गणित (गणित प्रकाश) पर वापस
अवलोकन

सारांश

कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित प्रकाश) का अध्याय 8, "भिन्नों के साथ कार्य करना", भिन्नों का गुणन (भिन्न × पूर्ण संख्या, भिन्न × भिन्न) और विभाजन व्युत्क्रम के माध्यम से करना, तथा गुणनफल और भागफल का मूल संख्याओं से आकार-तुलना सिखाता है।

  • भिन्नों का गुणनपूर्ण संख्या से भिन्न गुणा करने से शुरू कर अध्याय ब्रह्मगुप्त के सूत्र — (a/b) × (c/d) = (a×c)/(b×d) — तक पहुँचता है। आयत के क्षेत्रफल के माध्यम से भिन्न-गुणन का दृश्य अर्थ दिया गया है।
  • व्युत्क्रम द्वारा विभाजनभिन्नों का विभाजन भाजक के व्युत्क्रम से गुणन में बदल दिया जाता है: (a/b) ÷ (c/d) = (a/b) × (d/c)। भिन्न को उसके व्युत्क्रम से गुणा करने पर सदैव 1 प्राप्त होता है।
  • गुणनफल और भागफल का आकार0 और 1 के बीच की संख्या से गुणा करने पर परिणाम मूल से छोटा होता है; 0 और 1 के बीच की संख्या से भाग करने पर परिणाम मूल से बड़ा होता है — यह पूर्ण संख्याओं की आदत के विपरीत अंतर्ज्ञान बनाता है।
  • भारतीय गणित की विरासतअध्याय भिन्न अंकगणित को प्राचीन भारत से जोड़ता है: शुल्बसूत्र (लगभग 800 ईसा पूर्व), उमास्वाति का अपवर्तन (150 ईसा पूर्व), ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धांत (628 ईसवी), और भास्कर द्वितीय की लीलावती (1150 ईसवी)।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01भिन्न × पूर्ण संख्या: अंश को पूर्ण संख्या से गुणा करें, हर अपरिवर्तित रहे — जैसे 3 × (1/4) = 3/4।
  2. 02पूर्ण संख्या × भिन्न: पहले पूर्ण संख्या को भाजक (हर) से विभाजित करें, फिर परिणाम को अंश से गुणा करें।
  3. 03ब्रह्मगुप्त का सूत्र (628 ईसवी): (a/b) × (c/d) = (a×c)/(b×d) — अंश × अंश, हर × हर।
  4. 04भिन्नात्मक भुजाओं वाले आयत का क्षेत्रफल उन भिन्नात्मक भुजाओं के गुणनफल के बराबर है।
  5. 05गुणा से पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड काटना (अपवर्तन): अंश और हर को उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित करें — उमास्वाति ने 150 ईसा पूर्व इसका उल्लेख किया था।
  6. 06गुणन का क्रम भिन्नों के लिए भी महत्त्वहीन है: (a/b) × (c/d) = (c/d) × (a/b)।
  7. 07जब गुणा की जाने वाली एक संख्या 0 और 1 के बीच हो तो गुणनफल दूसरी संख्या से छोटा होता है; जब 1 से बड़ी हो तो गुणनफल बड़ा होता है।
  8. 08भिन्न a/b का व्युत्क्रम b/a है; भिन्न को उसके व्युत्क्रम से गुणा करने पर 1 मिलता है।
  9. 09भिन्नों का विभाजन — ब्रह्मगुप्त का सूत्र: (a/b) ÷ (c/d) = (a/b) × (d/c) = (a×d)/(b×c)।
  10. 10जब भाजक 0 और 1 के बीच हो तो भागफल भाज्य से बड़ा होता है; जब भाजक 1 से बड़ा हो तो भागफल भाज्य से छोटा होता है।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

अध्याय 8 'भिन्नों के साथ कार्य करना' किस बारे में है?

यह अध्याय भिन्नों के गुणन (भिन्न × पूर्ण संख्या, पूर्ण संख्या × भिन्न, और भिन्न × भिन्न) और व्युत्क्रम द्वारा विभाजन को समेटता है, साथ ही गुणनफल और भागफल का मूल संख्याओं से आकार-तुलना और इन नियमों का भारतीय गणित में ऐतिहासिक आधार प्रस्तुत करता है।

02

भिन्न को पूर्ण संख्या से कैसे गुणा करते हैं?

पूर्ण संख्या को भिन्न के अंश से गुणा करें, हर अपरिवर्तित रखें। जैसे 3 × (1/4) = 3/4। वैकल्पिक रूप से: पूर्ण संख्या को पहले हर से विभाजित करें, फिर परिणाम को अंश से गुणा करें।

03

ब्रह्मगुप्त का भिन्न-गुणन सूत्र क्या है?

