सारांश
कक्षा 6 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 2, "रेखाएँ और कोण", ज्यामिति की आधारभूत अवधारणाओं — बिंदु, रेखाखंड, रेखा, किरण और कोण — का परिचय देता है, तथा विद्यार्थियों को कोणों का वर्गीकरण, तुलना और चाँदे (प्रोट्रैक्टर) से माप करना सिखाता है।
- ज्यामिति की मूल रचनाएँ — ज्यामिति एक बिंदु से आरंभ होती है जो के वल एक सटीक स्थान निर्धारित करता है। रेखाखंड दो बिंदुओं के बीच का सबसे छोटा मार्ग है, रेखा उसे दोनों दिशाओं में अनंत तक विस्तारित करती है, और किरण एक प्रारंभिक बिंदु से एक दिशा में अनंत तक जाती है।
- कोण का वास्तविक माप — घूर्णन — एक उभयनिष्ठ शीर्ष से निकलने वाली दो किरणों से एक कोण बनता है। कोण का माप एक किरण को दूसरी किरण तक पहुँचाने के लिए आवश्यक घूर्णन की मात्रा है — किरणों की लंबाई कोण के माप को प्रभावित नहीं करती।
- कोणों का वर्गीकरण और माप — कोणों को न्यून, समकोण, अधिककोण, ऋजुकोण और परावर्तित कोण में वर्गीकृत किया जाता है। एक पूर्ण घुमाव 360° का होता है। चाँदा अर्धवृत्त को 180 बराबर भागों में बाँटता है, जिससे कोणों को डिग्री में मापा और बनाया जा सकता है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01एक बिंदु की कोई लंबाई, चौड़ाई या ऊँचाई नहीं होती — वह के वल एक सटीक स्थान निर्धारित करता है, और उसे बड़े अक्षर से दर्शाया जाता है।
- 02रेखाखंड दो बिंदुओं के बीच का सबसे छोटा मार्ग है; रेखा दोनों दिशाओं में अनंत तक विस्तारित होती है; किरण एक बिंदु से आरंभ होकर एक दिशा में अनंत तक जाती है।
- 03किसी भी दो भिन्न बिंदुओं से होकर एक और के वल एक अद्वितीय रेखा जाती है; एक बिंदु से अनंत रेखाएँ जा सकती हैं।
- 04एक कोण, उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु (शीर्ष) वाली दो किरणों से बनता है; दोनों किरणें कोण की भुजाएँ कहलाती हैं।
- 05कोण का माप शीर्ष के परितः घूर्णन की मात्रा है — भुजाओं की लंबाई से कोण का माप नहीं बदलता।
- 06कोणों का वर्गीकरण: न्यून कोण (0°–90°), समकोण (ठीक 90°), अधिककोण (90°–180°), ऋजुकोण (180°) और परावर्तित कोण (180°–360°)।
- 07एक पूर्ण घुमाव = 360°; ऋजुकोण = 180°; समकोण = 90°; समकोण एक पूर्ण घुमाव का चतुर्थांश है।
- 08दो रेखाएँ जब समकोण पर मिलती हैं तो वे लंब रेखाएँ कहलाती हैं; समकोण 'L' अक्षर जैसा दिखता है।
- 09चाँदा (अर्धवृत्त जिसे 180 बराबर भागों में बाँटा गया है) कोणों को डिग्री में मापने और बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
- 10कोण समद्विभाजक एक कोण को दो बराबर भागों में बाँटता है; बार-बार कागज मोड़ने से कोण समद्विभाजित होता है (उदाहरण: 180°→90°→45°→22.5°)।
- 11अशोक चक्र में 24 तीलियाँ हैं, इसलिए आसन्न तीलियों के बीच कोण 360° ÷ 24 = 15° है।
- 12360° को पूर्ण घुमाव के लिए चुनने का कारण है कि 360 को 1 से 10 के बीच के सभी पूर्णांकों से (7 को छोड़कर) विभाजित किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 6 गणित प्रकाश का अध्याय 2 किस बारे में है?
अध्याय 2 'रेखाएँ और कोण' समतल ज्यामिति की आधारभूत अवधारणाओं — बिंदु, रेखाखंड, रेखा, किरण और कोण — का परिचय देता है। इसमें कोणों का वर्गीकरण (न्यून, समकोण, अधिककोण, ऋजुकोण, परावर्तित), चाँदे से माप, और अध्यारोपण द्वारा तुलना शामिल है।
02रेखा, रेखाखंड और किरण में क्या अंतर है?
