जीव जगत
कक्षा 11 जीव विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 1, "जीव जगत", पृथ्वी पर जीवन-रूपों की विविधता — अनुमानित 1.7–1.8 मिलियन ज्ञात प्रजातियाँ — और वर्गिकी की आधारभूत प्रक्रियाओं — अभिज्ञान, नामकरण, वर्गीकरण तथा क्रमबद्धता — का परिचय देता है, जिनका उपयोग जीवों के अध्ययन और व्यवस्थित संगठन के लिए किया जाता है।
- 1जीव जगत में विभिन्न आवासों में 1.7–1.8 मिलियन ज्ञात प्रजातियाँ हैं; नए जीवों की पहचान निरंतर होती रहती है
- 2अभिज्ञान जीवों को पहचानने और वर्णित करने की प्रक्रिया है; नामकरण लैटिन-आधारित वैज्ञानिक नामों का उपयोग कर उनके नाम मानकीकृत करना है
- 3द्विनाम नामकरण पद्धति प्रत्येक जीव को दो-शब्दी वैज्ञानिक नाम देती है: वंश (बड़े अक्षर से) और जातीय उपाधि (छोटे अक्षर से), जैसे आम के लिए Mangifera indica
- 4वर्गिकी श्रेणियाँ जाति से आरंभ होकर वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ और जगत तक का पदानुक्रम बनाती हैं; उच्चतर श्रेणियों में साझी विशेषताएँ कम होती हैं
- 5वर्गिकी, जीव विज्ञान की वह शाखा है जो आकारिकीय, संरचनात्मक, विकासात्मक तथा पारिस्थितिक लक्षणों के आधार पर जीवों के अभिज्ञान, नामकरण, वर्गीकरण और क्रमबद्धता से संबंधित है
