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कक्षा 7 गणित
अध्याय 5: समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ — समाधान
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अवलोकन
समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ के NCERT समाधान (अध्याय 5, NCERT कक्षा 7 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
हल किए गए
इन समाधानों में क्या है
- प्रतिच्छेदी रेखाओं के कोण — जब दो रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं तो चार कोण बनते हैं। शीर्षाभिमुख कोण (जैसे ∠a और ∠c) सदैव समान होते हैं तथा आसन्न रैखिक युग्म कोणों का योग सदैव 180° होता है। जब सभी चारों कोण 90° हों तो रेखाएँ लम्ब कहलाती हैं।
- समांतर रेखाएँ और तिर्यक रेखा — समतल पर वे रेखाएँ जो कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं, समांतर रेखाएँ कहलाती हैं। एक तिर्यक रेखा जब समांतर रेखाओं के युग्म को काटती है तो 8 कोण बनती है जिनमें संगत कोण, एकांतर कोण और अंतःकोण विशेष संबंध रखते हैं।
- संगत, एकांतर और अंतःकोण — समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा काटने पर संगत कोण समान होते हैं, एकांतर कोण भी समान होते हैं, और तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° होता है। ये संबंध विलोमत: भी सत्य हैं।
- समांतर रेखाओं की रचना — अध्याय में सेट स्क्वायर को खिसकाकर (संगत 90° कोण बनाते हुए) तथा कागज को मोड़कर (किसी बिंदु से दिए हुए रेखा पर लम्ब खींचकर फिर उस लम्ब पर लम्ब खींचकर) समांतर रेखाएँ बनाने की विधियाँ सिखाई गई हैं।
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