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कक्षा 9 विज्ञान

अध्याय 12: जीवजगत का स्वरूप— विविधता एवं वर्गीकरण — समाधान

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समाधान

अवलोकन

जीवजगत का स्वरूप— विविधता एवं वर्गीकरण के NCERT समाधान (अध्याय 12, NCERT कक्षा 9 विज्ञान) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप जीवजगत का स्वरूप— विविधता एवं वर्गीकरण की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।

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इन समाधानों में क्या है

  • पृथ्वी पर जैवविविधता — जैवविविधता पृथ्वी पर जीवों की अपार विविधता है। भारत वैश्विक जैवविविधता का केंद्र है जहाँ पश्चिमी घाट, हिमालय और इंडो-बर्मा जैसे क्षेत्रों में अनेक स्थानीय प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • पाँच जगत — वर्गीकरण अरस्तू के दो समूहों से विकसित होकर व्हिटेकर (1969) के पाँच जगत तक पहुँचा — मोनेरा, प्रोटिस्टा, कवक, पादप और जंतु — जो कोशिका प्रकार, संगठन स्तर और पोषण प्रकार के आधार पर वर्गीकृत हैं।
  • पौधों और जंतुओं का वर्गीकरण — पादप जगत थैलोफाइटा से एंजियोस्पर्म तक फैला है जो स्थलीय जीवन के अनुकूल पुष्पी पौधों की ओर विकासक्रम दर्शाता है। जंतु जगत पृष्ठरज्जु की उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर अकशेरुकी (आठ संघ) और कशेरुकी (मछली, उभयचर, सरीसृप, पक्षी, स्तनधारी) में विभाजित है।
  • नामकरण और प्रमाण — लिनीयस की द्विनाम नामकरण पद्धति प्रत्येक जीव को एक सार्वभौमिक दो-भागीय लैटिन नाम देती है जिससे क्षेत्रीय नाम भ्रम दूर होता है। जीवाश्म यह दर्शाते हैं कि जीवन कैसे बदला, जबकि मानवीय गतिविधियाँ अब जैवविविधता को खतरे में डाल रही हैं।
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