विज्ञान (जिज्ञासा) पर वापस
अवलोकन

सारांश

कक्षा 7 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 3, "विद्युत परिपथ एवं उनके घटक", विद्युत के विभिन्न उपयोगों और एक सरल विद्युत परिपथ के घटकों — सेल, बैटरी, तापदीप्त लैंप, एल.ई.डी., स्विच और तारों — का परिचय देता है तथा यह सिखाता है कि पदार्थों को विद्युत के सुचालक या कुचालक के रूप में कैसे पहचाना जाए।

  • एक सरल विद्युत परिपथ बनानाटॉर्च से शुरू करके विद्यार्थी परिपथ के घटकों को जोड़ना सीखते हैं — सेल और बैटरी ऊर्जा स्रोत के रूप में, लैंप प्रकाश के लिए, स्विच धारा को चालू-बंद करने के लिए। लैंप तभी दीप्तिमान होता है जब परिपथ संपूरित होता है और धारा प्रवाहित होती है।
  • तापदीप्त लैंप और एल.ई.डी. में अंतरतापदीप्त लैंप में पतला तंतु (फिलामेंट) गरम होकर प्रकाश देता है; यदि तंतु टूट जाए तो लैंप फ्यूज हो जाता है। एल.ई.डी. (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) में तंतु नहीं होता और इसमें धारा केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है — लंबा तार धनात्मक सिरा होता है।
  • परिपथ आरेख पढ़ना और बनानाविद्युत-घटकों को यथार्थवादी रूप में न बनाकर उनके मानक प्रतीकों से दर्शाया जाता है — एक साझी दृश्य-भाषा जो IEC, ANSI और IEEE जैसी संस्थाओं द्वारा निर्धारित है। परिपथ आरेख से किसी भी परिपथ को समझना और बनाना सरल हो जाता है।
  • सुचालक और कुचालकजो सामग्रियाँ विद्युत सरलता से प्रवाहित करती हैं वे सुचालक (धातुएँ — ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा) हैं; जो प्रवाहित नहीं करतीं वे कुचालक (रबड़, प्लास्टिक, लकड़ी) हैं। इसीलिए तार ताँबे के बने और रबड़/प्लास्टिक से ढके होते हैं।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01विद्युत सेल — ऊर्जा का सुवाह्य स्रोत; दो सिरे होते हैं: धनात्मक (+) सिरा (धातु की टोपी) और ऋणात्मक (–) सिरा (धातु की चकती)।
  2. 02बैटरी — दो या दो से अधिक सेलों का श्रेणी संयोजन; एक सेल का धनात्मक सिरा अगले सेल के ऋणात्मक सिरे से जुड़ता है।
  3. 03तापदीप्त लैंप — काँच के बल्ब के भीतर पतला तंतु धारा प्रवाहित होने पर गरम होकर प्रकाश देता है; तंतु टूटने पर लैंप फ्यूज हो जाता है।
  4. 04एल.ई.डी. — तंतु नहीं होता; इसमें ध्रुवता होती है — लंबा तार धनात्मक और छोटा तार ऋणात्मक सिरा होता है; धारा केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है।
  5. 05विद्युत परिपथ — धारा के प्रवाह के लिए संपूरित पथ आवश्यक है; धारा की दिशा सदैव सेल के धनात्मक से ऋणात्मक सिरे की ओर होती है।
  6. 06स्विच — परिपथ को जोड़ने (ON/बंद) या तोड़ने (OFF/खुला) वाली युक्ति; परिपथ में कहीं भी लगाई जा सकती है।
  7. 07परिपथ आरेख में सेल के प्रतीक में लंबी रेखा धनात्मक और छोटी रेखा ऋणात्मक सिरे को दर्शाती है।
  8. 08सुचालक — वे सामग्रियाँ जो विद्युत सरलता से प्रवाहित करती हैं (जैसे — धातुएँ; ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा)।
  9. 09कुचालक — वे सामग्रियाँ जो विद्युत प्रवाहित नहीं करतीं (जैसे — रबड़, प्लास्टिक, लकड़ी, पत्थर, नायलॉन)।
  10. 10चाँदी, ताँबा और सोना — सर्वोत्तम विद्युत सुचालक; ताँबे का उपयोग तारों में अपेक्षाकृत कम लागत के कारण किया जाता है।
  11. 11बैटरी से प्राप्त विद्युत — दिष्ट धारा (DC); घरेलू बिजली के स्विच-बोर्ड से प्राप्त विद्युत — प्रत्यावर्ती धारा (AC)।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

कक्षा 7 विज्ञान (जिज्ञासा) का अध्याय 3 किस बारे में है?

अध्याय 3 'विद्युत परिपथ एवं उनके घटक' विद्युत के विभिन्न उपयोगों और एक सरल विद्युत परिपथ के घटकों — सेल, बैटरी, तापदीप्त लैंप, एल.ई.डी., स्विच और तार — का परिचय देता है। इसमें परिपथ आरेख बनाना और पदार्थों को सुचालक या कुचालक के रूप में पहचानना भी सिखाया जाता है।

02

विद्युत सेल क्या होता है और इसके कितने सिरे होते हैं?

