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अवलोकन

सारांश

कक्षा 12 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 3, "आव्यूह", संख्याओं या फलनों की क्रमबद्ध आयताकार सारणी — जिसमें आव्यूहों के प्रकार, संक्रियाएँ (योग, अदिश गुणन, आव्यूह गुणन), परिवर्त, सममित एवं विषम-सममित आव्यूह तथा व्युत्क्रमणीय आव्यूह सम्मिलित हैं — का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है।

  • आव्यूह — व्यवस्थित आँकड़ों का माध्यमआव्यूह को एक ऐसी जालीनुमा संरचना के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो संख्याओं या फलनों को पंक्ति और स्तंभ के अनुसार संग्रहीत करती है; उसकी कोटि (m × n) उसका आकार निर्धारित करती है। विशेष आकारों — पंक्ति, स्तंभ, वर्ग, विकर्ण, अदिश, तत्समक और शून्य आव्यूह — की पहचान उनके साथ काम करने के नियमों की नींव रखती है।
  • आव्यूहों पर संक्रियाएँअध्याय यह परिभाषित करता है कि आव्यूहों को कब जोड़ा, गुणित या अदिश से गुणित किया जा सकता है। गुणन के लिए भीतरी विमाओं का मेल आवश्यक है और, साधारण संख्याओं के विपरीत, क्रम महत्त्वपूर्ण है: AB प्रायः BA के बराबर नहीं होता, भले ही दोनों परिभाषित हों।
  • संरचना और व्युत्क्रमणीयतापंक्तियों और स्तंभों को उलटने से परिवर्त मिलता है, जो किसी भी वर्ग आव्यूह को सममित और विषम-सममित भागों में विभाजित करता है। अध्याय का समापन व्युत्क्रमणीय आव्यूहों से होता है, जिनका अद्वितीय प्रतिलोम भाग की भाँति काम करता है और (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹ को संतुष्ट करता है।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01m × n कोटि के आव्यूह में m पंक्तियाँ, n स्तंभ और कुल mn अवयव होते हैं; अवयव aij i-वीं पंक्ति और j-वें स्तंभ में स्थित है।
  2. 02आव्यूह गुणन AB तभी परिभाषित है जब A के स्तंभों की संख्या B की पंक्तियों की संख्या के बराबर हो; यदि A, m × n और B, n × p हो तो C = AB की कोटि m × p होगी।
  3. 03आव्यूह गुणन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होता: AB ≠ BA, यद्यपि दोनों परिभाषित हों।
  4. 04m × n आव्यूह का परिवर्त A′, n × m आव्यूह है जिसमें पंक्तियाँ और स्तंभ आपस में बदले जाते हैं; प्रमुख गुणधर्म: (AB)′ = B′A′।
  5. 05वर्ग आव्यूह A सममित है यदि A′ = A, और विषम-सममित है यदि A′ = −A; प्रत्येक वर्ग आव्यूह को एक सममित तथा एक विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में लिखा जा सकता है।
  6. 06वर्ग आव्यूह A व्युत्क्रमणीय है यदि कोई आव्यूह B ऐसा हो कि AB = BA = I; प्रतिलोम A⁻¹ अद्वितीय होता है और (AB)⁻¹ = B⁻¹A⁻¹।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

एनसीईआरटी कक्षा 12 गणित अध्याय 3 आव्यूह में कौन-कौन से विषय हैं?

अध्याय में आव्यूह की परिभाषा एवं कोटि, आव्यूहों के प्रकार (पंक्ति, स्तंभ, वर्ग, विकर्ण, अदिश, तत्समक, शून्य), आव्यूहों की समता, संक्रियाएँ (योग, अदिश गुणन, व्यवकलन, गुणन), इन संक्रियाओं के गुणधर्म, आव्यूह का परिवर्त, सममित एवं विषम-सममित आव्यूह तथा प्रतिलोम की अद्वितीयता सहित व्युत्क्रमणीय आव्यूह सम्मिलित हैं।

02

आव्यूह गुणन क्रमविनिमेय क्यों नहीं होता?

यद्यपि AB और BA दोनों परिभाषित हों, फिर भी AB और BA भिन्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, A = [[1,0],[0,−1]] और B = [[0,1],[1,0]] लेने पर AB = [[0,1],[−1,0]] तथा BA = [[0,−1],[1,0]], अतः AB ≠ BA। पाठ्यपुस्तक बताती है कि केवल समान कोटि के विकर्ण आव्यूहों के लिए गुणन सर्वदा क्रमविनिमेय होता है।

03

किसी वर्ग आव्यूह को सममित और विषम-सममित आव्यूह के योग के रूप में कैसे लिखते हैं?

किसी भी वर्ग आव्यूह A के लिए लिखिए A = ½(A + A′) + ½(A − A′)। अध्याय के प्रमेय 1 के अनुसार (A + A′) सर्वदा सममित और (A − A′) सर्वदा विषम-सममित होता है, अतः उनके आधे वांछित विघटन देते हैं।

04

क्या एनसीईआरटी कक्षा 12 गणित अध्याय 3 का पीडीएफ मुफ्त में डाउनलोड होता है?

हाँ, ncerthindi.com पर एनसीईआरटी कक्षा 12 गणित अध्याय 3 (आव्यूह) का पीडीएफ बिल्कुल मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है।

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