सारांश
कक्षा 8 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 5, "संख्याओं का खेल", संख्याओं के प्रतिरूप और गुणधर्मों की खोज कराता है — सम-विषम संख्याओं की समता, 2, 3, 4, 5, 9, 10 और 11 की विभाज्यता के नियम, अंकीय मूल (digital root), बीजगणितीय प्रमाण और संख्या-पहेलियाँ।
- विभाज्यता परीक्षण क्यों काम करते हैं — अध्याय केवल 2, 3, 4, 5, 9, 10 और 11 के लिए विभाज्यता के शॉर्टकट सूचीबद्ध नहीं करता — स्थानीय मान और शेषफल के माध्यम से यह समझाता है कि प्रत्येक परीक्षण निश्चित रूप से क्यों काम करता है।
- समता — तर्क का हल्का औजार — सम और विषम संख्याओं के योग, अंतर और गुणा के नियम एक हल्के तार्किक उपकरण बन जाते हैं — चार क्रमागत संख्याओं के बीच '+' और '–' लगाने पर परिणाम सदैव सम क्यों होता है, इसे तीन विभिन्न तरीकों से सिद्ध किया जाता है।
- संख्या सिद्धांत से पहेलियाँ — अंकीय मूल, बीजगणितीय प्रमाण और गुणज-गुणनखंड संबंध संरचित तर्कण के उपकरण बनते हैं — केवल परीक्षण-और-त्रुटि नहीं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01समता के नियम: विषम ± विषम = सम; सम ± सम = सम; विषम ± सम = विषम; '+' और '–' के मध्य परिवर्तन सदैव सम राशि जोड़ता या घटाता है
- 022, 5, 10 से विभाज्यता इकाई अंक से निर्धारित होती है (0 → 10 से; 0 या 5 → 5 से; सम अंक → 2 से)
- 039 से विभाज्यता: यदि अंकों का योग 9 से विभाज्य हो; अंकीय मूल (बार-बार अंकों का योग) 9 से भाग पर शेषफल के बराबर होता है
- 043 से विभाज्यता: यदि अंकों का योग 3 से विभाज्य हो
- 0511 से विभाज्यता: विषम स्थानों के अंकों का योग − सम स्थानों के अंकों का योग; यदि अंतर 0 या 11 का गुणज हो तो संख्या 11 से विभाज्य
- 064 के गुणजों के दो समूह: 4 का गुणज (शेष 0) और 4 का गुणज नहीं (शेष 2); दो 4-गुणजों का योग या दो 4-गैर-गुणजों का योग भी 4 का गुणज होता है
- 07चार क्रमागत संख्याओं के बीच '+' और '–' जिस भी प्रकार से लगाए जाएँ, परिणाम सदैव सम होता है — इसे बीजगणित से तीन विधियों द्वारा सिद्ध किया जाता है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01'संख्याओं का खेल' अध्याय किस विषय पर है?
यह अध्याय संख्याओं के प्रतिरूपों और गुणधर्मों की खोज पर है। इसमें विभाज्यता के शॉर्टकट, उनके बीजगणितीय कारण, समता के नियम और संख्या-पहेलियाँ तार्किक विधि से सुलझाई जाती हैं।
02विभाज्यता नियम क्या हैं और ये काम क्यों करते हैं?
विभाज्यता नियम बिना पूरा भाग किए यह जाँचने के शॉर्टकट हैं कि एक संख्या दूसरी से विभाज्य है या नहीं। उदाहरण: 9 का नियम — यदि अंकों का योग 9 से विभाज्य हो। यह इसलिए काम करता है क्योंकि 10, 100, 1000 आदि को 9 से भाग देने पर शेष सदैव 1 रहता है, इसलिए केवल अंकों का योग मायने रखता है।
03अंकीय मूल (digital root) क्या है और इसका उपयोग कैसे होता है?
अंकीय मूल तब तक अंकों का योग करके प्राप्त होता है जब तक एक अंक न बचे। उदाहरण: 489710 का अंकीय मूल 2 है (4+8+9+7+1+0=29, 2+9=11, 1+1=2)। अंकीय मूल 9 से भाग देने पर शेषफल के बराबर होता है — यह विभाज्यता जाँचने और गणनाओं की सत्यापन में उपयोगी है।
0411 से विभाज्यता कैसे जाँचें?
इकाई से शुरू करके बारी-बारी '+' और '–' चिह्न लगाएँ और मान ज्ञात करें। उदाहरण: 328105 के लिए −3+2−8+1−0+5 = −3। यदि परिणाम 0 या 11 का गुणज हो तो संख्या 11 से विभाज्य है।
05क्या कक्षा 8 गणित अध्याय 5 की PDF निःशुल्क उपलब्ध है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 8 गणित अध्याय 5 ('संख्याओं का खेल') की PDF निःशुल्क उपलब्ध है। यह भारत सरकार द्वारा प्रदत्त आधिकारिक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
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