अध्याय 7: द्रव्य की कणीय प्रकृति
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कक्षा 8 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 7, "द्रव्य की कणीय प्रकृति", यह समझाता है कि समस्त द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म घटक कणों से बना है जो अंतर-कण आकर्षण बल से जुड़े हैं और इन बलों की तीव्रता यह निर्धारित करती है कि कोई पदार्थ ठोस, द्रव या गैस के रूप में विद्यमान है।
- द्रव्य सूक्ष्म कणों से बना है — समस्त द्रव्य असंख्य घटक कणों से बना है जो साधारण सूक्ष्मदर्शी से भी नहीं देखे जा सकते। चॉक, चीनी और पोटैशियम परमैंगनेट के क्रियाकलाप इन्हें उजागर करते हैं — ये कण अंतर-कण आकर्षण बल से आपस में जुड़े हैं।
- आकर्षण और दूरी निर्धारित करती है अवस्था — अंतर-कण आकर्षण की तीव्रता और कणों के बीच की दूरी अवस्था तय करती है: ठोस में अधिकतम आकर्षण और न्यूनतम दूरी, द्रव में कुछ कम, और गैस में नगण्य आकर्षण जिससे कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
- ऊष्मा से अवस्था-परिवर्तन — ऊष्मीय ऊर्जा अवस्था-परिवर्तन का कारण है: ऊष्मा बढ़ने पर कण तेज़ी से गतिमान होते हैं और आकर्षण बल को पार कर लेते हैं, इसलिए ठोस पिघलता है और द्रव उबलता है। कम ऊष्मा ठोस अवस्था और अधिक ऊष्मा द्रव व गैस अवस्था को अनुकूल बनाती है।
- कण-मॉडल के व्यावहारिक परिणाम — यह मॉडल समझाता है कि गैस को संपीडित किया जा सकता है पर द्रव को नहीं, द्रव और गैस दोनों तरल हैं, और घुली चीनी अपेक्षा से कम आयतन क्यों लेती है। यह आचार्य कणाद के प्राचीन 'परमाणु' के अविभाज्य-कण विचार से भी जुड़ता है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01द्रव्य बड़ी संख्या में अत्यंत सूक्ष्म घटक कणों से बना है — ये इतने छोटे हैं कि साधारण सूक्ष्मदर्शी से भी नहीं देखे जा सकते।
- 02घटक कण अंतर-कण आकर्षण बलों से जुड़े हैं; कणों के बीच दूरी थोड़ी बढ़ने पर ये बल तेज़ी से घट जाते हैं।
- 03ठोस में अंतर-कण आकर्षण अधिकतम और दूरी न्यूनतम होती है; कण निश्चित स्थानों पर केवल कंपन करते हैं, इसलिए ठोस का आकार और आयतन निश्चित होते हैं।
- 04द्रव में अंतर-कण आकर्षण ठोस से थोड़ा कम होता है; कण सीमित स्थान में गति कर सकते हैं, इसलिए द्रव का आयतन निश्चित पर आकार नहीं होता।
- 05गैस में अंतर-कण आकर्षण नगण्य और दूरी अधिकतम होती है; कण सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं, इसलिए गैस का न आकार निश्चित है, न आयतन — यह किसी भी पात्र में भर जाती है।
- 06गलनांक वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई ठोस वायुमंडलीय दाब पर द्रव में बदलता है; इस पर ऊष्मीय ऊर्जा अंतर-कण आकर्षण को पार कर लेती है।
- 07क्वथनांक वह तापमान है जिस पर द्रव वायुमंडलीय दाब पर भाप में बदलता है; वाष्पीकरण धीमी प्रक्रिया है जो क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर सतह पर होती है।
- 08गैसें संपीड्य हैं (सिरिंज क्रियाकलाप में आयतन घटाया जा सकता है) जबकि द्रव व्यावहारिक रूप से असंपीड्य हैं।
- 09जब चीनी जल में घुलती है तो चीनी के कण जल-कणों के बीच के रिक्त स्थानों में समा जाते हैं — इसीलिए विलयन का आयतन दोनों के अलग-अलग आयतनों के योग से कम होता है।
- 10ऊष्मीय ऊर्जा भौतिक अवस्था तय करती है: कम ऊष्मीय ऊर्जा → ठोस अवस्था; अधिक ऊष्मीय ऊर्जा → द्रव या गैस अवस्था।
- 11द्रव और गैस दोनों बहते हैं और निश्चित आकार नहीं रखते — इसलिए उन्हें एक साथ तरल (fluid) कहते हैं।
- 12प्राचीन भारतीय दार्शनिक आचार्य कणाद ने सर्वप्रथम 'परमाणु' का विचार प्रस्तुत किया — अत्यंत सूक्ष्म, अविभाज्य और शाश्वत कण — इसे उन्होंने वैशेषिक सूत्र में लिखा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 7 'द्रव्य की कणीय प्रकृति' किस बारे में है?
