अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र— ऊर्जा, द्रव्य और जीवन
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कक्षा 9 विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 13, "पृथ्वी एक तंत्र— ऊर्जा, द्रव्य और जीवन", पृथ्वी को पाँच परस्पर क्रियाशील मंडलों — भूमंडल, जलमंडल, हिममंडल, वायुमंडल और जैवमंडल — के रूप में समझाता है, जिनमें सूर्य की ऊर्जा और द्रव्य निरंतर प्रवाहित होते हुए जीवन को बनाए रखते हैं।
- पृथ्वी के पाँच मंडल — पृथ्वी पाँच परस्पर क्रियाशील मंडलों के एकल तंत्र के रूप में कार्य करती है: भूमंडल, जलमंडल, हिममंडल, वायुमंडल और जैवमंडल। किसी एक मंडल में उत्पन्न विक्षोभ शेष सभी को प्रभावित करता है।
- सूर्य — तंत्र का चालक — सूर्य का विद्युत-चुंबकीय विकिरण — मुख्यतः पराबैंगनी, दृश्य और अवरक्त — प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है; पृथ्वी की सतह का असमान ताप पवनों, स्थानीय बयारों और गल्फ स्ट्रीम जैसी महासागरीय धाराओं को गति देता है।
- जैव-भूरासायनिक चक्र — जल, कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन चक्र पृथ्वी के जीवित और निर्जीव भागों के बीच आवश्यक पोषक तत्त्वों का निरंतर पुनर्चक्रण करते हैं, जीवन को बनाए रखते हैं और ग्रह की जलवायु को नियमित करने में सहायता करते हैं।
- पृथ्वी पर मानवीय प्रभाव — जीवाश्म ईंधन के दहन और वनोन्मूलन ने वायुमंडलीय CO₂ बढ़ाकर हरित गृह प्रभाव तीव्र किया और प्राकृतिक चक्रों को बाधित किया है, जबकि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत ओज़ोन परत की पुनर्प्राप्ति वैश्विक सहयोग की सफलता दर्शाती है।
मुख्य बिंदु और सूत्र
- 01पृथ्वी पाँच परस्पर क्रियाशील मंडलों में विभाजित है: भूमंडल, जलमंडल, हिममंडल, वायुमंडल और जैवमंडल; एक में विक्षोभ सभी को प्रभावित करता है।
- 02सूर्य का विद्युत-चुंबकीय विकिरण (पराबैंगनी, दृश्य और अवरक्त पट्टियों में केंद्रित) प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है; वायुमंडल के शीर्ष पर सौर स्थिरांक लगभग 1.4 kWm⁻² है।
- 03अक्षांश और गोलाकार आकृति के कारण पृथ्वी की सतह का असमान ताप ग्रहीय पवनों, स्थानीय बयारों (घाटी और पर्वत) और गायर तथा गल्फ स्ट्रीम जैसी महासागरीय धाराओं को जन्म देता है।
- 04जैव-भूरासायनिक चक्र — जल, कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन — अजैविक और जैविक घटकों के बीच आवश्यक पोषक तत्त्वों का पुनर्चक्रण करते हैं, जीवन को बनाए रखते हैं और जलवायु नियमन करते हैं।
- 05मानवीय गतिविधियों ने 1960 से अब तक वायुमंडलीय CO₂ में लगभग 35% की वृद्धि की है (315 ppm से 420 ppm तक), जिससे हरित गृह प्रभाव तीव्र हुआ है और जल, कार्बन तथा नाइट्रोजन चक्र बाधित हुए हैं।
- 06समतापमंडल में ओज़ोन परत हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है; मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत इसकी पुनर्प्राप्ति वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग की प्रभावशीलता को प्रमाणित करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
01कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 में वर्णित पृथ्वी तंत्र के पाँच मंडल कौन-कौन से हैं?
अध्याय पाँच परस्पर क्रियाशील मंडलों का वर्णन करता है: भूमंडल (ठोस चट्टानें, मिट्टी, स्थलरूप और पृथ्वी का आंतरिक भाग), जलमंडल (तरल सतही जल जैसे महासागर, नदियाँ और भूमिगत जल), हिममंडल (ठोस जल जैसे हिमालयी हिमनद और ध्रुवीय बर्फ), वायुमंडल (पृथ्वी को घेरने वाली परतदार वायु जिसमें मुख्यतः 78% नाइट्रोजन और 21% ऑक्सीजन है) और जैवमंडल (समस्त जीवित जीव और उनके आवास जिनमें वन, मैंग्रोव और महासागरीय प्लवक शामिल हैं)।
02पृथ्वी की सतह का असमान ताप पवनों और महासागरीय धाराओं को कैसे उत्पन्न करता है?
सौर विकिरण भूमध्यरेखीय क्षेत्र को ध्रुवों की तुलना में अधिक तीव्रता से गर्म करता है क्योंकि पृथ्वी गोलाकार है और सूर्य की किरणें विभिन्न अक्षांशों पर भिन्न कोणों पर पड़ती हैं। इससे वायुदाब में अंतर उत्पन्न होता है — भूमध्य रेखा पर जहाँ गर्म वायु ऊपर उठती है वहाँ निम्न दाब, और उपोष्णकटिबंधीय और ध्रुवीय क्षेत्रों में जहाँ ठंडी वायु नीचे उतरती है वहाँ उच्च दाब। वायु उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती है जिससे ग्रहीय पवनें बनती हैं। पृथ्वी का घूर्णन इन पवनों को विक्षेपित करता है (उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर, दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर)। इसी तरह पवनें महासागर की सतही जल को खींचती हैं और तापमान व लवणता में अंतर गहरी महासागरीय धाराएँ उत्पन्न करता है जो बड़े वृत्तीय प्रतिरूप (गायर) बनाती हैं।
03जैव-भूरासायनिक चक्र क्या हैं और ये क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
जैव-भूरासायनिक चक्र पृथ्वी के जीवित (जैविक) और निर्जीव (अजैविक) घटकों के बीच द्रव्य और ऊर्जा की चक्रीय गति है। इस अध्याय में वर्णित चार प्रमुख चक्र हैं: जल चक्र, कार्बन चक्र, नाइट्रोजन चक्र और ऑक्सीजन चक्र। ये कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसे आवश्यक पोषक तत्त्वों का पुनर्चक्रण करते रहते हैं जिससे जीवन को निरंतर सहारा मिलता है, जलवायु नियमित होती है और पृथ्वी के मंडलों में संतुलन बना रहता है। इन चक्रों का बाधित होना — जैसे जीवाश्म ईंधन से अतिरिक्त CO₂ या उर्वरकों से नाइट्रोजन की अधिकता — पारितंत्रों और मानव खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालता है।
04क्या एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 की PDF मुफ्त में डाउनलोड की जा सकती है?
हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 की PDF ncerthindi.com पर पूरी तरह मुफ्त डाउनलोड की जा सकती है। यह एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित 2026-27 का आधिकारिक 'अन्वेषण' संस्करण है।
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