अध्याय 2: अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँखों की क्षमता से परे
पाठ्यपुस्तक PDF खोलेंब्राउज़र में पढ़ें→यह भी देखेंसमाधान पेज→सारांश
कक्षा 8 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 2, "अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँखों की क्षमता से परे", कोशिका को जीवन की मूल इकाई के रूप में परिचित कराता है और उन सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, कवक, प्रोटोज़ोआ, शैवाल, विषाणु) का अन्वेषण करता है जो नग्न आँखों से नहीं दिखते, साथ ही भोजन, अपघटन और पर्यावरण में उनकी भूमिका को समझाता है।
- कोशिका और सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार — कोशिका जीवन की मूल इकाई है और यह समझ सूक्ष्मदर्शी के विकास के साथ-साथ बढ़ी — हुक ने 'कोशिका' शब्द दिया तो ल्यूवेनहॉक ने सर्वप्रथम जीवाणु देखे। बेहतर लेंस से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी तक हर नए उपकरण ने नग्न आँखों से ओझल संरचनाएँ उजागर कीं।
- कोशिका संरचना और कार्य — सभी कोशिकाओं में झिल्ली, कोशिकाद्रव्य और केंद्रक होते हैं, पर पादप कोशिकाओं में अतिरिक्त कोशिका भित्ति और हरितलवक होते हैं। कोशिकाएँ मिलकर ऊतक, अंग, अंग तंत्र और पूरे जीव का निर्माण करती हैं।
- अदृश्य सूक्ष्मजीव-जगत — जीवाणु, कवक, शैवाल, प्रोटोज़ोआ और अकोशिकीय विषाणु — ये सभी नग्न आँखों से नहीं देखे जा सकते और एककोशिकीय से बहुकोशिकीय तक विविध हैं। ये तालाब के जल से लेकर मिट्टी तक हर जगह मौजूद हैं।
- सूक्ष्मजीव: हमारे और पृथ्वी के लिए उपयोगी — यीस्ट ब्रेड को फुलाता है, लैक्टोबैसिलस दूध से दही बनाता है, राइज़ोबियम मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करता है, अपघटक अपशिष्ट को खाद में बदलते हैं और सूक्ष्मशैवाल पृथ्वी की आधे से अधिक ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01कोशिका जीवन की मूल इकाई है; सभी सजीव कोशिकाओं से बने हैं।
- 02रॉबर्ट हुक ने 1665 में माइक्रोग्राफिया में कॉर्क का अवलोकन करते हुए 'कोशिका' शब्द दिया; उनका सूक्ष्मदर्शी 200 से 300 गुना आवर्धन करता था। एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक, जिन्हें सूक्ष्मजैविकी का जनक कहा जाता है, ने सर्वप्रथम जीवाणु और रक्त कोशिकाएँ स्पष्ट रूप से देखीं।
- 03एक सामान्य कोशिका के तीन मुख्य भाग हैं: कोशिका झिल्ली (छिद्रयुक्त, पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है), कोशिकाद्रव्य (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और खनिज लवण युक्त; अधिकांश जीवन-प्रक्रियाओं का स्थल) और केंद्रक (समस्त कोशिका-क्रियाओं और वृद्धि का नियंत्रक)।
- 04पादप कोशिकाओं में अतिरिक्त कोशिका भित्ति (दृढ़ता प्रदान करती है), हरितलवक (प्रकाश-संश्लेषण के लिए) और एक बड़ी रिक्तिका होती है; जीवाणुओं में सुपरिभाषित केंद्रक की जगह केंद्रकाभ होता है।
- 05जैविक संगठन के स्तर: कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव।
- 06सूक्ष्मजीव नग्न आँखों से नहीं देखे जा सकते; जीवाणु और अमीबा एककोशिकीय हैं, जबकि कवक और शैवाल बहुकोशिकीय भी हो सकते हैं; यीस्ट एककोशिकीय कवक है, फफूँद बहुकोशिकीय।
- 07यीस्ट श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है जो आटे को मुलायम और फूला बनाता है; लैक्टोबैसिलस जीवाणु दूध में लैक्टिक अम्ल उत्पन्न करके उसे दही में बदलता है।
- 08राइज़ोबियम जीवाणु फलीदार पौधों (बीन्स, मटर, मसूर) की जड़-ग्रंथिकाओं में रहकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं।
- 09कवक और जीवाणु जैसे सूक्ष्मजीव पौधों और जानवरों के अपशिष्ट को अपघटित करके पोषक तत्त्वों को मिट्टी में वापस करते हैं।
- 10सूक्ष्मशैवाल (जैसे स्पाइरुलीना, क्लोरेला, डायटम) पृथ्वी की आधे से अधिक ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं, जलीय जंतुओं का भोजन हैं और स्वास्थ्य-पूरक के रूप में भी उपयोगी हैं।
- 11विषाणु सूक्ष्म और अकोशिकीय होते हैं; ये केवल जीवित परपोषी कोशिका के भीतर ही गुणित हो सकते हैं और पौधों, जंतुओं तथा जीवाणुओं में रोग उत्पन्न कर सकते हैं।
- 12इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी किसी कोशिका को लगभग 10,00,000 गुना तक आवर्धित कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 2 किस बारे में है?
