सारांश
कक्षा 6 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 10, "पूर्णांक", पूर्णांकों — धनात्मक संख्याओं, ऋणात्मक संख्याओं और शून्य — का परिचय देता है, जिसके लिए बहुमंजिला इमारत की लिफ्ट, खदान के स्तर, बैंक जमा-निकासी, समुद्र तल से ऊँचाई और तापमान जैसे वास्तविक जीवन के संदर्भों का उपयोग किया गया है।
- संख्या रेखा का दोनों दिशाओं में विस्तार — पूर्णांक शून्य के दोनों ओर अनंत तक फैले हैं: धनात्मक संख्याएँ दाईं ओर, ऋणात्मक संख्याएँ बाईं ओर, और शून्य न धनात्मक न ऋणात्मक। संख्या रेखा पर जो संख्या जितनी अधिक बाईं ओर हो, वह उतनी ही छोटी होती है — इसलिए हर ऋणात्मक संख्या हर धनात्मक संख्या से छोटी होती है।
- पूर्णांकों का जोड़ और घटाव — प्रारंभिक तल + गति = लक्षित तल, और लक्षित तल − प्रारंभिक तल = आवश्यक गति — ये नियम पूर्णांक अंकगणित की नींव हैं। कोई संख्या अपने योज्य प्रतिलोम में जोड़ने पर शून्य देती है, और किसी ऋणात्मक संख्या को घटाना, उसी संगत धनात्मक संख्या को जोड़ने के समान है।
- वास्तविक जीवन में पूर्णांक — बैंक में जमा (क्रेडिट) धनात्मक और निकासी (डेबिट) ऋणात्मक संख्या है; शेष ऋणात्मक भी हो सकता है। भूगोल में समुद्र तल से ऊपर की ऊँचाई धनात्मक और नीचे की गहराई ऋणात्मक होती है। 0°C से नीचे के तापमान ऋणात्मक होते हैं, जैसे लद्दाख के लेह में।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01पूर्णांक संख्याएँ हैं …, –3, –2, –1, 0, 1, 2, 3, … जो शून्य से दोनों दिशाओं में अनंत तक फैली हैं।
- 02धनात्मक संख्याओं के आगे '+' चिह्न होता है और वे शून्य के दाईं ओर होती हैं; ऋणात्मक संख्याओं के आगे '–' चिह्न होता है और वे बाईं ओर; शून्य न धनात्मक है न ऋणात्मक।
- 03किसी संख्या n का योज्य प्रतिलोम –n होता है; कोई संख्या और उसका योज्य प्रतिलोम मिलाकर सदैव शून्य देते हैं (जैसे, 7 + (–7) = 0)।
- 04जोड़ का नियम: प्रारंभिक तल + गति = लक्षित तल। घटाव का नियम: लक्षित तल – प्रारंभिक तल = आवश्यक गति।
- 05एक ऋणात्मक संख्या को घटाना, उसी संगत धनात्मक संख्या को जोड़ने के समान है (जैसे, (–1) – (–2) = (–1) + (+2) = +1)।
- 06संख्या रेखा पर जो संख्या जितनी बाईं ओर हो, वह उतनी छोटी होती है; –5 < –3 < 0 < 2। सभी ऋणात्मक संख्याएँ 0 से छोटी और सभी धनात्मक संख्याएँ 0 से बड़ी होती हैं।
- 07टोकन मॉडल में एक धनात्मक और एक ऋणात्मक टोकन मिलकर 'शून्य युग्म' बनाते हैं जिनका संयुक्त मान शून्य होता है; सभी शून्य युग्म हटाने पर शेष टोकन परिणाम दर्शाते हैं।
- 08बैंक में जमा (क्रेडिट) धनात्मक संख्या है; निकासी (डेबिट) ऋणात्मक संख्या है। बैंक शेष धनात्मक या ऋणात्मक दोनों हो सकता है।
- 09समुद्र तल से ऊपर की ऊँचाई धनात्मक होती है; समुद्र तल से नीचे की गहराई (जैसे महासागरीय खाइयाँ) ऋणात्मक होती है। समुद्र तल = 0 मी.।
- 10लद्दाख के लेह में सर्दियों में तापमान 0°C से नीचे चला जाता है — यह ऋणात्मक तापमान का वास्तविक उदाहरण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 6 गणित (गणित प्रकाश) का अध्याय 10 'पूर्णांक' किस बारे में है?
