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अवलोकन

सारांश

कक्षा 6 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 9, "सममिति", सममिति की रेखा (परावर्तीय सममिति) और घूर्णन सममिति की अवधारणाएँ सिखाता है — मोड़ना, काटना और घुमाना जैसी व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सममित आकृतियों को पहचानना, बनाना और उन पर तर्क करना।

  • सममिति की रेखा (परावर्तीय सममिति)जब कोई रेखा किसी आकृति को दो ऐसे भागों में बाँटती है जो मोड़ने पर एक-दूसरे को पूर्णतया ढक लेते हैं, तो वह आकृति की सममिति की रेखा कहलाती है। एक वर्ग में 4 सममिति की रेखाएँ होती हैं और समबाहु त्रिभुज में 3 — जबकि किसी त्रिभुज में ठीक 2 सममिति की रेखाएँ नहीं हो सकतीं।
  • घूर्णन सममितिजब किसी आकृति को एक निश्चित बिंदु (घूर्णन के केंद्र) के परितः 0° से 360° के बीच किसी कोण पर घुमाने पर वह अपनी मूल स्थिति जैसी ही दिखे, तो उसमें घूर्णन सममिति होती है। 360° सदैव प्रत्येक आकृति का एक सममिति का कोण होता है।
  • विशेष आकृतियों की सममितिn भुजाओं वाले नियमित बहुभुज में n सममिति की रेखाएँ और n सममिति के कोण होते हैं। वृत्त में अनंत सममिति की रेखाएँ (प्रत्येक व्यास) और प्रत्येक कोण सममिति का कोण होता है। अशोक चक्र में 24 सममिति की रेखाएँ और 24 सममिति के कोण हैं, न्यूनतम कोण 15° है।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01जब कोई रेखा आकृति को दो ऐसे भागों में बाँटे जो मोड़ने पर पूर्णतया एक-दूसरे को ढक लें, वह आकृति की सममिति की रेखा (या सममिति की अक्ष) कहलाती है।
  2. 02एक आकृति में एक से अधिक सममिति की रेखाएँ हो सकती हैं — वर्ग में 4 (2 मध्यबिंदुओं से, 2 विकर्णों के अनुदिश), समबाहु त्रिभुज में 3।
  3. 03जो आयत वर्ग नहीं है, उसका विकर्ण सममिति की रेखा नहीं होता।
  4. 04सममिति की रेखाओं वाली आकृति को परावर्तीय सममिति भी कहते हैं।
  5. 05जब किसी आकृति को एक निश्चित केंद्र के परितः 0° और 360° के बीच किसी कोण पर घुमाने पर वह ठीक वैसी ही दिखे, तो उसमें घूर्णन सममिति है और वह कोण सममिति का कोण कहलाता है।
  6. 06360° सदैव प्रत्येक आकृति का एक सममिति का कोण होता है — पूरा चक्कर लगाने पर आकृति अपनी मूल स्थिति पर वापस आ जाती है।
  7. 07किसी आकृति के सभी सममिति के कोण, न्यूनतम सममिति के कोण के गुणज होते हैं।
  8. 08यदि न्यूनतम सममिति का कोण एक प्राकृत संख्या है (अंशों में), तो वह 360° का एक गुणनखंड होना चाहिए।
  9. 09वृत्त में अनंत सममिति की रेखाएँ होती हैं (प्रत्येक व्यास) और प्रत्येक कोण उसका सममिति का कोण होता है।
  10. 10n भुजाओं वाले नियमित बहुभुज में n सममिति की रेखाएँ और n सममिति के कोण होते हैं।
  11. 11अशोक चक्र में 24 सममिति की रेखाएँ और 24 सममिति के कोण हैं; न्यूनतम सममिति का कोण 360° ÷ 24 = 15° है।
  12. 12किसी त्रिभुज में ठीक 2 सममिति की रेखाएँ नहीं हो सकतीं — त्रिभुज में 0, 1 या 3 सममिति की रेखाएँ होती हैं।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

कक्षा 6 गणित (गणित प्रकाश) का अध्याय 9 'सममिति' किस बारे में है?

अध्याय 9 दो प्रकार की सममिति सिखाता है: सममिति की रेखा (परावर्तीय सममिति) — जहाँ एक रेखा आकृति को दो दर्पण-जैसे समान भागों में बाँटती है — और घूर्णन सममिति — जहाँ आकृति को एक निश्चित केंद्र के परितः किसी कोण पर घुमाने पर वह ठीक वैसी ही दिखती है। विद्यार्थी इन्हें मोड़ने, काटने और कागज घुमाने जैसी गतिविधियों के माध्यम से खोजते हैं।

02

सममिति की रेखा क्या होती है?

