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समाधान

अवलोकन

आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण के NCERT समाधान (अध्याय 11, NCERT कक्षा 8 विज्ञान) — हर प्रश्न और उत्तर सिर्फ़ अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि पूरी तरह चरण-दर-चरण हल किया गया। आप आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण की पाठ्यपुस्तक का अध्याय भी पढ़ सकते हैं।

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इन समाधानों में क्या है

  • चंद्रमा का आकार क्यों बदलता है — चंद्रमा केवल सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके चमकता है और उसका केवल आधा भाग — जो सूर्य की ओर है — प्रकाशित होता है। जैसे-जैसे वह पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता है, दिखाई देने वाला प्रकाशित अंश बदलता रहता है और लगभग 29.5 दिन में नवचंद्र से पूर्णिमा और पुनः अमावस्या तक का चक्र पूरा होता है।
  • पंचांगों के पीछे आकाशीय चक्र — दैनिक सौर चक्र, मासिक चंद्र चक्र और वार्षिक ऋतु चक्र सभी पंचांगों का आधार हैं। चंद्र पंचांग ऋतुओं से पिछड़ता है, इसलिए लूनी-सौर पंचांग प्रति 2-3 वर्ष में एक अधिक मास जोड़ते हैं, जबकि सौर पंचांग प्रत्येक चार वर्ष में एक लीप दिन जोड़ता है।
  • भारत और विश्व के पंचांग — भारत में कई पंचांग प्रचलित हैं: ग्रेगोरियन सौर पंचांग, सूर्य सिद्धांत पर आधारित और वसंत-विषुव के आस-पास से शुरू होने वाला भारतीय राष्ट्रीय पंचांग तथा लूनी-सौर पद्धतियाँ जो दीपावली और होली जैसे अनेक त्योहारों को चंद्रमा की कलाओं से जोड़ती हैं।
  • उपग्रह समय और निगरानी में — कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी से लगभग 800 km ऊपर कक्षा में रहते हैं और लगभग 100 मिनट में एक परिक्रमा पूरी करते हैं। ये संचार, नौपरिवहन, मौसम निगरानी, आपदा प्रबंधन और अनुसंधान में काम आते हैं। इसरो ने अनेक ऐसे उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं।
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