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कक्षा 6 विज्ञान
अध्याय 2: सजीव जगत में विविधता — समाधान
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अवलोकन
सजीव जगत में विविधता के NCERT समाधान (अध्याय 2, NCERT कक्षा 6 विज्ञान) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप सजीव जगत में विविधता की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
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इन समाधानों में क्या है
- जैव विविधता और सजीवों का वर्गीकरण — जैव विविधता किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले पौधों और जंतुओं की विविधता है, जिसमें प्रत्येक सदस्य की अपनी अलग भूमिका होती है। इस विविधता को समझने के लिए सजीवों को समान लक्षणों के आधार पर समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।
- पौधों का वर्गीकरण—तने, पत्तियाँ और जड़ें — पौधों को शाक, झाड़ी और वृक्ष में बाँटा जाता है। पत्तियों की शिरा-विन्यास (जालिकारूपी या समानांतर) और जड़ों के प्रकार (मूसला या रेशेदार) के आधार पर पौधे द्विबीजपत्री या एकबीजपत्री होते हैं।
- आवास और अनुकूलन — आवास वह स्थान है जहाँ जीव भोजन, जल, वायु और आश्रय पाता है—चाहे वह स्थलीय हो (वन, मरुस्थल) या जलीय (तालाब, महासागर)। अनुकूलन वे विशेष लक्षण हैं जो जीवों को अपने विशेष आवास में जीवित रहने में सहायता करते हैं।
- जैव विविधता का संरक्षण — आवास की हानि से जैव विविधता का नुकसान होता है। भारत में प्रोजेक्ट टाइगर (1973), चीता पुनः प्रस्तुति परियोजना (2022) और समुदाय-रक्षित 'देववन' जैव विविधता की रक्षा के उदाहरण हैं।
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