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कक्षा 6 विज्ञान
अध्याय 9: दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ — समाधान
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अवलोकन
दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ के NCERT समाधान (अध्याय 9, NCERT कक्षा 6 विज्ञान) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।
हल किए गए
इन समाधानों में क्या है
- मिश्रण क्यों और कैसे पृथक किए जाते हैं — दैनिक जीवन में मिश्रणों के अवयव प्रायः आकार, रंग, भार या चुंबकीय गुण के आधार पर भिन्न होते हैं। इन्हीं अंतरों का उपयोग करके उचित विधि चुनी जाती है — जैसे थाली में कंकड़ हस्त चयन से, भूसी ओसाई से और चाय की पत्तियाँ निस्यंदन से अलग की जाती हैं।
- ठोस-ठोस मिश्रणों के पृथक्करण की विधियाँ — हस्त चयन से कम मात्रा में उपस्थित भिन्न दिखने वाले अवयव उठाए जाते हैं; थ्रेशिंग में पूलों को लट्ठे पर पीटकर दाने अलग किए जाते हैं; ओसाई (विनोइंग) में वायु की सहायता से हल्की भूसी उड़ा दी जाती है; तथा चालन से भिन्न आकार के ठोस कण अलग होते हैं।
- ठोस-द्रव और अन्य मिश्रणों का पृथक्करण — अवसादन में भारी अघुलनशील अवयव तली में बैठ जाते हैं, फिर निस्तारण से स्वच्छ द्रव उँडेला जाता है। निस्यंदन से अघुलनशील ठोस को छाना जाता है। वाष्पीकरण से घुले हुए ठोस पदार्थ (जैसे नमक) पीछे रह जाते हैं। मंथन से दही में से हल्का मक्खन अलग होता है और चुंबकीय पृथक्करण से लोहे जैसे चुंबकीय पदार्थ अलग किए जाते हैं।
- विधियों का संयोजन और व्यावहारिक उपयोग — दो से अधिक अवयवों वाले मिश्रणों को पृथक करने के लिए कई विधियाँ क्रमशः अपनानी पड़ती हैं। समुद्र के जल से नमक बनाने के लिए उथले गड्ढों में वाष्पीकरण, और मछली पकड़ने की जाली जैसी सामग्रियाँ निस्यंदन के व्यावहारिक उदाहरण हैं।
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