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अवलोकन

सारांश

कक्षा 8 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 13, "हमारा आवास — पृथ्वी एक अद्वितीय जीवनदायी ग्रह", यह जाँचता है कि पृथ्वी ही एकमात्र ज्ञात ग्रह क्यों है जो जीवन को बनाए रखती है — इसकी वासयोग्य क्षेत्र में स्थिति, वायुमंडल, चुम्बकीय क्षेत्र, जनन की भूमिका और जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता हानि तथा प्रदूषण की त्रि-ग्रहीय संकट को समझाता है।

  • पृथ्वी जीवन को क्यों सहारा दे सकती हैपृथ्वी सूर्य के 'गोल्डीलॉक्स' वासयोग्य क्षेत्र में स्थित है जहाँ जल तरल अवस्था में रहता है; इसका आकार ऐसा है कि यह वायुमंडल और ओज़ोन परत को बनाए रख सकती है और इसके पिघले कोर से उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र ब्रह्मांडीय किरणों और सौर पवन को हटाता है।
  • पृथ्वी के परस्पर क्रिया करते तंत्रचार तंत्र मिलकर जीवन को बनाए रखते हैं — वायुमंडल (वायु), जलमंडल (जल), भूमंडल (चट्टान और मृदा) तथा जैवमंडल (जीवित प्राणी)। इनकी परस्पर क्रियाएँ पतली जीवन-धारक परत की परिस्थितियाँ बनाए रखती हैं।
  • जनन से जीवन चलता रहता हैजनन द्वारा जीवन आगे बढ़ता है: अलैंगिक जनन एक जनक की प्रतिलिपि बनाता है (मुकुलन, द्विखंडन, कायिक प्रवर्धन), जबकि लैंगिक जनन दो जनकों के युग्मकों को मिलाकर विभिन्नता उत्पन्न करता है — पौधों में परागण और निषेचन तथा जंतुओं में विकास इसके उदाहरण हैं।
  • त्रि-ग्रहीय संकटजलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता हानि और प्रदूषण मिलकर पृथ्वी के संतुलन को खतरे में डाल रहे हैं, मुख्यतः जीवाश्म ईंधन दहन और ग्रीनहाउस गैसों के कारण। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते जैसे वैश्विक करार इन खतरों से निपटने का प्रयास करते हैं।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01पृथ्वी ही एकमात्र ज्ञात ग्रह है जहाँ जीवन विद्यमान है और पनप रहा है; समस्त जीवन पतली भू-पर्पटी पर सीमित है — यदि पृथ्वी सेब के आकार की होती तो भू-पर्पटी उसके छिलके जितनी पतली होती।
  2. 02पृथ्वी की सूर्य से दूरी उसे वासयोग्य क्षेत्र (गोल्डीलॉक्स ज़ोन) में रखती है — वह दूरी जहाँ जल तरल अवस्था में रहता है, जो जीवन के लिए आवश्यक है।
  3. 03शुक्र सूर्य के सबसे निकट न होने पर भी सबसे गर्म ग्रह है क्योंकि उसका वायुमंडल लगभग पूर्णतः कार्बन डाइऑक्साइड से बना है, जो एक अत्यंत तीव्र हरित गृह प्रभाव उत्पन्न करता है।
  4. 04पृथ्वी का आकार उसे इतना गुरुत्वाकर्षण देता है कि वह अपना वायुमंडल (जिसमें हानिकारक UV किरणों को रोकने वाली ओज़ोन परत शामिल है) बनाए रख सके परंतु इतना नहीं कि जीव कुचल जाएँ।
  5. 05पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र, जो संभवतः उसके कोर में पिघले लोहे की गति से उत्पन्न होता है, हानिकारक ब्रह्मांडीय किरणों और सौर पवन को हटाकर वायुमंडल और जीवन की रक्षा करता है।
  6. 06पृथ्वी के चार तंत्र — वायुमंडल (वायु), जलमंडल (जल), भूमंडल (चट्टान/मृदा/खनिज) और जैवमंडल (समस्त जीव) — मिलकर जीवन को बनाए रखते हैं।
  7. 07अलैंगिक जनन में एक जनक की प्रतिलिपियाँ बनती हैं (जैसे पौधों में कायिक प्रवर्धन, जीवाणुओं में द्विखंडन, हाइड्रा में मुकुलन); लैंगिक जनन में दो जनकों की युग्मक कोशिकाओं के मिलन से विभिन्नता युक्त संतान उत्पन्न होती है।
  8. 08पौधों में पराग कण नर युग्मक और बीजांड मादा युग्मक हैं; परागण पराग को फूल तक पहुँचाता है, निषेचन से युग्मनज बनता है जो फल के अंदर बीज के रूप में विकसित होता है।
  9. 09पक्षियों में युग्मनज अंडे सेने के दौरान शरीर के बाहर भ्रूण बनाता है; अधिकांश स्तनधारियों में विकास माँ के शरीर के अंदर होता है।
  10. 10जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता हानि और प्रदूषण मिलकर त्रि-ग्रहीय संकट बनाते हैं; जीवाश्म ईंधन दहन से ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं जो वैश्विक तापन का कारण बनती हैं। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987), क्योटो प्रोटोकॉल (2005) और पेरिस समझौते (2015) जैसे वैश्विक करार इन खतरों से निपटने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