रेखाखंड के दो निश्चित अंत्य बिंदु होते हैं और यह दोनों के बीच का सबसे छोटा मार्ग है। रेखा रेखाखंड का दोनों दिशाओं में अनंत विस्तार है — इसके कोई अंत्य बिंदु नहीं होते। किरण का एक प्रारंभिक बिंदु होता है और वह के वल एक दिशा में अनंत तक फैलती है।
03कोण क्या है और उसकी भुजाएँ तथा शीर्ष क्या होते हैं?
कोण, उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु वाली दो किरणों से बनता है। वह उभयनिष्ठ बिंदु शीर्ष कहलाता है और दोनों किरणें भुजाएँ कहलाती हैं। कोण को लिखते समय शीर्ष का अक्षर मध्य में रखा जाता है — उदाहरण: ∠DBE में B शीर्ष है।
04न्यून, अधिककोण, समकोण, ऋजुकोण और परावर्तित कोण की परिभाषाएँ क्या हैं?
न्यून कोण: 0° से अधिक और 90° से कम। समकोण: ठीक 90°। अधिककोण: 90° से अधिक और 180° से कम। ऋजुकोण: ठीक 180° (भुजाएँ एक सरल रेखा बनाती हैं)। परावर्तित कोण: 180° से अधिक और 360° से कम।
05एक पूर्ण घुमाव 360° में क्यों बाँटा जाता है?
360 को 1 से 10 के बीच के सभी पूर्णांकों से (7 को छोड़कर) विभाजित किया जा सकता है, जिससे वृत्त को बराबर भागों में बाँटने पर पूर्ण संख्याएँ मिलती हैं। ऋग्वेद, बेबीलोनी, फारसी और मिस्री स्रोत भी 360 इकाइयों वाले वृत्त का प्रयोग करते थे।
06चाँदे से कोण कैसे मापते हैं?
चाँदे के केंद्र को कोण के शीर्ष पर रखिए। कोण की एक भुजा को 0° के निशान से मिलाइए। दूसरी भुजा चाँदे के पैमाने पर जहाँ मिलती है, वहाँ की डिग्री में संख्या कोण का माप होती है।
07कोण समद्विभाजक क्या होता है?
कोण समद्विभाजक वह रेखा (या किरण) है जो किसी कोण को दो बराबर भागों में बाँटती है। उदाहरण के लिए, ऋजुकोण (180°) को समद्विभाजित करने पर दो समकोण (90°-90°) मिलते हैं। कागज मोड़ने से स्वाभाविक रूप से कोण समद्विभाजक बनते हैं।
08अशोक चक्र की आसन्न तीलियों के बीच कितने डिग्री का कोण होता है?
अशोक चक्र में 24 तीलियाँ 360° में बराबर दूरी पर हैं। इसलिए आसन्न तीलियों के बीच कोण 360 ÷ 24 = 15° है। किन्हीं दो तीलियों के बीच सबसे बड़ा न्यून कोण 5 × 15° = 75° है।
09भुजाएँ लंबी करने पर कोण का माप क्यों नहीं बदलता?
क्योंकि कोण का माप, एक भुजा को दूसरी तक घुमाने के लिए आवश्यक घूर्णन की मात्रा है — भुजाओं की लंबाई से नहीं। भुजाएँ लंबी करने पर घूर्णन की मात्रा नहीं बदलती। यह अध्याय में झिरीदार पट्टी के क्रियाकलाप से दर्शाया गया है।
10एक बिंदु से और दो बिंदुओं से कितनी रेखाएँ जा सकती हैं?
एक बिंदु से अनगिनत (अनंत) रेखाएँ जा सकती हैं — किसी भी दिशा में। दो भिन्न बिंदुओं से होकर के वल एक अद्वितीय रेखा जाती है।
11क्या कक्षा 6 गणित अध्याय 2 की PDF मुफ़्त में और बिना पंजीकरण के मिलती है?
हाँ — एनसीईआरटी गणित प्रकाश अध्याय 2 की PDF इस प्लेटफ़ॉर्म पर बिना किसी पंजीकरण के निःशुल्क उपलब्ध है।
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