अध्याय 2: सजीव जगत में विविधता
पाठ्यपुस्तक PDF खोलेंब्राउज़र में पढ़ें→यह भी देखेंसमाधान पेज→सारांश
कक्षा 6 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 2, "सजीव जगत में विविधता", हमारे आसपास पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता, उनके वर्गीकरण, विभिन्न आवासों में जीवित रहने में सहायक अनुकूलन, तथा जैव विविधता संरक्षण के महत्व को स्पष्ट करता है।
- जैव विविधता और सजीवों का वर्गीकरण — जैव विविधता किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता है, जिसमें प्रत्येक सदस्य की अपनी अलग भूमिका होती है। इस विविधता को समझने के लिए सजीवों को समान लक्षणों के आधार पर समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।
- पौधों का वर्गीकरण—तने, पत्तियाँ और जड़ें — पौधों को शाक, झाड़ी और वृक्ष में बाँटा जाता है। पत्तियों की शिरा-विन्यास (जालिकारूपी या समानांतर) और जड़ों के प्रकार (मूसला या रेशेदार) के आधार पर पौधे द्विबीजपत्री या एकबीजपत्री होते हैं।
- आवास और अनुकूलन — आवास वह स्थान है जहाँ जीव भोजन, जल, वायु और आश्रय पाता है—चाहे वह स्थलीय हो (वन, मरुस्थल) या जलीय (तालाब, महासागर)। अनुकूलन वे विशेष लक्षण हैं जो जीवों को अपने विशेष आवास में जीवित रहने में सहायता करते हैं।
- जैव विविधता का संरक्षण — आवास की हानि से जैव विविधता का नुकसान होता है। भारत में प्रोजेक्ट टाइगर (1973), चीता पुनः प्रस्तुति परियोजना (2022) और समुदाय-रक्षित 'देववन' जैव विविधता की रक्षा के उदाहरण हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01जैव विविधता किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता है; प्रत्येक सदस्य की पारितंत्र में अलग भूमिका होती है।
- 02पौधों को तीन मुख्य समूहों में बाँटा जाता है: शाक (कोमल हरा तना), झाड़ी (भूमि के पास से शाखाएँ निकलती हैं) और वृक्ष (कठोर मोटा तना, ऊँचाई पर शाखाएँ)।
- 03आरोही (लिपटकर ऊपर चढ़ते हैं) और विसर्पी (भूमि पर फैलते हैं) पौधों की अलग श्रेणियाँ हैं।
- 04शिरा-विन्यास दो प्रकार का होता है: जालिकारूपी (जैसे—गुड़हल) और समानांतर (जैसे—केला, घास)।
- 05मूसला जड़ प्रणाली में एक मुख्य जड़ होती है (जैसे—सरसों, चना); रेशेदार जड़ें तने के आधार से निकलती हैं (जैसे—घास, गेहूँ)।
- 06द्विबीजपत्री पौधों में दो बीजपत्र, जालिकारूपी शिरा-विन्यास और मूसला जड़ होती है; एकबीजपत्री में एक बीजपत्र, समानांतर शिरा-विन्यास और रेशेदार जड़ें होती हैं।
- 07अनुकूलन वे विशेष लक्षण हैं जो पौधों और जंतुओं को अपने विशेष आवास में जीवित रहने में सहायता करते हैं।
- 08उभयचर (जैसे—मेंढक) जल और स्थल—दोनों पर रह सकते हैं। आवास की हानि से जैव विविधता का नुकसान होता है।
- 09प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में शुरू हुआ; चीता पुनः प्रस्तुति परियोजना 2022 में। देववन समुदाय द्वारा संरक्षित जैव विविधता के भंडार हैं।
- 10डॉ. सलीम अली (पक्षी विज्ञानी) और जानकी अम्माल (वनस्पति वैज्ञानिक) जैसे भारतीय वैज्ञानिकों ने जैव विविधता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 6 विज्ञान (जिज्ञासा) का अध्याय 2 किस बारे में है?
अध्याय 2 'सजीव जगत में विविधता' पौधों और जंतुओं की जैव विविधता, उनका तने के प्रकार, शिरा-विन्यास, जड़ प्रणाली और बीजपत्र के आधार पर वर्गीकरण, विभिन्न आवासों में अनुकूलन, और जैव विविधता संरक्षण के उपायों को समझाता है।
02जैव विविधता क्या है?
किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता उस क्षेत्र की जैव विविधता कहलाती है। प्रत्येक सदस्य पारितंत्र में एक अलग भूमिका निभाता है और पौधे-जंतु एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
03शाक, झाड़ी और वृक्ष में क्या अंतर है?
शाक में कोमल हरा तना होता है और ये छोटे होते हैं। झाड़ी में कठोर तना होता है जिसकी शाखाएँ भूमि के पास से निकलती हैं। वृक्ष लंबे होते हैं जिनमें कठोर और मोटा तना होता है तथा शाखाएँ ऊँचाई पर निकलती हैं।
04जालिकारूपी और समानांतर शिरा-विन्यास में क्या अंतर है?
जालिकारूपी शिरा-विन्यास में पत्ती की शिराएँ जाल जैसी होती हैं (जैसे—गुड़हल, नीम)। समानांतर शिरा-विन्यास में शिराएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं (जैसे—केला, घास)।
05आवास किसे कहते हैं? इसके कितने प्रकार होते हैं?
आवास वह स्थान है जहाँ जीव को भोजन, जल, वायु और आश्रय मिलते हैं। स्थलीय आवास में वन और मरुस्थल शामिल हैं; जलीय आवास में तालाब, नदियाँ और महासागर शामिल हैं।
06भारत में जैव विविधता संरक्षण के क्या उपाय हैं?
प्रोजेक्ट टाइगर (1973 में शुरू), चीता पुनः प्रस्तुति परियोजना (2022), समुदाय-संरक्षित देववन, और डॉ. सलीम अली व जानकी अम्माल जैसे वैज्ञानिकों का योगदान भारत में जैव विविधता संरक्षण के प्रमुख उदाहरण हैं।
More chapters in विज्ञान (जिज्ञासा)
विज्ञान (जिज्ञासा) — कक्षा 6 विज्ञान की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 2 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 6 पाठ्यपुस्तकें देखें।