कक्षा 8 विज्ञान का अध्याय 13 किस बारे में है?

अध्याय 13 'हमारा आवास — पृथ्वी एक अद्वितीय जीवनदायी ग्रह' यह जाँचता है कि पृथ्वी ही एकमात्र ज्ञात ग्रह क्यों है जो जीवन को सहारा देती है — इसमें वासयोग्य क्षेत्र में इसकी स्थिति, वायुमंडल और ओज़ोन परत, चुम्बकीय क्षेत्र, पृथ्वी के चार परस्पर क्रिया करते तंत्र (वायुमंडल, जलमंडल, भूमंडल, जैवमंडल), पौधों और जंतुओं में जनन तथा त्रि-ग्रहीय संकट (जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता हानि और प्रदूषण) से खतरे शामिल हैं।

02

वासयोग्य क्षेत्र या गोल्डीलॉक्स ज़ोन क्या है?

वासयोग्य क्षेत्र (गोल्डीलॉक्स ज़ोन) सूर्य (या किसी अन्य तारे) से वह दूरी-सीमा है जहाँ जल तरल अवस्था में रह सकता है। पृथ्वी इस क्षेत्र में स्थित है जो न बहुत गर्म है न बहुत ठंडा — जो जीवन के विकास और पनपने के लिए आवश्यक है।

03

शुक्र सबसे गर्म ग्रह क्यों है जबकि बुध सूर्य के अधिक निकट है?

शुक्र बुध से गर्म है क्योंकि उसका वायुमंडल लगभग पूर्णतः कार्बन डाइऑक्साइड से बना है जो ऊष्मा को रोककर उसे बाहर नहीं जाने देता — यह एक अत्यंत तीव्र हरित गृह प्रभाव है। बुध, सूर्य के निकट होने के बावजूद, ऊष्मा रोकने के लिए कोई वायुमंडल नहीं रखता इसलिए औसतन शुक्र से ठंडा है।

04

हरित गृह प्रभाव क्या है और यह पृथ्वी की कैसे सहायता करता है?

हरित गृह प्रभाव वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें पृथ्वी द्वारा उत्सर्जित विकिरण (सूर्य से गर्म होने के बाद) को अवशोषित करती हैं और उसे अंतरिक्ष में जाने से रोकती हैं। पृथ्वी पर यह सौम्य हरित गृह प्रभाव तापमान को इतना बनाए रखता है कि जल तरल रहे — जो जीवन के लिए आवश्यक है। इसके बिना पृथ्वी बहुत ठंडी हो जाती।

05

पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र जीवन की रक्षा कैसे करता है?

पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र, जो संभवतः उसके कोर में पिघले लोहे की गति से उत्पन्न होता है, हानिकारक ब्रह्मांडीय किरणों और सौर पवन (सूर्य से निकलने वाले आवेशित कणों) को हटाता है। यह सुरक्षा वायुमंडल — जिसमें जीवन की रक्षा करने वाली ओज़ोन परत शामिल है — और पृथ्वी की सतह पर जीवन दोनों को बचाती है।

06

पृथ्वी के चार तंत्र क्या हैं?

पृथ्वी के चार परस्पर क्रिया करते तंत्र हैं: (1) वायुमंडल — वायु की परत; (2) जलमंडल — समुद्र, नदियाँ, झीलें और ध्रुवीय बर्फ सहित समस्त जल; (3) भूमंडल — चट्टानें, मृदा और खनिज; (4) जैवमंडल — पृथ्वी पर समस्त जीवित प्राणी। ये चारों मिलकर उन परिस्थितियों को बनाए रखते हैं जो जीवन को संभव बनाती हैं।

07

अलैंगिक और लैंगिक जनन में क्या अंतर है?

अलैंगिक जनन में एक ही जनक से संतान उत्पन्न होती है जो जनक की प्रतिलिपि होती है — जैसे पौधों में कायिक प्रवर्धन, जीवाणुओं में द्विखंडन और हाइड्रा में मुकुलन। लैंगिक जनन में दो जनकों की युग्मक कोशिकाओं का संयोजन होता है जिससे विभिन्नता युक्त संतान उत्पन्न होती है।

08

पौधों में परागण और निषेचन कैसे होते हैं?

पौधों में पराग कण नर युग्मक और बीजांड मादा युग्मक हैं। परागण पराग को फूल तक पहुँचाने की प्रक्रिया है; निषेचन में युग्मनज बनता है जो फल के अंदर बीज के रूप में विकसित होता है।

09

पक्षियों और स्तनधारियों में जनन कैसे भिन्न होता है?

पक्षियों में युग्मनज अंडे सेने के दौरान शरीर के बाहर भ्रूण बनाता है; अधिकांश स्तनधारियों में विकास माँ के शरीर के अंदर होता है।

10

त्रि-ग्रहीय संकट क्या है?

त्रि-ग्रहीय संकट जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता हानि और प्रदूषण का सम्मिलित खतरा है जो पृथ्वी के संतुलन को खतरे में डाल रहा है। जीवाश्म ईंधन दहन से ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं जो वैश्विक तापन का कारण बनती हैं। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987), क्योटो प्रोटोकॉल (2005) और पेरिस समझौते (2015) जैसे वैश्विक करार इन खतरों से निपटने का प्रयास करते हैं।

11

ओज़ोन परत क्यों महत्त्वपूर्ण है?

ओज़ोन परत पृथ्वी के वायुमंडल में ओज़ोन गैस (O₃) की एक परत है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है। इन UV किरणों से त्वचा कैंसर और अन्य जैविक क्षति हो सकती है। पृथ्वी का आकार उसे इस परत को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गुरुत्वाकर्षण देता है।

12

शुक्र ग्रह पर जीवन क्यों संभव नहीं है?

शुक्र वासयोग्य क्षेत्र के किनारे पर है परंतु उसके कार्बन डाइऑक्साइड से भरे वायुमंडल के कारण अत्यंत तीव्र हरित गृह प्रभाव होता है जो सतह का तापमान लगभग 450 °C तक बढ़ा देता है। इतने उच्च तापमान पर जल तरल नहीं रह सकता और जीवन के लिए ज्ञात जैव-रासायनिक प्रक्रियाएँ संभव नहीं हैं।

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