अध्याय 11: प्रकृति की अमूल्य संपदा
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कक्षा 6 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (जिज्ञासा) का अध्याय 11, "प्रकृति की अमूल्य संपदा", वायु, जल, सौर ऊर्जा, वन, मृदा, शैल, खनिज और जीवाश्म ईंधन जैसी प्रमुख प्राकृतिक संपदाओं का परिचय देता है और समझाता है कि इन्हें नवीकरणीय और अनवीकरणीय में कैसे वर्गीकृत किया जाए तथा इनका संरक्षण क्यों आवश्यक है।
- वायु और जल — जीवनदायी संपदाएँ — वायु गैसों का मिश्रण है — नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21% और अन्य गैसें 1%। ऑक्सीजन के बिना हम कुछ क्षण भी जीवित नहीं रह सकते। पृथ्वी की लगभग दो-तिहाई सतह जल से ढकी है, परंतु अधिकांश समुद्री खारा जल उपयोग के अयोग्य है — मीठा जल सीमित और अमूल्य है।
- सौर ऊर्जा और वन — सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है — पौधे सूर्यप्रकाश से भोजन बनाते हैं और यह ऊर्जा सभी जीवों तक पहुँचती है। सौर पैनल और सौर कुकर इसका प्रत्यक्ष उपयोग हैं। वन खाद्य, आश्रय और जैव विविधता प्रदान करते हैं; उनकी जड़ें मृदा अपरदन रोकती हैं।
- मृदा, शैल और जीवाश्म ईंधन — मृदा का निर्माण हजारों वर्षों में और शैलों का करोड़ों वर्षों में होता है। जीवाश्म ईंधन — पेट्रोलियम, कोयला और प्राकृतिक गैस — सूक्ष्मजीवों और पौधों के दबे अवशेषों से करोड़ों वर्षों में बनते हैं, इसीलिए ये अनवीकरणीय हैं।
- नवीकरणीय, अनवीकरणीय और संरक्षण — वायु, जल और वन जैसी नवीकरणीय संपदाएँ उचित समय में पुनः उपलब्ध हो जाती हैं; कोयला, पेट्रोलियम और खनिज जैसी अनवीकरणीय संपदाएँ नहीं होतीं। भारत की परंपराओं में वर्षा जल संग्रहण (बावड़ी, वाव), चिपको आंदोलन और वन महोत्सव संरक्षण के जीवंत उदाहरण हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01वायु का संघटन — नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड व अन्य गैसें 1%।
- 02हम भोजन अथवा जल के बिना कुछ दिन जीवित रह सकते हैं, किंतु ऑक्सीजन के बिना कुछ क्षण भी नहीं।
- 03चलती हुई वायु पवन कहलाती है; पवनचक्कियाँ पवन ऊर्जा से आटा पीसने, जल उठाने और विद्युत उत्पादन में उपयोगी हैं।
- 04पृथ्वी की लगभग दो-तिहाई सतह जल से ढकी है — अधिकांश समुद्री खारा जल उपयोग के अयोग्य है; मीठा जल सीमित और बहुमूल्य है।
- 05वर्षा जल संग्रहण के परंपरागत भारतीय उदाहरण — राजस्थान में बावड़ी और गुजरात में वाव (सीढ़ीदार कुएँ)।
- 06सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है; पौधे सूर्यप्रकाश से भोजन बनाते हैं और यह ऊर्जा समस्त जीवों तक पहुँचती है।
- 07सौर पैनल, सौर कुकर और सौर जल-उष्मक सौर ऊर्जा के प्रत्यक्ष उपयोग हैं।
- 08वन घने पौधों का विशाल क्षेत्र है जो खाद्य, आश्रय और जैव विविधता प्रदान करते हैं; जड़ें मृदा अपरदन रोकती हैं।
- 09जीवाश्म ईंधन (पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला) सूक्ष्मजीवों और पौधों के दफन अवशेषों से करोड़ों वर्षों में बनते हैं — ये अनवीकरणीय हैं।
- 10नवीकरणीय संपदाएँ (वायु, जल, वन) उचित समय में पुनः उपलब्ध हो जाती हैं; अनवीकरणीय (कोयला, पेट्रोलियम, खनिज, मृदा, शैल) नहीं होतीं।
- 11चिपको आंदोलन — 1970 के दशक में उत्तराखंड में स्थानीय महिलाओं ने वृक्षों को काटे जाने से बचाने के लिए उन्हें आलिंगन किया।
- 12वन महोत्सव — जुलाई में पूरे भारत में मनाया जाने वाला सप्ताह भर का वृक्षारोपण उत्सव।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01अध्याय 11 'प्रकृति की अमूल्य संपदा' किस बारे में है?
