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कक्षा 11 गणित
अध्याय 2: संबंध एवं फलन — समाधान
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अवलोकन
संबंध एवं फलन के NCERT समाधान (अध्याय 2, NCERT कक्षा 11 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप संबंध एवं फलन की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
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इन समाधानों में क्या है
- कार्तीय गुणनफल से संबंध तक — यह अध्याय क्रमित युग्मों के कार्तीय गुणनफल से प्रारंभ करके समुच्चयों के बीच संबंध निर्मित करता है, फिर संबंध को उस गुणनफल के उपसमुच्चय के रूप में परिभाषित करता है — यह संरचना आपको बताती है कि एक समुच्चय के अवयव दूसरे से किस प्रकार जुड़ते हैं।
- संबंध को फलन क्या बनाता है — फलन एक विशेष संबंध है जिसमें प्रत्येक निवेश का ठीक एक प्रतिबिम्ब होता है, इसलिए प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता। यही भेद मनमाने प्रतिचित्रणों को उन सुव्यवस्थित फलनों से अलग करता है जिनकी कलन को आवश्यकता होती है।
- फलनों के प्रकार और उनका बीजगणित — यह अध्याय वास्तविक-मान फलनों का सर्वेक्षण करता है — बहुपद, परिमेय, मापांक, चिह्न, महत्तम पूर्णांक आदि — और दिखाता है कि नए फलन बनाने के लिए फलनों को स्वयं जोड़ा, घटाया, गुणा और भाग किया जा सकता है।
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