अध्याय 10: प्रकाश — दर्पण एवं लेंस
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कक्षा 8 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 10, "प्रकाश — दर्पण एवं लेंस", गोलीय दर्पणों (अवतल और उत्तल) और लेंसों (उत्तल और अवतल) द्वारा प्रतिबिंब बनाने, परावर्तन के दो नियमों तथा वक्र दर्पणों व लेंसों के वास्तविक जीवन में उपयोग को समझाता है।
- गोलीय दर्पण और उनसे बनने वाले प्रतिबिंब — अवतल दर्पण भीतर की ओर और उत्तल दर्पण बाहर की ओर वक्र होते हैं। अवतल दर्पण पास रखी वस्तु का आवर्धित सीधा प्रतिबिंब बनाता है, परंतु दूर ले जाने पर प्रतिबिंब उलटा हो जाता है। उत्तल दर्पण सदैव छोटा सीधा प्रतिबिंब बनाता है — जो वाहनों के पार्श्व-दर्पण के लिए आदर्श है।
- परावर्तन के नियम — समतल, अवतल और उत्तल — सभी दर्पणों पर दो नियम लागू होते हैं: आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है, और आपतित किरण, अभिलंब तथा परावर्तित किरण एक ही तल में होती हैं। ये नियम प्रत्येक परावर्तित प्रतिबिंब की स्थिति निर्धारित करते हैं।
- लेंस प्रकाश को अभिसरित या अपसरित करते हैं — उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और प्रकाश को अभिसरित करता है — पास रखी वस्तु का आवर्धित सीधा और दूर रखी वस्तु का उलटा प्रतिबिंब बनाता है। अवतल लेंस किनारों पर मोटा होता है, प्रकाश को अपसरित करता है और सदैव छोटा सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
- दैनिक जीवन में वक्र प्रकाशिकी — अवतल दर्पण और उत्तल लेंस सूर्य के प्रकाश को एक बिंदु पर केंद्रित करके कागज़ जला सकते हैं — यही सौर सांद्रकों का आधार है। लेंस चश्मों, कैमरों, दूरदर्शकों, सूक्ष्मदर्शकों और मानव नेत्र में भी उपयोग होते हैं, जिसका उत्तल लेंस फोकस बदलने के लिए अपना आकार बदलता है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01गोलीय दर्पण काँच के खोखले गोले के एक भाग के आकार के वक्र दर्पण हैं; अवतल दर्पण का परावर्तक पृष्ठ भीतर की ओर और उत्तल दर्पण का बाहर की ओर वक्र होता है।
- 02अवतल दर्पण पास रखी वस्तु का सीधा और आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है, परंतु दूर ले जाने पर पहले आवर्धित और फिर छोटा उलटा प्रतिबिंब बनाता है।
- 03उत्तल दर्पण सदैव सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, चाहे वस्तु कितनी भी दूर हो; इसीलिए यह वाहनों के पार्श्व-दर्पण और सड़क-सुरक्षा दर्पण के रूप में उपयोगी है।
- 04परावर्तन के दो नियम: (1) आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है; (2) आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होती हैं।
- 05ये परावर्तन के नियम समतल, अवतल और उत्तल — सभी प्रकार के दर्पणों पर लागू होते हैं।
- 06अवतल दर्पण समानांतर किरण-पुंज को अभिसरित (एक बिंदु की ओर लाता) करता है, जबकि उत्तल दर्पण उन्हें अपसरित (फैलाता) करता है।
- 07लेंस पारदर्शी पदार्थ का एक टुकड़ा है जिसकी वक्र सतहें होती हैं; उत्तल लेंस बीच में मोटा होकर प्रकाश को अभिसरित करता है, जबकि अवतल लेंस किनारों पर मोटा होकर अपसरित करता है।
- 08उत्तल लेंस से पास की वस्तु सीधी और आवर्धित दिखती है; दूर ले जाने पर उलटी दिखती है। अवतल लेंस से वस्तु सदैव सीधी और छोटी दिखती है।
- 09अवतल दर्पण और उत्तल लेंस सूर्य के प्रकाश को एक बिंदु पर केंद्रित करके कागज़ जलाने में सक्षम हैं; यह सिद्धांत सौर सांद्रकों में ताप और विद्युत उत्पादन के लिए उपयोग होता है।
- 10लेंस चश्मों, कैमरों, दूरदर्शकों, सूक्ष्मदर्शकों और मानव नेत्र में उपयोग होते हैं — नेत्र का उत्तल लेंस विभिन्न दूरियों पर फोकस करने के लिए अपना आकार बदलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 8 विज्ञान का अध्याय 10 किस बारे में है?
अध्याय 10 'प्रकाश — दर्पण एवं लेंस' गोलीय दर्पणों (अवतल और उत्तल), परावर्तन के नियमों और लेंसों (उत्तल और अवतल) के बारे में है। यह बताता है कि प्रतिबिंब कैसे बनते हैं, समतल दर्पण से ये कैसे भिन्न हैं और दैनिक जीवन में वक्र दर्पण व लेंस कहाँ उपयोग होते हैं।
02अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण में क्या अंतर है?
