सारांश
कक्षा 5 पर्यावरण अध्ययन एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (हमारी अद्भुत दुनिया) का अध्याय 2, "एक नदी की यात्रा", गोदावरी नदी की उद्गम से डेल्टा तक की यात्रा का वर्णन करता है और यह बताता है कि नदियाँ कैसे बनती हैं, जीवन को कैसे पोषित करती हैं, प्रदूषित होती हैं और बाढ़ लाती हैं।
- नदी का उद्गम और प्रवाह — अध्याय में गोदावरी नदी की कहानी है, जो महाराष्ट्र के पश्चिमी घाटों में यंबकेश्वर से एक धारा के रूप में आरंभ होती है। मार्ग में उपनदियाँ — छोटी धाराएँ — मिलकर उसे विशाल और बलवती बनाती हैं। वह 1456 किलोमीटर की यात्रा करके बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
- बारहमासी और मौसमी नदियाँ — गोदावरी एक बारहमासी नदी है — यह वर्षभर अनवरत बहती है। कुछ नदियाँ केवल वर्षा-ऋतु में जल भरने पर प्रवाहित होती हैं; वे मौसमी नदियाँ कहलाती हैं।
- नदी मानव जीवन को कैसे पोषित करती है — नदियाँ पीने का जल, खाना पकाने और धुलाई के लिए जल, फसल उगाने हेतु सिंचाई और कारखानों के लिए जल उपलब्ध कराती हैं। नदी का जल पाइपों और नहरों द्वारा आस-पास के शहरों और गाँवों तक पहुँचाया जाता है।
- बाँध — लाभ और हानि — भारत में 900 से अधिक ऐसे बाँध हैं जो गोदावरी सहित अन्य नदियों का जल एकत्रित करते हैं। इससे सूखे में पीने और सिंचाई के लिए जल मिलता है और विद्युत उत्पादन होता है। परंतु बाँध बनने से वनों, प्राणियों और वहाँ के निवासियों की भूमि जलमग्न हो जाती है और उन्हें विस्थापित होना पड़ता है।
- नदी प्रदूषण और बाढ़ — अपशिष्ट, प्लास्टिक, दूषित जल और उर्वरक नदियों को प्रदूषित करते हैं। उर्वरक नदी की सतह पर हरित आवरण जैसी वृद्धि उत्पन्न करते हैं, जिससे जलीय जीवों का दम घुटने लगता है। अत्यधिक वर्षा से नदियाँ उफान लेकर बाढ़ लाती हैं।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01गोदावरी नदी महाराष्ट्र के पश्चिमी घाटों में यंबकेश्वर से उद्गमित होती है और गंगा के बाद भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है — यह 1456 किलोमीटर की यात्रा करके बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
- 02उपनदियाँ — छोटी धाराएँ — मार्ग में नदी से मिलकर उसे और अधिक विशाल और शक्तिशाली बनाती हैं।
- 03गोदावरी जैसी बारहमासी नदी वर्षभर बहती है, जबकि मौसमी नदियाँ केवल वर्षा-ऋतु में प्रवाहित होती हैं।
- 04जब नदी सागर में मिलती है तो वह अनेक छोटी धाराओं में बँट जाती है और नदीमुख-भूमि (डेल्टा) बनाती है; गोदावरी का डेल्टा कोरिंग मैंग्रोव वन में बनता है।
- 05भारत में 900 से अधिक बाँध नदियों का जल एकत्रित करते हैं; इससे पीने, सिंचाई और विद्युत उत्पादन में सहायता मिलती है, परंतु बाँध से वन और निवासी भी विस्थापित होते हैं।
- 06अपशिष्ट, प्लास्टिक, रसायन और उर्वरक नदियों को प्रदूषित करते हैं; उर्वरक हरित आवरण उत्पन्न करते हैं जिससे जलीय जीवों को साँस लेना कठिन हो जाता है।
- 07वृक्ष वर्षा जल को धीमा करते और भूमि को अवशोषित करने में सहायता करते हैं, जिससे बाढ़ में कमी आती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01गोदावरी नदी की यात्रा कहाँ से आरंभ होती है?
गोदावरी महाराष्ट्र के पश्चिमी घाटों में यंबकेश्वर के ब्रह्मगिरि की पहाड़ियों से एक छोटी धारा के रूप में आरंभ होती है। मार्ग में अन्य धाराएँ मिलकर उसे और विशाल बनाती जाती हैं।
02गोदावरी नदी कितनी लंबी है और वह कहाँ समाप्त होती है?
गोदावरी 1456 किलोमीटर की यात्रा करके बंगाल की खाड़ी में मिलती है। सागर में पहुँचकर वह अनेक छोटी धाराओं में बँट जाती है और कोरिंग मैंग्रोव वन में डेल्टा बनाती है।
03उपनदी क्या होती है?
उपनदी एक छोटी धारा होती है जो किसी बड़ी नदी से जाकर मिलती है। गोदावरी की यात्रा में मंजीरा, इंद्रावती और शबरी जैसी उपनदियाँ उससे जुड़ती हैं और उसे और विशाल बनाती हैं।
04बारहमासी और मौसमी नदी में क्या अंतर है?
बारहमासी नदी गोदावरी की तरह वर्षभर बहती है, जबकि मौसमी नदी केवल वर्षा-ऋतु में जल भरने पर प्रवाहित होती है।
05नदीमुख-भूमि (डेल्टा) क्या होती है और गोदावरी का डेल्टा कहाँ बनता है?
जब नदी सागर में मिलती है तो वह अनेक छोटी धाराओं में फैल जाती है और डेल्टा बनाती है। गोदावरी का डेल्टा कोरिंग मैंग्रोव वन में बनता है जहाँ मीठा जल समुद्र के लवणीय जल में मिलता है।
06गोदावरी को 'दक्षिण गंगा' क्यों कहा जाता है?
गोदावरी को दक्षिण गंगा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह दक्षिणी भारत से होकर प्रवाहित होती है और इसे पवित्र माना जाता है, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर में गंगा को।
07बाँध क्या है और यह नदी के किनारे रहने वाले लोगों को कैसे प्रभावित करता है?
बाँध एक विशाल भित्ति है जो नदी के प्रवाह को रोककर जलाशय में जल संग्रहित करता है। इससे सूखे में भी जल उपलब्ध होता है और विद्युत उत्पादन होता है, परंतु बाँध बनने से आस-पास की भूमि जलमग्न हो जाती है और लोगों और प्राणियों को अपना आवास छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ता है।
08उर्वरक नदियों को कैसे प्रदूषित करते हैं?
फसल उगाने में प्रयुक्त उर्वरक बहकर नदी के जल में मिल जाते हैं और पौधों तथा अन्य जीवों की वृद्धि बहुत तेज कर देते हैं। इससे नदी की पूरी सतह हरित आवरण से ढक जाती है, जिससे मछलियों को साँस लेना कठिन हो जाता है और जल पीने के लिए असुरक्षित हो जाता है।
09बाढ़ को कम करने में वृक्षों की क्या भूमिका है?
वृक्ष वर्षा जल की गति को धीमा करते हैं और मिट्टी को जल सोखने में सहायता करते हैं। जहाँ वृक्ष नहीं होते, वहाँ जल तेजी से बहकर बाढ़ का कारण बनता है।
10'नमामि गंगे' कार्यक्रम क्या है?
'नमामि गंगे' कार्यक्रम गंगा नदी को स्वच्छ रखने का प्रयास है ताकि व्यक्तियों, मछलियों और पक्षियों के लिए इसका जल उपयुक्त बना रहे।
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