जब कोई रेखा किसी आकृति को दो भागों में इस प्रकार काटती है कि उस रेखा के अनुदिश मोड़ने पर दोनों भाग एक-दूसरे को पूर्णतया ढक लें, तो वह रेखा उस आकृति की सममिति की रेखा (या सममिति की अक्ष) कहलाती है। ये दोनों भाग 'दर्पण के आधे भाग' कहलाते हैं।

03

वर्ग में कितनी सममिति की रेखाएँ होती हैं?

वर्ग में 4 सममिति की रेखाएँ होती हैं: एक ऊर्ध्वाधर (ऊपर और नीचे की भुजाओं के मध्यबिंदुओं से), एक क्षैतिज (बाईं और दाईं भुजाओं के मध्यबिंदुओं से), और दो विकर्ण (एक-एक दोनों विकर्णों के अनुदिश)।

04

क्या आयत का विकर्ण सममिति की रेखा होता है?

के वल तब, जब आयत एक वर्ग हो। जो आयत वर्ग नहीं है, उसका विकर्ण सममिति की रेखा नहीं होता — विकर्ण के अनुदिश मोड़ने पर दोनों भाग एक-दूसरे को पूर्णतया नहीं ढकते।

05

घूर्णन सममिति क्या होती है?

जब किसी आकृति को एक निश्चित बिंदु (घूर्णन के केंद्र) के परितः 0° से 360° के बीच किसी कोण पर घुमाने पर वह ठीक अपनी मूल स्थिति जैसी दिखे, तो उस आकृति में घूर्णन सममिति होती है और वह कोण सममिति का कोण कहलाता है।

06

360° सदैव सममिति का कोण क्यों होता है?

क्योंकि किसी भी आकृति को 360° घुमाने पर वह एक पूर्ण चक्कर पूरा करके अपनी ठीक मूल स्थिति पर वापस आ जाती है। इसलिए 360° प्रत्येक आकृति के लिए सदैव सममिति का कोण होता है।

07

सममिति के कोणों में क्या संबंध होता है?

किसी आकृति के सभी सममिति के कोण, उस आकृति के न्यूनतम सममिति के कोण के गुणज होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि न्यूनतम कोण 90° है, तो सममिति के कोण 90°, 180°, 270° और 360° होंगे।

08

वृत्त में कितने सममिति के कोण होते हैं?

वृत्त में अनंत सममिति के कोण होते हैं — प्रत्येक कोण वृत्त के लिए सममिति का कोण है, क्योंकि वृत्त को अपने केंद्र के परितः किसी भी कोण से घुमाने पर वह वैसा ही दिखता है। साथ ही, वृत्त का प्रत्येक व्यास उसकी सममिति की रेखा होती है।

09

क्या किसी त्रिभुज में ठीक दो सममिति की रेखाएँ हो सकती हैं?

नहीं। किसी त्रिभुज में ठीक 0 सममिति की रेखाएँ (विषमबाहु), ठीक 1 (समद्विबाहु) या ठीक 3 (समबाहु) हो सकती हैं। किसी त्रिभुज में ठीक 2 सममिति की रेखाएँ होना असंभव है।

10

अशोक चक्र में कितनी सममिति की रेखाएँ होती हैं?

अशोक चक्र में 24 सममिति की रेखाएँ और 24 सममिति के कोण होते हैं। इसका न्यूनतम घूर्णन सममिति का कोण 360° ÷ 24 = 15° है।

11

n भुजाओं वाले नियमित बहुभुज में कितनी सममिति की रेखाएँ और कोण होते हैं?

n समान भुजाओं और n समान कोणों वाले नियमित बहुभुज में ठीक n सममिति की रेखाएँ और n सममिति के कोण होते हैं। उदाहरण: समबाहु त्रिभुज (3), वर्ग (4), नियमित पंचभुज (5), नियमित षट्भुज (6)।

12

क्या कक्षा 6 गणित प्रकाश अध्याय 9 की PDF बिना साइन-अप के मुफ्त में डाउनलोड होती है?

हाँ — एनसीईआरटी गणित प्रकाश कक्षा 6 की आधिकारिक PDF मुफ्त में उपलब्ध है। इस साइट पर आप इसे बिना किसी खाते या साइन-अप के सीधे देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

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