अध्याय 10 पूर्णांकों — धनात्मक संख्याओं, ऋणात्मक संख्याओं और शून्य — का परिचय देता है। इसमें बहुमंजिला इमारत की लिफ्ट और खदान के स्तरों जैसे संदर्भों से शुरुआत होती है, फिर बैंक खाते, भूगोलीय ऊँचाई और तापमान के उदाहरणों से पूर्णांकों को जोड़ना, घटाना और संख्या रेखा पर उनकी तुलना करना सिखाया जाता है।
02पूर्णांक क्या होते हैं?
पूर्णांक वे संख्याएँ हैं जो इस प्रकार हैं: …, –4, –3, –2, –1, 0, 1, 2, 3, 4, … इनमें सभी धनात्मक पूर्ण संख्याएँ, सभी ऋणात्मक पूर्ण संख्याएँ और शून्य शामिल हैं। ये शून्य से दोनों दिशाओं में अनंत तक फैली होती हैं।
03क्या शून्य धनात्मक है या ऋणात्मक?
शून्य न धनात्मक है और न ऋणात्मक। यह संख्या रेखा पर संदर्भ बिंदु (भूतल = तल 0) है, और हम इसके आगे '+' या '–' चिह्न नहीं लगाते।
04योज्य प्रतिलोम क्या होता है?
किसी संख्या का योज्य प्रतिलोम वह संख्या होती है जिसे उसमें जोड़ने पर शून्य प्राप्त हो। उदाहरण: 7 का योज्य प्रतिलोम –7 है (क्योंकि 7 + (–7) = 0), और –5 का योज्य प्रतिलोम +5 है।
05ऋणात्मक संख्या को घटाना, धनात्मक संख्या जोड़ने के समान क्यों होता है?
क्योंकि लक्षित तल – प्रारंभिक तल = आवश्यक गति। अनंत लिफ्ट के उदाहरण से: (+ 2000) – (– 200) = + 2200, जो (+ 2000) + (+ 200) के बराबर भी है। अर्थात् एक ऋणात्मक संख्या को घटाना, उसी संगत धनात्मक संख्या को जोड़ने के समान है।
06दो ऋणात्मक संख्याओं, जैसे –5 और –3, की तुलना कैसे करें?
संख्या रेखा पर –5, –3 के बाईं ओर है, इसलिए –5 < –3। इमारत के तलों के संदर्भ में: तल –5, तल –3 से नीचे है, अतः –5 छोटी है। सामान्यतः जो संख्या जितनी अधिक ऋणात्मक होगी, वह उतनी ही छोटी होगी।
07टोकन मॉडल में 'शून्य युग्म' क्या होता है?
टोकन मॉडल में एक धनात्मक टोकन और एक ऋणात्मक टोकन मिलकर एक 'शून्य युग्म' बनाते हैं जिनका संयुक्त मान शून्य होता है। जब सभी शून्य युग्म हटा दिए जाते हैं, तो शेष टोकन जोड़ का परिणाम दर्शाते हैं।
08इस अध्याय में ऋणात्मक संख्याओं के वास्तविक जीवन के कौन-से उदाहरण दिए गए हैं?
तीन मुख्य संदर्भ दिए गए हैं: (1) बैंक खाते — जमा धनात्मक, निकासी ऋणात्मक, शेष ऋणात्मक भी हो सकता है; (2) भूगोल — समुद्र तल से ऊपर की ऊँचाई धनात्मक, नीचे की गहराई ऋणात्मक; (3) तापमान — 0°C से नीचे के तापमान ऋणात्मक होते हैं, जैसे लद्दाख के लेह में सर्दियों में।
09संख्या रेखा पर पूर्णांकों की तुलना कैसे की जाती है?
संख्या रेखा पर जो संख्या जितनी अधिक बाईं ओर हो, वह उतनी ही छोटी होती है। इसलिए –4 < –3 < 0 < 1 < 2। सभी ऋणात्मक संख्याएँ 0 से छोटी होती हैं और सभी धनात्मक संख्याएँ 0 से बड़ी होती हैं।
10क्या कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 10 की PDF बिना साइन-अप के मुफ्त में डाउनलोड होती है?
हाँ। एनसीईआरटी गणित प्रकाश कक्षा 6 की आधिकारिक PDF ncert.nic.in पर मुफ्त में उपलब्ध है। इस साइट पर भी आप इसे बिना किसी खाते या भुगतान के सीधे देख सकते हैं।
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