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अवलोकन

सारांश

कक्षा 11 जीव विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 17, "गमन एवं संचलन", इस विषय की व्याख्या करता है। यह अध्याय पेशी संकुचन को सर्पी तंतु सिद्धांत (sliding filament theory) के माध्यम से समझाता है, कंकाल तंत्र की संरचना (206 अस्थियाँ), और संधियों के प्रकार जो शरीर की गति को संभव बनाते हैं।

  • गति के प्रकारअध्याय मानव कोशिका की तीन प्रकार की गतियों — अमीबीय, पक्ष्माभी और पेशीय — में अंतर स्पष्ट करता है और दर्शाता है कि संचलन सरल जीवद्रव्य-प्रवाह से लेकर समन्वित पेशी-अस्थि क्रिया तक फैला है।
  • पेशी संकुचन कैसे होता हैयह अध्याय सर्पी तंतु सिद्धांत तक पहुँचता है जिसमें कैल्शियम, ऐक्टिन-मायोसिन क्रॉस-ब्रिज को सक्रिय करता है, जो पतले तंतुओं को मोटे तंतुओं पर खींचकर सार्कोमियर — संकुचन की क्रियात्मक इकाई — को छोटा करते हैं।
  • कंकाल और उसकी संधियाँअध्याय बताता है कि 206 अस्थियों वाला कंकाल तंत्र अक्षीय और उपांगीय भागों में विभाजित होता है, और तंतुमय, उपास्थिमय तथा स्वतंत्र रूप से गतिशील सायनोवियल संधियाँ यह निर्धारित करती हैं कि किस प्रकार और कितनी गति संभव है।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01मानव में कोशिकीय गति के तीन प्रकार हैं: अमीबीय (कूटपाद द्वारा), पक्ष्माभी (श्वासनली और जनन-पथ में), और पेशीय (अंगों एवं संचलन के लिए)
  2. 02सार्कोमियर पेशी संकुचन की क्रियात्मक इकाई है, जो मोटे मायोसिन और पतले ऐक्टिन तंतुओं से मिलकर बनी होती है और Z रेखाओं द्वारा सीमांकित होती है
  3. 03पेशी संकुचन सर्पी तंतु सिद्धांत के अनुसार होता है: कैल्शियम आयन ऐक्टिन-मायोसिन क्रॉस-ब्रिज सक्रिय करते हैं, जो पतले तंतुओं को मोटे तंतुओं पर खींचकर सार्कोमियर को छोटा करते हैं
  4. 04मानव कंकाल में 206 अस्थियाँ हैं: 80 अक्षीय (खोपड़ी, मेरुदंड, पसलियाँ, उरोस्थि) और 126 उपांगीय (अंग एवं मेखलाएँ)
  5. 05सायनोवियल संधियाँ (कंदुक-खल्लिका, कब्जा, धुराग्र, सर्पण, काठी) पर्याप्त गति देती हैं, जबकि तंतुमय (अचल) और उपास्थिमय (सीमित) संधियाँ कम गति देती हैं
  6. 06लाल पेशी तंतुओं में मायोग्लोबिन और माइटोकॉन्ड्रिया प्रचुर मात्रा में होते हैं और वायवीय क्रिया के लिए उपयुक्त हैं; श्वेत तंतु अवायवीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करते हैं और जल्दी थक जाते हैं
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

संचलन और गति में क्या अंतर है?

सभी संचलन गतियाँ हैं, परंतु सभी गतियाँ संचलन नहीं हैं। संचलन एक ऐच्छिक गति है जिसमें प्राणी अपना स्थान बदलता है, जैसे चलना, दौड़ना या तैरना। अन्य गतियाँ (जैसे चबाना, पलक झपकाना या खड़े होकर अंग हिलाना) आवश्यक रूप से स्थान-परिवर्तन नहीं करतीं।

02

सर्पी तंतु सिद्धांत के अनुसार पेशी संकुचन कैसे होता है?

मोटर न्यूरॉन का संकेत तंत्रिकापेशी संगम पर एसिटाइलकोलीन मुक्त करता है, जिससे पेशी तंतु में कैल्शियम आयन निकलते हैं। कैल्शियम ऐक्टिन तंतु पर ट्रोपोनिन से जुड़ता है, जिससे मायोसिन बंधन स्थल उजागर होते हैं। मायोसिन शीर्ष ATP ऊर्जा का उपयोग कर ऐक्टिन से क्रॉस-ब्रिज बनाते हैं और पतले तंतुओं को A बैंड के केंद्र की ओर खींचते हैं, जिससे सार्कोमियर छोटा हो जाता है। यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कैल्शियम वापस अवशोषित नहीं हो जाता और पेशी शिथिल नहीं हो जाती।

03

मानव शरीर में तीन प्रकार की पेशियाँ कौन-सी हैं?

कंकाल पेशियाँ रेखित और ऐच्छिक होती हैं, जो अस्थियों से जुड़ी रहती हैं और संचलन एवं मुद्रा परिवर्तन में सहायक हैं। आंत्रीय (अरेखित/चिकनी) पेशियाँ अनैच्छिक होती हैं, जो खोखले अंगों में पाई जाती हैं और भोजन व युग्मक परिवहन में सहायता करती हैं। हृदय पेशियाँ रेखित और अनैच्छिक होती हैं, हृदय का निर्माण करती हैं और बिना चेतन नियंत्रण के निरंतर स्पंदन करती हैं।

04

क्या एनसीईआरटी कक्षा 11 जीव विज्ञान अध्याय 17 PDF निःशुल्क डाउनलोड होती है?

हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 11 जीव विज्ञान अध्याय 17 PDF निःशुल्क डाउनलोड होती है। एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें सरकारी प्रकाशन हैं जो विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध हैं।

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