सारांश
कक्षा 3 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला) का अध्याय 12, "लेन-देन", बच्चों को बॉक्स-आरेख, सैकड़ा-दहाई-इकाई (HTO) खंड और संख्या-रेखा के ज़रिए तीन-अंकीय संख्याओं का जोड़ और घटाना सिखाता है — किशन की पौधशाला और गाँव के दुकानदार की कमाई जैसे वास्तविक संदर्भों में।
- तीन-अंकीय जोड़ और घटाव — बच्चे तीन-अंकीय संख्याओं को सैकड़ा, दहाई और इकाई में तोड़कर जोड़ते और घटाते हैं। वे पुनर्समूहन सीखते हैं — जैसे जोड़ में 10 दहाइयाँ मिलाने पर 1 सैकड़ा बनता है और घटाव में 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदला जाता है।
- बॉक्स-आरेख और संख्या-रेखा — बॉक्स-आरेख एक दृश्य साधन है जो हल करने से पहले समस्या को बॉक्स और तीरों से दर्शाता है। बच्चे संख्या-रेखा पर आगे (जोड़ के लिए) या पीछे (घटाव के लिए) कदम गिनकर भी उत्तर निकालते हैं।
- मुद्रा और विनिमय — अध्याय जोड़-घटाव को वास्तविक रुपये-पैसे से जोड़ता है — बच्चे नोट और सिक्कों का मिलान करते हैं, एक ही राशि चुकाने के कई तरीके खोजते हैं और खरीद-बिक्री की समस्याएँ सुलझाते हैं।
- अनुमान — हर समस्या हल करने से पहले बच्चे निकटतम सौ में उत्तर का अनुमान लगाते हैं। इससे यह समझ आती है कि अंतिम उत्तर उचित है या नहीं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01सैकड़ा-दहाई-इकाई (HTO) खंडों से तीन-अंकीय संख्याओं का जोड़ और घटाव।
- 02समस्या हल करने से पहले बॉक्स-आरेख से उसे दृश्य रूप में प्रस्तुत करना।
- 03पुनर्समूहन: घटाव में 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदलना या जोड़ में 10 दहाइयों को 1 सैकड़े में मिलाना।
- 04संख्या-रेखा पर तीन-अंकीय जोड़-घटाव।
- 05भारतीय रुपये के नोट और सिक्कों का मिलान, एक राशि चुकाने के अनेक तरीके।
- 06किशन (पौधशाला: 364 + 52 पौधे; 230 में से 75 घटाना) और पीटर चाचा (465 रु॰ से 756 रु॰ — अर्जन) की वास्तविक समस्याएँ।
- 07निकटतम सौ में उत्तर का अनुमान लगाना और पूर्ण गणना किए बिना व्यंजकों की तुलना करना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 3 गणित मेला अध्याय 12 'लेन-देन' किस बारे में है?
यह अध्याय तीन-अंकीय संख्याओं का जोड़ और घटाव सिखाता है। पौधे बाँटना, सामान खरीदना और कमाई करना जैसे वास्तविक संदर्भ गणित को सार्थक बनाते हैं।
02बॉक्स-आरेख क्या है और इसका उपयोग क्यों होता है?
बॉक्स-आरेख एक सरल चित्र है जो किसी समस्या की संख्याओं को बॉक्स और तीरों से दर्शाता है — हल करने से पहले यह समझना आसान बनाता है कि क्या ढूँढना है।
03घटाव में पुनर्समूहन कैसे सिखाया गया है?
जब इकाइयाँ सीधे नहीं घटाई जा सकतीं, तो 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदला जाता है। जैसे 230 में से 75 घटाने के लिए 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदलते हैं।
04अध्याय में कौन से पात्र और कहानियाँ हैं?
किशन एक पौधशाला चलाता है जहाँ औषधीय और पुष्प पौधे हैं; पीटर चाचा गाँव के दुकानदार हैं जो चावल और चीनी बेचते हैं। जादुपुर गाँव की कहानी में दिखाया गया है कि पैसे से पहले लोग वस्तु-विनिमय करते थे।
05अध्याय में मुद्रा की कौन-सी गतिविधियाँ हैं?
बच्चे बराबर मूल्य के नोट-सिक्के मिलाते हैं, एक ही राशि चुकाने के कम से कम दो तरीके खोजते हैं और 5 सौ रुपये के नोट के बराबर कितने सौ रुपये के नोट होंगे यह पता लगाते हैं। कमाई और बाकी-पैसा वापस करने की समस्याएँ भी हैं।
06अनुमान का उपयोग कैसे होता है?
बच्चे हर मुद्रा-समस्या हल करने से पहले निकटतम सौ में उत्तर का अनुमान लगाते हैं। वे 373 + 23 बनाम 373 + 40 जैसे व्यंजकों की तुलना भी पूरी गणना किए बिना करते हैं।
07संख्या-जाली (Number Grid) गतिविधि क्या है?
बच्चों को 451 से 530 तक की संख्याओं की जाली दी जाती है। वे जोड़-घटाव की समस्याएँ हल करके उत्तर जाली में रंगते हैं और देखते हैं कि 100, 10 या 1 जोड़ने पर अंक किस तरह बदलते हैं।
08किशन की पौधशाला की समस्याएँ क्या हैं?
किशन के पास 364 पौधे थे और वह 52 और लाया — अब कुल कितने? वह एक विद्यालय में 230 पौधे पहुँचाना चाहता है लेकिन 75 ही डिब्बे में बाँधे — और कितने बाँधने हैं? पीटर चाचा के पास सुबह 465 रु॰ थे और दोपहर तक 756 रु॰ हो गए — कितना अर्जन हुआ?
09बच्चों को समस्याएँ हल करने के लिए कौन-से साधन सुझाए गए हैं?
HTO (सैकड़ा-दहाई-इकाई) खंड, संख्या-रेखा, बॉक्स-आरेख और नोट-सिक्कों के खेल-पैसे। शिक्षक-नोट में लिखित विधि से पहले बच्चों को अपनी-अपनी रणनीति खोजने देने का सुझाव है।
10क्या अध्याय में कार्ड-निर्माण गतिविधि है?
हाँ। बच्चे 0 से 5 अंकों के कार्ड बनाते हैं, दो तीन-अंकीय संख्याएँ बनाते हैं, फिर उन्हें जोड़ते और घटाते हैं। कार्ड फिर से व्यवस्थित करके सबसे बड़ा योग और सबसे छोटा अंतर निकालने की कोशिश करते हैं।
11जादुपुर गाँव में लोग अलग-अलग मात्रा में वस्तुएँ क्यों बदलते थे?
अलग-अलग वस्तुओं का मूल्य अलग-अलग होता था इसलिए उन्हें अधिक वस्तुएँ देकर दूसरी वस्तु लेनी पड़ती थी — जैसे 5 बोरी प्याज के बदले 2 साड़ी। अध्याय बच्चों को कक्षा में इस पर चर्चा करने को कहता है।
12अध्याय जोड़-घटाव को दैनिक जीवन से कैसे जोड़ता है?
हर समस्या एक वास्तविक स्थिति से जुड़ी है — किराना खरीदना, पौधशाला चलाना, गुल्लक में पैसे जमा करना या दुकान पर बिक्री करना। इससे बच्चे देखते हैं कि जोड़-घटाव केवल पाठशाला का काम नहीं, रोज़ काम आने वाला साधन है।
More chapters in गणित (गणित मेला)
गणित (गणित मेला) — कक्षा 3 गणित की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 12 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 3 पाठ्यपुस्तकें देखें।