अवतल दर्पण का परावर्तक पृष्ठ भीतर की ओर वक्र होता है, जबकि उत्तल दर्पण का बाहर की ओर। अवतल दर्पण वस्तु की दूरी के अनुसार सीधा-आवर्धित या उलटा प्रतिबिंब बना सकता है, जबकि उत्तल दर्पण सदैव सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
03परावर्तन के दो नियम क्या हैं?
परावर्तन के दो नियम हैं: (1) आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है; (2) आपतित किरण, आपतन बिंदु पर अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होती हैं।
04उत्तल दर्पण वाहनों के पार्श्व-दर्पण के रूप में क्यों उपयोग किया जाता है?
उत्तल दर्पण सदैव पीछे के यातायात का सीधा परंतु छोटा प्रतिबिंब बनाता है और बाहर की ओर वक्र होने के कारण पीछे की सड़क का बहुत विस्तृत क्षेत्र दिखाता है। यह विस्तृत दृश्य क्षेत्र चालकों को अधिक सड़क देखने में सहायक है — इसीलिए सड़क के मोड़ों और चौराहों पर भी उत्तल दर्पण लगाए जाते हैं।
05अवतल दर्पण के पास वस्तु रखने पर कैसा प्रतिबिंब बनता है?
वस्तु को अवतल दर्पण के पास रखने पर प्रतिबिंब सीधा और आवर्धित (वस्तु से बड़ा) होता है। वस्तु को दूर ले जाने पर प्रतिबिंब उलटा हो जाता है — पहले आवर्धित, फिर क्रमशः छोटा होता जाता है।
06उत्तल लेंस और अवतल लेंस में क्या अंतर है?
उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है; यह प्रकाश को अभिसरित (एकत्र) करता है। अवतल लेंस किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है; यह प्रकाश को अपसरित (फैलाता) करता है। इसीलिए उत्तल लेंस को अभिसारी और अवतल लेंस को अपसारी लेंस भी कहते हैं।
07अवतल लेंस से बना प्रतिबिंब उत्तल लेंस से बने प्रतिबिंब से कैसे भिन्न है?
अवतल लेंस से वस्तु की दूरी चाहे जो हो, प्रतिबिंब सदैव सीधा और छोटा दिखता है। उत्तल लेंस से पास रखी वस्तु सीधी और आवर्धित दिखती है, परंतु दूर ले जाने पर उलटी दिखती है।
08दंत चिकित्सक अवतल दर्पण का उपयोग क्यों करते हैं?
दंत चिकित्सक अवतल दर्पण का उपयोग इसलिए करते हैं क्योंकि दाँतों के पास रखने पर यह दाँतों का आवर्धित सीधा प्रतिबिंब देता है, जिससे मुँह के अंदर के दाँतों की जाँच करना आसान हो जाता है।
09अवतल दर्पण या उत्तल लेंस कागज़ कैसे जलाते हैं?
अवतल दर्पण सूर्य से परावर्तित किरणों को एक तेज़ बिंदु पर केंद्रित करता है। इसी प्रकार उत्तल लेंस सूर्य के प्रकाश को एक फोकस बिंदु पर केंद्रित करता है। दोनों स्थितियों में केंद्रित प्रकाश से पर्याप्त ऊष्मा उत्पन्न होती है जो कागज़ जला सकती है।
10सौर सांद्रक क्या है और यह कैसे काम करता है?
सौर सांद्रक एक ऐसी युक्ति है जो दर्पणों या लेंसों का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश को एक छोटे क्षेत्र पर केंद्रित करती है। केंद्रित सूर्य प्रकाश किसी द्रव को गर्म करके भाप बनाता है जो विद्युत उत्पादन, बड़े पैमाने पर खाना पकाने या सौर भट्टियों में इस्पात पिघलाने के काम आ सकती है।
11क्या परावर्तन के नियम गोलीय दर्पणों पर लागू होते हैं?
हाँ। परावर्तन के नियम समतल, अवतल और उत्तल — सभी प्रकार के दर्पणों पर लागू होते हैं। परंतु जब समानांतर किरणें गोलीय दर्पण पर पड़ती हैं तो वक्र सतह के कारण परावर्तित किरणें अभिसरित (अवतल दर्पण) या अपसरित (उत्तल दर्पण) हो जाती हैं, यद्यपि प्रत्येक किरण उन्हीं नियमों का पालन करती है।
12वाहनों के पार्श्व-दर्पण पर लिखी चेतावनी का क्या अर्थ है?
चेतावनी होती है 'वस्तुओं के बीच वास्तविक दूरी दर्पण में दिखाई देने वाली दूरी से कम होती है।' चूँकि उत्तल दर्पण सदैव छोटा प्रतिबिंब बनाता है, परावर्तित वस्तुएँ छोटी दिखती हैं और इसलिए वास्तव में जितनी दूर हैं उससे अधिक दूर लगती हैं — यह चालकों के लिए एक महत्त्वपूर्ण सुरक्षा संकेत है।
13दैनिक जीवन में लेंस का उपयोग कहाँ होता है?
लेंस चश्मों में स्पष्ट दृष्टि के लिए, कैमरों, दूरदर्शकों और सूक्ष्मदर्शकों में उपयोग होते हैं। मानव नेत्र में भी एक उत्तल लेंस होता है जो विभिन्न दूरियों पर फोकस करने के लिए अपना आकार बदल सकता है।
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