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अवलोकन

सारांश

कक्षा 7 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 4, "धातुओं और अधातुओं का संसार", विद्यार्थियों को धातुओं और अधातुओं में अंतर करना सिखाता है — इसमें आघातवर्धनीयता, तन्यता, ध्वानिकता, ऊष्मा एवं विद्युत चालन जैसे पाँच प्रमुख भौतिक गुणधर्मों की जाँच की जाती है और यह भी बताया जाता है कि वायु और जल के संपर्क में आने पर लोहे पर जंग तथा ताँबे पर संक्षारण कैसे होता है।

  • धातुओं को अलग करने वाले गुणधर्मधातुएँ कुछ विशिष्ट भौतिक गुणधर्म दर्शाती हैं — द्युति (चमक), कठोरता, आघातवर्धनीयता (पीटने पर चादर बनना), तन्यता (तार खींचना), ध्वानिकता (ठनकने पर निनाद ध्वनि) और ऊष्मा व विद्युत की सुचालकता। अधातुएँ सामान्यतः द्युतिहीन, भंगुर और कुचालक होती हैं।
  • जंग और संक्षारणलोहे पर जंग लगने के लिए जल और वायु — दोनों का एक साथ उपस्थित होना आवश्यक है; केवल शुष्क वायु या केवल जल से जंग नहीं लगता। संक्षारण एक व्यापक प्रक्रिया है — ताँबे पर हरी परत, चाँदी पर काली परत। रंग-रोगन, तेल, ग्रीज और गैल्वेनाइजेशन (जिंक की परत) से जंग रोका जा सकता है।
  • अम्लीय और क्षारीय ऑक्साइडधातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं — मैग्नीशियम ऑक्साइड का विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है। अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं — सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है जो नीले लिटमस को लाल करता है। यह अध्याय 2 से जुड़ा है।
  • अधातुओं का महत्त्वअधातुएँ जीवन और उद्योग के लिए आवश्यक हैं — ऑक्सीजन श्वसन के लिए, कार्बन सभी जीवों का आधार, नाइट्रोजन उर्वरकों में, क्लोरीन जल-शुद्धिकरण के लिए और आयोडीन पूतिरोधी के रूप में। सोडियम जैसी धातुएँ इतनी अभिक्रियाशील हैं कि उन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01धातुएँ (ताँबा, ऐलुमिनियम, लोहा) द्युतिमय, कठोर, आघातवर्धनीय और तन्य होती हैं; अधातुएँ (कोयला, सल्फर) द्युतिहीन और भंगुर होती हैं।
  2. 02आघातवर्धनीयता — पीटकर पतली चादर बनाने का गुण; सोना और चाँदी सर्वाधिक आघातवर्धनीय हैं; मिठाइयों पर चाँदी का वर्क और खाद्य वस्तुओं पर ऐलुमिनियम पत्रक इसके उदाहरण हैं।
  3. 03तन्यता — तार में खींचे जाने का गुण; सोना इतना तन्य है कि एक ग्राम सोने से 2 किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है।
  4. 04ध्वानिकता — धातुओं का वह गुण जिससे वे ठनकने पर निनाद ध्वनि उत्पन्न करती हैं; अधातुएँ (कोयला, लकड़ी) हल्की ध्वनि उत्पन्न करती हैं। विद्यालय की घंटी और घुँघरुओं की ध्वनि इसी कारण होती है।
  5. 05धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं; अधातुएँ सामान्यतः कुचालक — इसीलिए भोजन पकाने के पात्र धातु के और उनके हत्थे लकड़ी के बनाए जाते हैं।
  6. 06लोहे पर जंग — इसके लिए जल और वायु दोनों की एक साथ उपस्थिति आवश्यक है; केवल शुष्क वायु (बोतल 'क') या केवल जल (बोतल 'ख') से जंग नहीं लगता।
  7. 07संक्षारण — जल, वायु या अन्य पदार्थों के कारण धातुओं की सतह का धीरे-धीरे ह्रास; ताँबे पर हरी परत और चाँदी पर काली परत इसके उदाहरण हैं।
  8. 08जंग से बचाने के उपाय — रंग-रोगन, तेल, ग्रीज लगाना और गैल्वेनाइजेशन (लोहे पर जिंक धातु की सुरक्षात्मक परत चढ़ाना)।
  9. 09धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं (मैग्नीशियम ऑक्साइड का विलयन लाल लिटमस को नीला करता है); अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं (सल्फर डाइऑक्साइड जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है जो नीले लिटमस को लाल करता है)।
  10. 10अधातुओं के दैनिक उपयोग — ऑक्सीजन (श्वसन), कार्बन (जीवों का आधार), नाइट्रोजन (उर्वरक), क्लोरीन (जल-शुद्धिकरण), आयोडीन (पूतिरोधी)।
  11. 11सोडियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है क्योंकि यह ऑक्सीजन और जल दोनों से तीव्रता से अभिक्रिया करता है; फास्फोरस को जल में रखा जाता है क्योंकि यह वायु के संपर्क में आने पर आग पकड़ लेता है।
  12. 12धातु और अधातु — तत्त्व हैं अर्थात् वे सरल पदार्थों में विभाजित नहीं हो सकते; वर्तमान में 118 तत्त्व ज्ञात हैं।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

कक्षा 7 विज्ञान जिज्ञासा का अध्याय 4 किस बारे में है?

