में बेकिंग सोडा मिलाने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।
- 03चूने के पानी का परीक्षण कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति जाँचने के लिए किया जाता है — CO₂ की उपस्थिति में चूना पानी दूधिया हो जाता है।
- 04दहन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर ऊष्मा एवं/या प्रकाश उत्पन्न करता है। लकड़ी, कागज, कपास और मिट्टी का तेल दहनशील पदार्थों के उदाहरण हैं।
- 05दहन के लिए तीन शर्तें (अग्नि-त्रिकोण) आवश्यक हैं: दहनशील पदार्थ (ईंधन), ऑक्सीजन, तथा ईंधन को उसके प्रज्वलन तापमान तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त ऊष्मा।
- 06प्रज्वलन तापमान वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ता है। जलती हुई माचिस की तीली कागज के प्रज्वलन तापमान से अधिक होती है, इसलिए कागज तुरंत जल उठता है।
- 07मोमबत्ती जलाने में भौतिक परिवर्तन (मोम का पिघलना, ठोस होना, वाष्पन) और रासायनिक परिवर्तन (मोम-वाष्प का जलना) दोनों होते हैं।
- 08लोहे में जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि एक नया पदार्थ — आयरन ऑक्साइड (जंग) — बनता है।
- 09परिवर्तन प्रत्यावर्ती (जैसे बर्फ को पुनः जमाया जा सकता है) या अप्रत्यावर्ती (जैसे पॉपकॉर्न को वापस मक्का नहीं बनाया जा सकता) हो सकते हैं।
- 10अपक्षय चट्टानों को भौतिक और रासायनिक क्रियाओं द्वारा छोटे टुकड़ों में तोड़ने और अंततः मिट्टी बनाने की सामूहिक प्रक्रिया है; अपरदन वह भौतिक प्रक्रिया है जिसमें वायु और बहता जल चट्टान तथा तलछट को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं।
- 11जुगनुओं में प्रकाश — जो बिना ऊष्मा के उत्पन्न होता है — जैव-संदीप्ति (bioluminescence) कहलाता है और यह एक रासायनिक परिवर्तन का परिणाम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01अध्याय 5 'हमारे आस-पास के परिवर्तन: भौतिक एवं रासायनिक' किस बारे में है?
यह अध्याय भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों में अंतर करना सिखाता है। इसमें दहन, जंग लगना, चूने के पानी का परीक्षण, प्रत्यावर्ती एवं अप्रत्यावर्ती परिवर्तन, वांछनीय एवं अवांछनीय परिवर्तन, तथा अपक्षय और अपरदन जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।
02भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में क्या अंतर है?
भौतिक परिवर्तन में केवल पदार्थ के भौतिक गुण जैसे आकार, आमाप या अवस्था बदलते हैं और कोई नया पदार्थ नहीं बनता — जैसे कागज मोड़ना, चॉक का चूरा करना या बर्फ पिघलना। रासायनिक परिवर्तन में रासायनिक अभिक्रिया द्वारा एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं — जैसे साँस छोड़ी हुई हवा को चूने के पानी में फूँकने पर कैल्शियम कार्बोनेट बनता है और चूना पानी दूधिया हो जाता है।
03दहन क्या है? दहनशील पदार्थों के उदाहरण दीजिए।
दहन वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर ऊष्मा एवं/या प्रकाश उत्पन्न करता है। जो पदार्थ दहन करते हैं उन्हें दहनशील पदार्थ कहते हैं। अध्याय में दिए गए उदाहरण हैं — लकड़ी, कागज, कपास और मिट्टी का तेल।
04दहन के लिए कौन-सी तीन शर्तें आवश्यक हैं?
अध्याय में वर्णित अग्नि-त्रिकोण के अनुसार दहन के लिए आवश्यक है: (i) एक दहनशील पदार्थ (ईंधन), (ii) ऑक्सीजन, तथा (iii) इतनी ऊष्मा जो ईंधन को उसके प्रज्वलन तापमान तक पहुँचा सके।
05प्रज्वलन तापमान क्या होता है?
प्रज्वलन तापमान वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ता है। अध्याय में यह आवर्धक काँच से सूर्य की किरणें केंद्रित करके कागज को प्रज्वलित करने के उदाहरण द्वारा स्पष्ट किया गया है।
06काँच के गिलास से ढकी मोमबत्ती क्यों बुझ जाती है?
