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कक्षा 12 जीव विज्ञान

अध्याय 13: जैव-विविधता एवं संरक्षण

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अवलोकन

सारांश

कक्षा 12 जीव विज्ञान एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक का अध्याय 13, "जैव-विविधता एवं संरक्षण", जैव-विविधता के तीन स्तरों (आनुवंशिक, जातीय, पारिस्थितिक) की व्याख्या करता है, साथ ही जातीय वितरण के प्रतिरूप, जैव-विविधता ह्रास के कारण तथा स्वस्थाने एवं बहिःस्थाने संरक्षण की रणनीतियाँ प्रस्तुत करता है।

  • जैव-विविधता के स्तरजैव-विविधता तीन स्तरों पर मौजूद है — किसी एक जाति के भीतर आनुवंशिक विविधता, किसी क्षेत्र में जातियों के बीच जातीय विविधता, और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता — जो जीनों से लेकर पूरे पारितंत्र तक जीवन के हर स्तर की विभिन्नता को समेटती है।
  • जैव-विविधता के वैश्विक प्रतिरूपजाति-समृद्धि उष्णकटिबंध में अधिकतम होती है और ध्रुवों की ओर कम होती जाती है। भारत एक वृहत-विविधता (mega-diversity) राष्ट्र है — सीमित भूमि क्षेत्र के बावजूद विश्व की जातियों का बड़ा हिस्सा यहाँ पाया जाता है, यद्यपि अभी तक ज्ञात जातियों का केवल एक अंश ही वर्णित किया जा सका है।
  • जैव-विविधता ह्रास के कारणविलोपन दर अब प्राकृतिक स्तर से बहुत अधिक है, जिसे 'दुष्ट चतुष्टय' (Evil Quartet) द्वारा संचालित किया जा रहा है — आवास-क्षति, अति-दोहन, विदेशी जाति आक्रमण, और सह-विलोपन — जो मिलकर पृथ्वी की जैविक संपदा को खतरे में डाल रहे हैं।
  • संरक्षण की रणनीतियाँजातियों की रक्षा या तो स्वस्थाने (in situ) की जाती है — जहाँ हॉटस्पॉट, राष्ट्रीय उद्यान और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों के माध्यम से प्राकृतिक आवास में सुरक्षा दी जाती है — या बहिःस्थाने (ex situ), जहाँ चिड़ियाघर, बीज बैंक, और क्रायोसंरक्षण द्वारा संकटग्रस्त जीवों को बचाया जाता है।
मुख्य बातें

मुख्य बिंदु और सूत्र

  1. 01जैव-विविधता तीन स्तरों पर होती है: आनुवंशिक विविधता (उदा., भारत में 50,000 से अधिक चावल की किस्में), जातीय विविधता (उदा., पश्चिमी घाट बनाम पूर्वी घाट के उभयचर), और पारिस्थितिक विविधता (उदा., भारत के मरुस्थल, वर्षावन, प्रवाल भित्तियाँ)।
  2. 02रॉबर्ट मे के अनुमान के अनुसार विश्व में लगभग 70 लाख जातियाँ हैं; IUCN 2004 के अनुसार अब तक केवल लगभग 15 लाख जातियाँ ही औपचारिक रूप से वर्णित की जा सकी हैं।
  3. 03जाति-समृद्धि एक अक्षांशीय प्रवणता (latitudinal gradient) दर्शाती है — उष्णकटिबंध से ध्रुवों की ओर घटती है; अमेज़ॉनी वर्षावन पृथ्वी पर सर्वाधिक जैव-विविधता का केंद्र है।
  4. 04वर्तमान जाति-विलोपन दर मानव-पूर्व दर से 100 से 1,000 गुना अधिक है; 'दुष्ट चतुष्टय' (Evil Quartet) में शामिल हैं — आवास-क्षति, अति-दोहन, विदेशी जाति आक्रमण, और सह-विलोपन।
  5. 05स्वस्थाने संरक्षण (in situ conservation) में प्राकृतिक आवास में सुरक्षा दी जाती है — जैव-विविधता हॉटस्पॉट (विश्व में 34, जिनमें से तीन भारत में), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान और पवित्र उपवन (sacred groves) इसके उदाहरण हैं।
  6. 06बहिःस्थाने संरक्षण (ex situ conservation) में संकटग्रस्त जातियों को उनके आवास से हटाकर चिड़ियाघरों, वानस्पतिक उद्यानों, बीज बैंकों, क्रायोसंरक्षण, और ऊतक संवर्धन (tissue culture) के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है।
प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

01

एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान अध्याय 13 में जैव-विविधता के कितने स्तर बताए गए हैं?

तीन स्तर बताए गए हैं: आनुवंशिक विविधता (एक ही जाति के भीतर विभिन्नता, उदा., भारत में 50,000 से अधिक चावल की किस्में), जातीय विविधता (किसी एक स्थान पर जातियों के बीच विभिन्नता, उदा., पश्चिमी घाट में पूर्वी घाट की तुलना में अधिक उभयचर जाति-विविधता), और पारिस्थितिक विविधता (पारितंत्रों की विविधता, उदा., भारत के मरुस्थल, मैंग्रोव, वर्षावन और प्रवाल भित्तियाँ)।

02

'दुष्ट चतुष्टय' (Evil Quartet) क्या है?

'दुष्ट चतुष्टय' जाति-विलोपन में तेजी लाने वाले चार प्रमुख कारणों को कहते हैं: (i) आवास-क्षति और विखंडन, (ii) प्राकृतिक संसाधनों का अति-दोहन, (iii) विदेशी जातियों का आक्रमण (उदा., विक्टोरिया झील में नील पर्च ने 200 से अधिक सिक्लिड जातियों को समाप्त कर दिया), और (iv) सह-विलोपन, जहाँ एक जाति के विलुप्त होने से उससे अनिवार्य रूप से जुड़ी अन्य जातियाँ भी विलुप्त हो जाती हैं।

03

स्वस्थाने (in situ) और बहिःस्थाने (ex situ) संरक्षण में क्या अंतर है?

स्वस्थाने संरक्षण में जातियों को उनके प्राकृतिक आवास में ही सुरक्षित किया जाता है — उदाहरण के लिए जैव-विविधता हॉटस्पॉट, राष्ट्रीय उद्यान, जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र और पवित्र उपवन। बहिःस्थाने संरक्षण में संकटग्रस्त जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से हटाकर प्राणी उद्यान, वानस्पतिक उद्यान, बीज बैंक, और क्रायोसंरक्षण व ऊतक संवर्धन जैसी तकनीकों के माध्यम से नियंत्रित परिवेश में सुरक्षित रखा जाता है।

04

क्या एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान अध्याय 13 की पीडीएफ निःशुल्क डाउनलोड होती है?

हाँ, एनसीईआरटी कक्षा 12 जीव विज्ञान अध्याय 13 की पीडीएफ ncerthindi.com पर बिल्कुल निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है।

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