अध्याय 4 'धातुओं और अधातुओं का संसार' में धातुओं और अधातुओं के भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों की जाँच की जाती है — आघातवर्धनीयता, तन्यता, ध्वानिकता, ऊष्मा व विद्युत चालन, वायु और जल से अभिक्रिया करके जंग और संक्षारण बनाना।

02

आघातवर्धनीयता क्या है और कौन-सी धातुएँ यह गुण दर्शाती हैं?

आघातवर्धनीयता वह गुण है जिससे पदार्थों को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है। अधिकांश धातुएँ इस गुण को दर्शाती हैं। सोना और चाँदी सर्वाधिक आघातवर्धनीय हैं; मिठाइयों पर चाँदी का वर्क और खाद्य वस्तुओं को लपेटने में ऐलुमिनियम पत्रक इसके सामान्य उदाहरण हैं।

03

तन्यता क्या है? सोना कितना तन्य है?

तन्यता वह गुण है जिससे पदार्थों को तार में खींचा जा सकता है। यह गुण मुख्यतः धातुओं में होता है। सोना अत्यंत तन्य है — एक ग्राम सोने से 2 किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है।

04

धातुओं में ध्वानिकता क्या होती है?

ध्वानिकता धातुओं का वह गुण है जिसके कारण वे ठनकने या गिरने पर निनाद ध्वनि उत्पन्न करती हैं। धातु का चम्मच या सिक्का गिरने पर ठनठन की ध्वनि होती है जबकि कोयला या लकड़ी हल्की ध्वनि उत्पन्न करते हैं। विद्यालय की घंटी और घुँघरुओं की ध्वनि धातुओं की ध्वानिकता के कारण ही होती है।

05

खाना पकाने के पात्र धातु के क्यों होते हैं जबकि हत्थे लकड़ी के?

धातुएँ ऊष्मा की सुचालक हैं इसलिए ऊष्मा आसानी से स्थानांतरित होती है — यह पात्रों के लिए आदर्श है। लकड़ी ऊष्मा की कुचालक है इसलिए लकड़ी के हत्थे गरम नहीं होते और उपयोगकर्ता का हाथ सुरक्षित रहता है।

06

लोहे पर जंग लगने के लिए क्या-क्या आवश्यक है?

लोहे पर जंग लगने के लिए जल और वायु — दोनों की एक साथ उपस्थिति आवश्यक है। केवल शुष्क वायु (बोतल 'क') या केवल ऐसे जल से जिसमें वायु न हो (बोतल 'ख') जंग नहीं लगता। जब कील जल और वायु दोनों के संपर्क में हो (बोतल 'ग') तभी भूरे रंग का निक्षेप (जंग) विकसित होता है।

07

जंग और संक्षारण में क्या अंतर है?

जंग लगना वह प्रक्रिया है जिसमें लोहे की वस्तुओं पर नम वायु के संपर्क में आने से भूरे रंग का निक्षेप विकसित होता है। संक्षारण एक व्यापक शब्द है — जल, वायु या अन्य पदार्थों के कारण किसी भी धातु की सतह का धीरे-धीरे ह्रास; जैसे ताँबे पर हरी और चाँदी पर काली परत।

08

लोहे को जंग से कैसे बचाया जा सकता है?

लोहे को जंग से बचाने के उपाय हैं — रंग-रोगन करना, तेल लगाना, ग्रीज लगाना और गैल्वेनाइजेशन — जिसमें लोहे पर जिंक धातु की सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है।

09

धातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं या क्षारीय? अधातु ऑक्साइड के बारे में क्या?

धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं — जैसे मैग्नीशियम ऑक्साइड का विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है। अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं — सल्फर ऑक्सीजन में जलकर सल्फर डाइऑक्साइड बनाता है जो जल में घुलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है और नीले लिटमस को लाल करता है।

10

सोडियम को मिट्टी के तेल में और फास्फोरस को जल में क्यों रखते हैं?

सोडियम ऑक्सीजन और जल दोनों से तीव्रता से अभिक्रिया करता है और अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है इसलिए इसे मिट्टी के तेल में रखा जाता है। फास्फोरस वायु के संपर्क में आने पर आग पकड़ लेता है इसलिए इसे जल में रखा जाता है।

11

क्या सभी धातुएँ कठोर और ठोस होती हैं?

नहीं, सभी धातुएँ कठोर और ठोस नहीं होतीं। सोडियम और पोटैशियम इतनी नरम हैं कि उन्हें चाकू से काटा जा सकता है। पारा एक धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहती है और तापमापी में देखी जाती है।

12

अधातुओं के दैनिक जीवन में क्या-क्या उपयोग हैं?

ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है। कार्बन सभी जीव-रूपों का निर्माण-खंड है। नाइट्रोजन उर्वरकों के निर्माण में उपयोग होती है। क्लोरीन जल-शुद्धिकरण में प्रयोग होती है। आयोडीन का विलयन घावों पर पूतिरोधी के रूप में लगाया जाता है।

13

क्या कक्षा 7 जिज्ञासा अध्याय 4 का PDF निःशुल्क उपलब्ध है?

हाँ, ncerthindi.com पर कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 4 का PDF पूरी तरह निःशुल्क पढ़ा और डाउनलोड किया जा सकता है — किसी खाते या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं।

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