विद्युत सेल ऊर्जा का एक सुवाह्य स्रोत है। इसके दो सिरे होते हैं — धनात्मक (+) सिरा जो धातु की उभरी टोपी होती है, और ऋणात्मक (–) सिरा जो धातु की चपटी चकती होती है।

03

बैटरी और एकल सेल में क्या अंतर है?

बैटरी दो या दो से अधिक सेलों का ऐसा संयोजन है जिसमें एक सेल का धनात्मक सिरा अगले सेल के ऋणात्मक सिरे से जोड़ा जाता है। अधिक सेल जोड़ने से परिपथ में ऊर्जा अधिक समय तक और/अथवा अधिक मात्रा में प्राप्त होती है। (नोट: 'बैटरी' शब्द का उपयोग एकल सेल के लिए भी होता है।)

04

तापदीप्त लैंप में तंतु (फिलामेंट) क्या होता है?

तंतु लैंप के काँच के बल्ब के भीतर लगा एक पतला तार होता है। विद्युत धारा प्रवाहित होने पर यह गरम होकर प्रकाश उत्सर्जित करता है। यदि तंतु टूट जाए तो लैंप फ्यूज हो जाता है क्योंकि टूटा हुआ तंतु धारा के प्रवाह को रोक देता है।

05

तापदीप्त लैंप और एल.ई.डी. में क्या अंतर है?

तापदीप्त लैंप में तंतु गरम होकर प्रकाश देता है; इसमें ध्रुवता का कोई प्रभाव नहीं होता। एल.ई.डी. (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) में तंतु नहीं होता और इसमें धारा केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है — लंबे तार (धनात्मक) को बैटरी के धनात्मक सिरे से और छोटे तार (ऋणात्मक) को बैटरी के ऋणात्मक सिरे से जोड़ना आवश्यक है।

06

एल.ई.डी. एक संयोजन में दीप्तिमान होती है और दूसरे में नहीं — क्यों?

एल.ई.डी. में धारा केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है। यह तभी दीप्तिमान होती है जब इसका धनात्मक सिरा (लंबा तार) बैटरी के धनात्मक सिरे से और ऋणात्मक सिरा (छोटा तार) बैटरी के ऋणात्मक सिरे से जोड़ा जाए। तार बदल देने पर धारा नहीं बहती और एल.ई.डी. दीप्तिमान नहीं होती।

07

विद्युत परिपथ क्या होता है और लैंप कब दीप्तिमान होता है?

विद्युत परिपथ वह व्यवस्था है जो विद्युत धारा के प्रवाह के लिए एक संपूरित पथ प्रदान करती है। लैंप तभी दीप्तिमान होता है जब इसका एक सिरा सेल के एक टर्मिनल से और दूसरा सिरा दूसरे टर्मिनल से जुड़ा हो। परिपथ कहीं भी टूटने पर धारा रुक जाती है और लैंप बुझ जाता है।

08

स्विच परिपथ में क्या करता है?

स्विच एक सरल युक्ति है जो परिपथ को जोड़ती या तोड़ती है। ON स्थिति में परिपथ संपूरित होता है और धारा प्रवाहित होती है जिससे लैंप दीप्तिमान होता है। OFF स्थिति में परिपथ में अंतराल उत्पन्न हो जाता है और लैंप बुझ जाता है। स्विच परिपथ में कहीं भी लगाई जा सकती है।

09

परिपथ आरेख क्या होता है और इसमें प्रतीक क्यों उपयोग किए जाते हैं?

परिपथ आरेख में सेल, बैटरी, लैंप, एल.ई.डी., स्विच और तारों को उनके मानक प्रतीकों से दर्शाया जाता है। IEC, ANSI और IEEE जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ ये प्रतीक निर्धारित करती हैं ताकि विभिन्न देशों और क्षेत्रों के लोग परिपथ को आसानी से समझ सकें।

10

विद्युत सुचालक और कुचालक क्या हैं? उदाहरण दीजिए।

जो सामग्रियाँ विद्युत सरलता से प्रवाहित करती हैं, वे सुचालक हैं — सभी धातुएँ सुचालक हैं; ताँबा, ऐलुमिनियम और लोहा इसके उदाहरण हैं। जो सामग्रियाँ विद्युत प्रवाहित नहीं करतीं, वे कुचालक हैं — रबड़, प्लास्टिक, लकड़ी, पत्थर और नायलॉन इसके उदाहरण हैं।

11

विद्युत तारों पर रबड़ या प्लास्टिक का आवरण क्यों होता है?

रबड़ और प्लास्टिक विद्युत के कुचालक हैं। तारों पर इनका आवरण चढ़ाया जाता है ताकि छूने पर विद्युत-आघात न लगे, क्योंकि हमारा शरीर विद्युत का सुचालक है और विद्युत धारा का शरीर से गुजरना गंभीर चोट या मृत्यु का कारण बन सकता है।

12

क्या कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 का PDF निःशुल्क उपलब्ध है?

हाँ, ncerthindi.com पर कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 3 का PDF पूरी तरह निःशुल्क पढ़ा और डाउनलोड किया जा सकता है — किसी खाते या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं।

Keep learning

More chapters in विज्ञान (जिज्ञासा)

विज्ञान (जिज्ञासा) कक्षा 7 विज्ञान की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 3 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 7 पाठ्यपुस्तकें देखें।