सारांश
कक्षा 4 पर्यावरण अध्ययन एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (हमारी अद्भुत दुनिया) का अध्याय 5, "स्वास्थ्य के लिए भोजन", विद्यालय में आयोजित एक 'आहार मेले' की कथा के माध्यम से तीन खाद्य समूहों, आयुर्वेद के षड्-रस, श्री अन्न (मोटे अनाज), प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचने तथा संतुलित भोजन की आवश्यकता से परिचित कराता है।
- तीन खाद्य समूह और उनकी भूमिका — अध्याय बताता है कि भोजन तीन समूहों में बाँटा जाता है — ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ (चावल, गेहूँ, आलू, मक्का, केला, बाजरा, घी, तेल), देहवर्धक खाद्य पदार्थ (दालें, फलियाँ, सोयाबीन, दूध, पनीर, अंडे, माँस, मछली, बादाम, अखरोट) और सुरक्षा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ (नींबू, संतरा, गाजर, पपीता, पालक, आँवला, टमाटर, अमरूद)। किसी एकल खाद्य पदार्थ में सभी पोषक तत्व नहीं होते, इसलिए तीनों समूहों से विविध भोजन करना आवश्यक है।
- षड्-रस — आयुर्वेद के छह स्वाद — आहार मेले में 'अनूठा मसाला मिश्रण' स्टॉल पर उगादि पचड़ी के माध्यम से छह स्वादों का परिचय कराया गया है — मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा और कसैला। यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना का पारंपरिक व्यंजन है। आयुर्वेद में इन्हें 'षड्-रस' कहा जाता है और संतुलित भोजन में सभी छह स्वादों का होना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
- श्री अन्न — पोषक मोटे अनाज — अध्याय में ज्वार, बाजरा, रागी और जौ जैसे मोटे अनाजों को 'श्री अन्न' कहकर पोषण का समृद्ध स्रोत बताया गया है। परिवारों में परंपरागत रूप से सर्दियों में ज्वार-बाजरे की रोटी और गर्मियों में जौ की रोटी खाई जाती थी। मेले में विद्यार्थियों ने 'ज्वार उपमा' का स्वाद चखा।
- प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और संतुलित भोजन — सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, ब्रेड पकौड़ा, समोसा, बर्गर, पिज्जा और अत्यधिक प्रसंस्कृत डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में तेल, नमक और चीनी अधिक होती है; नियमित और अधिक मात्रा में खाने पर ये हानिकारक होते हैं। घर का बना ताजा भोजन कहीं अधिक अच्छा होता है। संतुलित थाली में सबसे अधिक सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थ (फल-सब्जियाँ), फिर देहवर्धक और फिर ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ होने चाहिए।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01तीन खाद्य समूह: ऊर्जावर्धक (चावल, गेहूँ, बाजरा), देहवर्धक (दालें, दूध, अंडे, मछली) और सुरक्षात्मक (फल व साग-सब्जियाँ)
- 02षड्-रस: मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा और कसैला — उगादि पचड़ी में सभी छह स्वाद एकसाथ होते हैं
- 03श्री अन्न (मोटे अनाज) — ज्वार, बाजरा, रागी, जौ — पोषण के समृद्ध स्रोत
- 04प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, बर्गर, पिज्जा) में तेल-नमक-चीनी अधिक होती है — सीमित मात्रा में लें
- 05संतुलित थाली में सबसे अधिक भाग सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थों का होना चाहिए
- 06'थाली में रंग-बिरंगा भोजन, सदा देगा स्वस्थ और आरोग्य जीवन' — अध्याय का मूल संदेश
- 07भोजन दैनंदिनी बनाने की गतिविधि: एक सप्ताह तक प्रातः, मध्याह्न और रात्रि भोजन का अभिलेखन
- 08पैकेट पर लगे लेबल पर समाप्ति तिथि और सामग्री अवश्य पढ़ें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 4 हमारी अद्भुत दुनिया के अध्याय 5 में कितने खाद्य समूह बताए गए हैं?
तीन खाद्य समूह बताए गए हैं — ऊर्जा देने वाले (चावल, गेहूँ, आलू, बाजरा, घी), देहवर्धक (दालें, दूध, अंडे, माँस, मछली, बादाम) और सुरक्षा देने वाले (फल व साग-सब्जियाँ जैसे नींबू, गाजर, पालक, आँवला)। अच्छे स्वास्थ्य के लिए तीनों समूहों से भोजन करना आवश्यक है।
02षड्-रस क्या है और इस अध्याय में इसे कैसे समझाया गया है?
षड्-रस आयुर्वेद में छह स्वादों को कहते हैं — मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा और कसैला। अध्याय में उगादि पचड़ी के माध्यम से यह अवधारणा प्रस्तुत की गई है। यह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना का पारंपरिक व्यंजन है जिसमें सभी छह स्वाद एकसाथ मिलते हैं।
03उगादि पचड़ी क्या है और इसे अध्याय में क्यों शामिल किया गया?
उगादि पचड़ी आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना का पारंपरिक व्यंजन है जिसमें छह अलग-अलग स्वाद होते हैं। अध्याय में इसे षड्-रस की अवधारणा समझाने के लिए 'अनूठा मसाला मिश्रण' स्टॉल पर प्रस्तुत किया गया है।
04श्री अन्न क्या होते हैं और इस अध्याय में इन्हें क्यों महत्व दिया गया?
श्री अन्न मोटे अनाजों को कहते हैं जैसे ज्वार, बाजरा, रागी और जौ। ये पोषक तत्वों के समृद्ध स्रोत हैं। परिवारों में परंपरागत रूप से सर्दियों में ज्वार-बाजरे की और गर्मियों में जौ की रोटी खाई जाती थी। मेले में विद्यार्थियों ने 'पोषक आहार की दुकान' स्टॉल पर ज्वार उपमा खाकर आनंद लिया।
05प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ कौन से हैं और इनसे क्यों बचना चाहिए?
सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, ब्रेड पकौड़ा, समोसा, बर्गर, पिज्जा और अत्यधिक प्रसंस्कृत डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री के उदाहरण हैं। इनमें तेल, नमक और चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए नियमित और अधिक मात्रा में खाने पर ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
06इस अध्याय में संतुलित थाली कैसी होनी चाहिए?
संतुलित थाली में तीनों खाद्य समूहों का समावेश होना चाहिए — सबसे अधिक सुरक्षात्मक खाद्य पदार्थ (फल और सब्जियाँ), फिर देहवर्धक खाद्य पदार्थ और फिर ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थ। रंग-बिरंगे भोजन से भरी थाली स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है।
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