काँच का गिलास वायु (विशेषतः ऑक्सीजन) की निरंतर आपूर्ति बंद कर देता है। जैसे ही गिलास के अंदर की ऑक्सीजन खत्म हो जाती है, दहन रुक जाता है और लौ बुझ जाती है। पेट्री डिश में चूने का पानी डालने पर वह दूधिया हो जाता है, जिससे अंदर कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति सिद्ध होती है।
07मोमबत्ती जलाना भौतिक परिवर्तन है या रासायनिक?
मोमबत्ती जलाने में दोनों प्रकार के परिवर्तन होते हैं। मोम का पिघलना, बाती में चढ़ना और वाष्पन — ये भौतिक परिवर्तन हैं। मोम-वाष्प का जलकर लौ उत्पन्न करना रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नए पदार्थ बनते हैं। अतः इस प्रक्रिया में दोनों परिवर्तन एक साथ होते हैं।
08कार्बन डाइऑक्साइड गैस की उपस्थिति की जाँच कैसे करते हैं?
गैस को ताजे चूने के पानी में प्रवाहित करते हैं। यदि कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है तो चूना पानी दूधिया (धुंधला) हो जाता है क्योंकि अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट बनता है।
09सिरके में बेकिंग सोडा मिलाने पर क्या होता है? यह किस प्रकार का परिवर्तन है?
सिरके (या नींबू के रस) में बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) मिलाने पर बुलबुले और फिजफिजाहट उत्पन्न होती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है — इसे चूने के पानी से सत्यापित किया जाता है। चूँकि नए पदार्थ बनते हैं, यह रासायनिक परिवर्तन है।
10लोहे में जंग लगना किस प्रकार का परिवर्तन है?
लोहे में जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें एक नया भूरे रंग का पदार्थ — जंग (आयरन ऑक्साइड) — बनता है। मूल लोहा अपने मूल रूप में नहीं रहता।
11प्रत्यावर्ती और अप्रत्यावर्ती परिवर्तन में क्या अंतर है?
प्रत्यावर्ती परिवर्तन में मूल वस्तु या पदार्थ को पुनः प्राप्त किया जा सकता है — जैसे बर्फ (इसे पुनः जमाया जा सकता है) या उबलता जल (वाष्प को पुनः संघनित किया जा सकता है)। अप्रत्यावर्ती परिवर्तन को वापस नहीं किया जा सकता — जैसे कटी हुई सब्जियाँ या पॉपकॉर्न।
12चट्टानों का अपक्षय क्या है?
अपक्षय उन भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों का सम्मिलित नाम है जो चट्टानों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर अंततः मिट्टी बनाते हैं। भौतिक कारणों में तापमान परिवर्तन, वृक्षों की जड़ें और चट्टानों की दरारों में जल का जमना शामिल हैं; रासायनिक अपक्षय में जल या उसमें घुले रसायन चट्टान के खनिजों से अभिक्रिया करते हैं।
13अपरदन क्या है और यह अपक्षय से कैसे अलग है?
अपरदन वह भौतिक प्रक्रिया है जिसमें वायु और बहता जल चट्टान के टुकड़ों, मिट्टी और तलछट को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं। अपक्षय चट्टानों के अपने स्थान पर टूटने की व्यापक प्रक्रिया है; अपरदन टूटे हुए पदार्थ को स्थानांतरित करती है। नदी की चट्टानें बहते जल के निरंतर अपरदन के कारण चिकनी दिखती हैं।
14जैव-संदीप्ति क्या है?
जैव-संदीप्ति (bioluminescence) सजीवों में रासायनिक परिवर्तन के माध्यम से बिना ऊष्मा के प्रकाश उत्पन्न होने की प्रक्रिया है। अध्याय में जुगनुओं का उदाहरण दिया गया है जो सायंकाल इसी रासायनिक प्रक्रिया द्वारा प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
15क्या एनसीईआरटी कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 5 की पीडीएफ निःशुल्क डाउनलोड के लिए उपलब्ध है?
हाँ, पीडीएफ ncerthindi.com पर निःशुल्क पढ़ी और डाउनलोड की जा सकती है। कोई पंजीकरण या खाता आवश्यक नहीं है।
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