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समाधान

अवलोकन

सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण के NCERT समाधान (अध्याय 4, NCERT कक्षा 11 गणित) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।

हल किए गए

इन समाधानों में क्या है

  • संख्या निकाय का विस्तार क्यों — यह अध्याय सम्मिश्र संख्याओं को उन समीकरणों के समाधान के रूप में प्रेरित करता है जिनका वास्तविक निकाय में कोई हल नहीं है — a + ib के रूप में, जहाँ a वास्तविक और b काल्पनिक भाग है — ताकि वे द्विघाती समीकरणें भी हल हो सकें जो वास्तविक निकाय में अनुत्तरित रह जाती थीं।
  • सम्मिश्र संख्याओं का पूर्ण बीजगणित — यह अध्याय सम्मिश्र संख्याओं के लिए योग, व्यवकलन, गुणन और भाग विकसित करता है और दिखाता है कि परिचित बीजगणितीय तादात्म्यताएँ यहाँ भी मान्य हैं — यह स्थापित करते हुए कि यह नया संख्या-समुच्चय एक पूर्ण, संगत अंकगणित निकाय की तरह व्यवहार करता है।
  • आर्गंड तल में ज्यामिति — मापांक और संयुग्मी को आर्गंड तल के साथ प्रस्तुत किया जाता है जहाँ प्रत्येक सम्मिश्र संख्या एक बिंदु बन जाती है, जिससे अंकगणितीय संक्रियाओं को दूरी और परावर्तन का एक दृश्य, ज्यामितीय अर्थ मिलता है।
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