यह अध्याय बताता है कि समस्त द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म घटक कणों से बना है जो अंतर-कण आकर्षण बलों से जुड़े हैं। इन बलों की तीव्रता और कणों के बीच की दूरी यह तय करती है कि पदार्थ ठोस, द्रव या गैस है और ऊष्मीय ऊर्जा अवस्था-परिवर्तन का कारण है।
02घटक कण क्या होते हैं?
घटक कण वे मूल इकाइयाँ हैं जिनसे किसी पदार्थ के बड़े टुकड़े बने होते हैं। जैसे चॉक या चीनी को जितना संभव हो तोड़ें, अंत में जो सूक्ष्म इकाइयाँ मिलती हैं वे उसके घटक कण हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि साधारण सूक्ष्मदर्शी से नहीं देखे जा सकते।
03अंतर-कण आकर्षण क्या है और इसका क्या महत्त्व है?
अंतर-कण आकर्षण वे बल हैं जो द्रव्य के घटक कणों को एक साथ बाँधे रखते हैं। इनकी तीव्रता पदार्थ की प्रकृति और कणों के बीच की दूरी पर निर्भर करती है — दूरी थोड़ी बढ़ने पर ये बल तेज़ी से घट जाते हैं। अंततः यही बल पदार्थ की भौतिक अवस्था (ठोस, द्रव या गैस) तय करते हैं।
04ठोस का आकार निश्चित क्यों होता है जबकि द्रव का नहीं?
ठोस में अंतर-कण आकर्षण बहुत प्रबल और दूरी न्यूनतम होती है; कण निश्चित स्थानों पर केवल कंपन कर सकते हैं — इसलिए ठोस का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। द्रव में आकर्षण थोड़ा कमज़ोर होता है जिससे कण सीमित स्थान में गति कर सकते हैं; इसलिए द्रव पात्र का आकार ले लेता है पर आयतन निश्चित रहता है।
05किसी ठोस का गलनांक क्या है?
गलनांक वह न्यूनतम तापमान है जिस पर कोई ठोस वायुमंडलीय दाब पर द्रव में बदलता है। इस तापमान पर ऊष्मीय ऊर्जा अंतर-कण आकर्षण बलों को पार कर लेती है और कण अपनी निश्चित स्थिति छोड़ देते हैं। उदाहरण: बर्फ 0 °C, यूरिया 133 °C और लोहा 1538 °C पर पिघलता है।
06क्वथन और वाष्पीकरण में क्या अंतर है?
क्वथन एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर वायुमंडलीय दाब में द्रव का तेज़ी से भाप में बदलना है; यह सतह के साथ-साथ द्रव के भीतर भी होता है (बुलबुले)। वाष्पीकरण धीमी प्रक्रिया है जो केवल सतह पर और क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर होती है।
07गैसें संपीड्य क्यों हैं पर द्रव नहीं?
गैसों में अंतर-कण दूरी अधिकतम होती है और कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं, इसलिए उनके बीच बहुत रिक्त स्थान होता है जो बाहरी दाब से घटाया जा सकता है (सिरिंज क्रियाकलाप में दिखता है)। द्रव में कण पहले से ही अपेक्षाकृत पास होते हैं, इसलिए संपीड्य स्थान बहुत कम होता है — जल को व्यावहारिक रूप से असंपीड्य बताया गया है।
08जब चीनी जल में घुलती है तो कण-स्तर पर क्या होता है?
चीनी जल में घुलने पर अपने घटक कणों में टूट जाती है जो देखे नहीं जा सकते। ये चीनी-कण जल-कणों के बीच के रिक्त स्थानों में समा जाते हैं, इसीलिए विलयन का आयतन जल और चीनी के अलग-अलग मापे गए आयतनों के योग से कम होता है।
09द्रव्य के सूक्ष्म अविभाज्य कणों का विचार सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया?
आचार्य कणाद, एक प्राचीन भारतीय दार्शनिक, ने सर्वप्रथम 'परमाणु' का विचार प्रस्तुत किया। उनका मत था कि द्रव्य अत्यंत सूक्ष्म, अविभाज्य और शाश्वत कणों से बना है जिन्हें उन्होंने परमाणु कहा और इसे वैशेषिक सूत्र में लिखा।
10क्या एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 7 की पीडीएफ निःशुल्क है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 7 की पीडीएफ ncerthindi.com पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। कोई पंजीकरण आवश्यक नहीं है।
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