ब्रह्मगुप्त ने 628 ईसवी में अपने ब्राह्मस्फुटसिद्धांत में यह सूत्र दिया: (a/b) × (c/d) = (a×c)/(b×d)। अर्थात् अंशों को परस्पर और हरों को परस्पर गुणा करें।

04

आयत का क्षेत्रफल और भिन्न-गुणन में क्या संबंध है?

यदि किसी आयत की भुजाएँ भिन्न हों तो उसका क्षेत्रफल उन भिन्नात्मक भुजाओं के गुणनफल के बराबर होता है। एकांक वर्ग को पंक्तियों और स्तंभों में बाँटकर इसे दृश्य रूप में समझाया गया है।

05

गुणा करने से पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड काटना (अपवर्तन) क्या है?

गुणा करने से पहले किसी भी अंश और किसी भी हर को उनके उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित किया जा सकता है। जैसे (12/7) × (5/24): 12 और 24 का उभयनिष्ठ गुणनखंड 12 है, इसलिए (1/7) × (5/2) = 5/14। इसे अपवर्तन कहते हैं — उमास्वाति ने 150 ईसा पूर्व इसका उल्लेख किया था।

06

भिन्न का व्युत्क्रम क्या है और विभाजन में इसका उपयोग कैसे होता है?

भिन्न a/b का व्युत्क्रम b/a है। भिन्न को उसके व्युत्क्रम से गुणा करने पर 1 मिलता है। भिन्नों का विभाजन: (a/b) ÷ (c/d) = (a/b) × (d/c)। यह नियम ब्रह्मगुप्त (628 ईसवी) ने दिया और भास्कर द्वितीय ने लीलावती (1150 ईसवी) में स्पष्ट किया।

07

क्या दो भिन्नों का गुणनफल सदैव भिन्नों से छोटा होता है?

नहीं, सदैव नहीं। जब दोनों संख्याएँ 0 और 1 के बीच हों तो गुणनफल दोनों से छोटा होता है। जब एक 0–1 के बीच और दूसरी 1 से बड़ी हो तो गुणनफल बड़ी संख्या से छोटा किंतु छोटी संख्या से बड़ा होता है। जब दोनों 1 से बड़ी हों तो गुणनफल दोनों से बड़ा होता है।

08

1 से कम भिन्न से भाग देने पर क्या होता है?

जब भाजक 0 और 1 के बीच हो तो भागफल भाज्य से बड़ा होता है। जैसे 6 ÷ (1/4) = 24, जो 6 से बड़ा है। जब भाजक 1 से बड़ा हो तो भागफल भाज्य से छोटा होता है।

09

क्या भिन्नों के गुणन में क्रम से अंतर पड़ता है?

नहीं। भिन्नों के गुणन में क्रम महत्त्वहीन है: (a/b) × (c/d) = (c/d) × (a/b)। यह ब्रह्मगुप्त के सूत्र से भी सुसंगत है क्योंकि a×c = c×a और b×d = d×b।

10

इस अध्याय में भिन्न अंकगणित का ऐतिहासिक आधार क्या है?

अध्याय भिन्न-गणित को प्राचीन भारत से जोड़ता है: शुल्बसूत्र (लगभग 800 ईसा पूर्व) में ज्यामितीय निर्माणों के लिए भिन्नों का प्रयोग; उमास्वाति ने 150 ईसा पूर्व अपवर्तन का उल्लेख किया; ब्रह्मगुप्त ने 628 ईसवी में चारों संक्रियाओं के सामान्य नियम दिए; भास्कर द्वितीय ने 1150 ईसवी में विभाजन को और स्पष्ट किया। यह ज्ञान बाद में अरब, अफ्रीकी और यूरोपीय गणितज्ञों तक पहुँचा।

11

क्या गणित प्रकाश कक्षा 7 अध्याय 8 की पीडीएफ निःशुल्क डाउनलोड के लिए उपलब्ध है?

हाँ, यह पीडीएफ ncerthindi.com पर निःशुल्क उपलब्ध है। कोई पंजीकरण या भुगतान आवश्यक नहीं है।

Keep learning

More chapters in गणित (गणित प्रकाश)

गणित (गणित प्रकाश) कक्षा 7 गणित की NCERT पाठ्यपुस्तक (2026-27 संस्करण) — का अध्याय 8 ऑनलाइन मुफ़्त पढ़ें: NCERT द्वारा प्रकाशित पूरा अध्याय, हर चित्र, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास के साथ, चरण-दर-चरण समाधान, उत्तर और रिवीजन नोट्स के साथ। ऊपर दी गई NCERT PDF खोलें, या सभी NCERT कक्षा 7 पाठ्यपुस्तकें देखें।