यह अध्याय प्रमुख प्राकृतिक संपदाओं — वायु, जल, सौर ऊर्जा, वन, मृदा, शैल, खनिज और जीवाश्म ईंधन — का परिचय देता है। इसमें उनका जीवन के लिए महत्त्व, उनका निर्माण कैसे होता है, तथा उन्हें नवीकरणीय और अनवीकरणीय के रूप में कैसे वर्गीकृत करें और संरक्षित करें — इन सभी का विस्तृत वर्णन है।
02वायु का संघटन क्या है?
वायु गैसों का मिश्रण है — नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21%, और शेष 1% में आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अन्य गैसें। नाइट्रोजन वायु में सर्वाधिक मात्रा में उपस्थित गैस है।
03नवीकरणीय और अनवीकरणीय संपदाएँ क्या हैं?
नवीकरणीय संपदाएँ वे हैं जो उचित समय में पुनः उपलब्ध हो जाती हैं — जैसे वायु, जल और वन। अनवीकरणीय संपदाएँ सीमित मात्रा में हैं और उचित समय में पुनः उपलब्ध नहीं होतीं — जैसे जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस), खनिज, मृदा और शैल।
04जीवाश्म ईंधन कैसे बनते हैं और ये अनवीकरणीय क्यों हैं?
जीवाश्म ईंधन (पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला) पृथ्वी में दफन हुए सूक्ष्मजीवों और पौधों के अवशेषों से करोड़ों वर्षों में रूपांतरित होकर बनते हैं। चूँकि इनके बनने में करोड़ों वर्ष लगते हैं और ये सीमित मात्रा में हैं, इसलिए ये अनवीकरणीय संपदाएँ हैं।
05वर्षा जल संग्रहण क्या है? बावड़ी और वाव क्या हैं?
वर्षा जल संग्रहण का अर्थ है बाद में उपयोग के लिए वर्षा के जल को बड़ी मात्रा में एकत्रित करना। बावड़ी (राजस्थान) और वाव (गुजरात) पारंपरिक सीढ़ीदार कुएँ हैं। ये न केवल वर्षा जल बल्कि पत्थर-पंक्तिबद्ध नालियों से समीपवर्ती झीलों और नदियों का जल भी संग्रहीत करते हैं।
06सूर्य को पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्यों कहते हैं?
पौधे सूर्यप्रकाश से भोजन बनाते हैं; जंतु पौधों को खाकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं। हमें भोजन पौधों और जंतुओं दोनों से मिलता है। सौर पैनल, सौर कुकर और सौर जल-उष्मक भी सूर्य की ऊर्जा का सीधा उपयोग करते हैं। पृथ्वी पर संपूर्ण खाद्य एवं ऊर्जा चक्र सूर्य के कारण ही संभव है।
07चिपको आंदोलन क्या था और यह कहाँ से शुरू हुआ?
चिपको आंदोलन में स्थानीय महिलाओं ने वृक्षों को काटे जाने से बचाने के लिए उन्हें अपनी बाँहों में घेर लिया। यह 1970 के दशक में उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश का भाग) में आरंभ हुआ।
08वन महोत्सव क्या है और यह कब मनाया जाता है?
वन महोत्सव पूरे भारत में जुलाई माह में मनाया जाने वाला सप्ताह भर का वृक्षारोपण उत्सव है जिसमें नए पौधे लगाए जाते हैं और वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है।
09मृदा कैसे बनती है और यह अनवीकरणीय क्यों है?
मृदा का निर्माण सूर्य, जल और जीवों की क्रिया से शैलों के हजारों वर्षों में टूटने-गलने से होता है। चूँकि इसके बनने में बहुत लंबा समय लगता है, इसे अनवीकरणीय संपदा माना जाता है।
10प्राकृतिक और मानव-निर्मित संपदाओं में क्या अंतर है?
प्राकृतिक संपदाएँ वे हैं जो हमें प्रकृति से मिलती हैं — जैसे वायु, जल, सूर्यप्रकाश, वन, मृदा, शैल, खनिज और जीवाश्म ईंधन। मानव-निर्मित संपदाएँ मनुष्यों द्वारा अपनी आवश्यकता पूर्ति के लिए बनाई जाती हैं — जैसे विद्युत बल्ब, फर्नीचर, सौर पैनल और साइकिल।
11पृथ्वी की दो-तिहाई सतह जल से ढकी होने पर भी भारत के कई भागों में जल की कमी क्यों है?
पृथ्वी का अधिकांश जल महासागरों में है जो खारा होने के कारण घरेलू, कृषि और उद्योग में उपयोग के अयोग्य है। हिमचादरों और भूमिगत जल तक पहुँचना कठिन है। केवल तालाबों, नदियों, झीलों और कुओं का अत्यल्प भाग सहज रूप से उपलब्ध है, इसीलिए जल की कमी बनी रहती है।
12क्या एनसीईआरटी कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 11 की पीडीएफ निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
हाँ, एनसीईआरटी जिज्ञासा कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 11 की पीडीएफ हमारी वेबसाइट और ऐप पर बिना किसी पंजीकरण के निःशुल्क उपलब्ध है।
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