सारांश
कक्षा 11 भौतिकी एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 8, "ठोसों के यांत्रिक गुण", प्रतिबल, विकृति, प्रत्यास्थता और हुक के नियम को समाहित करता है — यह बताता है कि बल लगने पर पदार्थ कैसे विरूपित होते हैं और बल हटने पर अपना मूल आकार वापस पा लेते हैं। भवनों, पुलों और संरचनात्मक अभियांत्रिकी अभिकल्पन के लिए ये गुण अनिवार्य हैं।
- प्रतिबल, विकृति और प्रत्यास्थता — ठोस पदार्थ लगाए गए बलों का प्रतिरोध प्रतिबल (प्रति इकाई क्षेत्रफल पुनर्स्थापना बल) तथा विकृति (विमा में आंशिक परिवर्तन) के माध्यम से करते हैं। प्रत्यास्थता से कोई पिंड बल हटने पर अपना मूल आकार प्राप्त कर लेता है, जबकि प्लास्टिकता में स्थायी विरूपण बना रहता है।
- हुक का नियम और प्रत्यास्थता गुणांक — प्रत्यास्थता सीमा के भीतर प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है। विरूपण के विभिन्न प्रकारों को यंग गुणांक, अपरूपण गुणांक तथा आयतन गुणांक द्वारा व्यक्त किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक एक विशेष प्रकार के प्रतिबल के प्रति प्रतिरोध मापता है।
- प्रतिबल-विकृति वक्र से अभिकल्पन तक — प्रतिबल-विकृति वक्र किसी पदार्थ की प्रत्यास्थ और प्लास्टिक अवस्थाओं से होते हुए विफलता तक की यात्रा दर्शाता है और भंगुर व तन्य व्यवहार में अंतर स्पष्ट करता है। ये गुण क्रेन-रस्सी, पुल के बीम और पर्वतों की अधिकतम ऊँचाई जैसे वास्तविक अभियांत्रिक निर्णयों का आधार बनते हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01प्रत्यास्थता वह गुण है जिससे पिंड बाहरी बल हटने पर अपना मूल आकार व आमाप पुनः प्राप्त कर लेते हैं; प्लास्टिकता में स्थायी विरूपण होता है
- 02प्रतिबल = F/A (प्रति इकाई क्षेत्रफल बल, SI मात्रक Pa); विकृति = ΔL/L (विमा-परिवर्तन का विमाहीन अनुपात)
- 03हुक का नियम: प्रतिबल = k × विकृति (प्रत्यास्थता सीमा के भीतर लघु विरूपणों के लिए); तीन प्रकार — अनुदैर्ध्य, अपरूपण, जलीय
- 04यंग गुणांक Y = (F/A)/(ΔL/L); धातुओं का Y अधिक होता है (इस्पात > तांबा > एल्युमीनियम); अपरूपण गुणांक G ≈ Y/3
- 05आयतन गुणांक B दाब और आयतन-परिवर्तन को संबंधित करता है; ठोस सबसे कम संपीड्य होते हैं, गैसें ~10 लाख गुना अधिक संपीड्य
- 06प्रतिबल-विकृति वक्र — प्रत्यास्थ क्षेत्र (O-A, हुक का नियम), प्रवाह बिंदु (B), प्लास्टिक विरूपण (B-D), परम तन्य सामर्थ्य (D), भंगुर व तन्य व्यवहार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01प्रत्यास्थता और प्लास्टिकता में क्या अंतर है?
प्रत्यास्थता वह गुण है जिससे कोई पिंड बाहरी बल हटने पर अपना मूल आकार और आमाप पुनः प्राप्त कर लेता है (जैसे, स्प्रिंग)। प्लास्टिकता वह गुण है जिसमें बल हटाने पर पिंड मूल आकार में नहीं लौटता और स्थायी विरूपण बना रहता है (जैसे, मिट्टी या पुट्टी)।
02हुक का नियम क्या है और यह कब मान्य होता है?
हुक के नियम के अनुसार लघु विरूपणों के लिए प्रतिबल, विकृति के सीधे समानुपाती होता है: प्रतिबल = k × विकृति, जहाँ k प्रत्यास्थता गुणांक है। यह नियम केवल प्रत्यास्थता सीमा (प्रतिबल-विकृति वक्र का O-A क्षेत्र) के भीतर मान्य है; इस सीमा के बाहर संबंध अरेखीय हो जाता है।
03इस्पात जैसी धातुओं में लंबाई में थोड़े परिवर्तन के लिए बड़े बल की आवश्यकता क्यों होती है?
धातुओं का यंग गुणांक बड़ा होता है (जैसे, इस्पात 2.0 × 10¹¹ N/m²)। यंग गुणांक पदार्थ की दृढ़ता मापता है — बड़े मान का अर्थ है पदार्थ अधिक दृढ़ है और विरूपण का अधिक प्रतिरोध करता है। अतः उच्च यंग गुणांक वाले पदार्थ में समान विकृति उत्पन्न करने के लिए अधिक बल आवश्यक है।
04क्या कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 8 की एनसीईआरटी PDF निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
हाँ, कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 8 की एनसीईआरटी PDF निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है। एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रकाशित की जाती हैं और सभी विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।
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