अध्याय 2 — 'अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँखों की क्षमता से परे' — कोशिका को जीवन की मूल इकाई के रूप में परिचित कराता है, कोशिका संरचना, जैविक संगठन के स्तरों (कोशिका से जीव तक) और सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, कवक, प्रोटोज़ोआ, शैवाल, विषाणु) की भूमिका को समझाता है।
02विज्ञान में 'कोशिका' शब्द सर्वप्रथम किसने दिया?
रॉबर्ट हुक ने 1665 में अपने सूक्ष्मदर्शी (जो 200–300 गुना आवर्धन करता था) से कॉर्क की पतली परत देखकर 'कोशिका' शब्द दिया। उन्होंने छोटे-छोटे रिक्त प्रकोष्ठ देखे जो उन्हें मधुमक्खी के छत्ते जैसे लगे और उनका विवरण माइक्रोग्राफिया नामक पुस्तक में प्रकाशित किया।
03सूक्ष्मजैविकी के जनक कौन हैं?
एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक, 1660 के दशक में कार्यरत एक डच वैज्ञानिक, को सूक्ष्मजैविकी का जनक कहा जाता है। उन्होंने परिष्कृत लेंस बनाकर अधिक उपयोगी सूक्ष्मदर्शी बनाया और सर्वप्रथम जीवाणु और रक्त कोशिकाओं को स्पष्ट रूप से देखकर उनका वर्णन किया।
04कोशिका के तीन मुख्य भाग कौन-से हैं?
कोशिका के तीन मुख्य भाग हैं: (1) कोशिका झिल्ली — बाहरी छिद्रयुक्त परत जो पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है; (2) कोशिकाद्रव्य — झिल्ली और केंद्रक के बीच का स्थान जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और खनिज लवण होते हैं; (3) केंद्रक — कोशिका की समस्त क्रियाओं और वृद्धि का नियंत्रक।
05पादप कोशिका और जंतु कोशिका में क्या अंतर है?
पादप कोशिकाओं में अतिरिक्त कोशिका भित्ति (दृढ़ता और शक्ति प्रदान करती है), हरितलवक (प्रकाश-संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल युक्त) और एक बड़ी रिक्तिका होती है। जंतु कोशिकाओं में सामान्यतः ये नहीं होते; यदि रिक्तिकाएँ हों तो छोटी होती हैं।
06राइज़ोबियम जीवाणु की क्या भूमिका है?
राइज़ोबियम जीवाणु फलीदार पौधों (बीन्स, मटर, मसूर) की जड़-ग्रंथिकाओं में रहते हैं। ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करके पौधों के लिए उपयोगी बनाते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता घटती है।
07यीस्ट ब्रेड को मुलायम कैसे बनाता है?
यीस्ट एक प्रकार का कवक है जो श्वसन के दौरान शर्करा को तोड़कर ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है। यह गैस आटे में बुलबुले बनाती है जिससे वह मुलायम और फूला बनता है। इस गुण का उपयोग ब्रेड, केक आदि बनाने में होता है।
08दही कैसे बनता है और वह खट्टा क्यों होता है?
दही मुख्यतः लैक्टोबैसिलस जीवाणु के कारण बनता है। यह जीवाणु दूध की शर्करा (लैक्टोज़) को किण्वित करके लैक्टिक अम्ल उत्पन्न करता है जो दही को खट्टा बनाता है। गर्म स्थान पर दही जल्दी बनता है क्योंकि उष्मा में जीवाणु तेज़ी से गुणित होते हैं।
09क्या एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 2 की पीडीएफ निःशुल्क है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 2 की पीडीएफ ncerthindi.com पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। कोई पंजीकरण आवश्यक नहीं है।
More chapters in विज्ञान (जिज्ञासा)
विज्ञान (जिज्ञासा) — कक्षा 8 विज्ञान की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 2 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 8 पाठ्यपुस्तकें देखें।